‘नोट के बदले वोट’ केस ने सोरेन परिवार की बढ़ाई मुसीबत

पटना। झारखंड के शिबू सोरेन परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 1998 के जेएमएम रिश्वत मामले में अपने बहुमत के फैसले को खारिज किया है।

इस फैसले पर गौर करे तो इसमें कहा गया था कि सांसदों/विधायकों को वोट देने या सदन में एक खास तरह से भाषण देने के लिए रिश्वत लेने पर कानूनी कार्रवाई से छूट दी जाती है लेकिन अब ये फैसला खारिज हो गया है।

ऐसे में झारखंड के शिबू सोरेन परिवार को एक और बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। देश की शीर्ष अदालत के फैसले के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) चीफ शिबू सोरेन की बड़ी बहू और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन के लिए आने वाले दिन काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं।

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