यूपी और पंजाब में एक-एक सीट जीतने के बाद मायावती ने क्या कहा?

जुबिली न्यूज डेस्क

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में उत्तर प्रदेश और पंजाब के नतीजे हैं। यूपी में जहां भाजपा दोबारा सरकार बनाने जा रही है तो वहीं पंजाब की सत्ता में पहली बार आई आम आदमी पार्टी ने अपने प्रदर्शन से सबको हैरान कर दिया है।

बात यूपी की करते हैं। वैसे तो यूपी में मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच ही था लेकिन 2007 में अपने दम पर यूपी की सत्ता में आई बहुजन समाज पार्टी की भी चर्चा करना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को महज एक सीट पर जीत मिली है। साल 2017 में बीएसपी का वोट शेयर

22 प्रतिशत था जो इस बार कम होकर 12.8 फीसदी हो गया है।

वहीं पंजाब में बीएसपी का शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन था। बीएसपी को पंजाब में भी एक सीट मिली है और वोट शेयर 1.7 प्रतिशत रहा।

यह भी पढ़ें :  ‘UP में जीत 80-20 की है और यह माहौल लंबे समय तक रहेगा’

यह भी पढ़ें :  उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे पर क्या बोले अखिलेश ?

यह भी पढ़ें :  …तो पश्चिमी यूपी में जाट-मुसलमान एकता काम आई?

पंजाब में देश के सभी राज्यों की तुलना में दलितों का वोट शेयर सबसे अधिक है। चुनाव के दौरान भी बीएसपी कैंपेन से बाहर रही थी।

यूपी में बीजेपी का वोट शेयर 2017 में 39.7 प्रतिशत था जो इस बार चुनाव में बढ़कर बढ़कर 42 प्रतिशत हो गया है। कहा जा रहा है कि बीएसपी का दलित वोट बीजेपी में शिफ्ट किया है।

मालूम हो कि साल 2007 में यूपी विधानसभा चुनाव में बीएसपी को 206 सीटों पर जीत मिली थी।

उत्तर प्रदेश चुनाव में मिली करारी हार के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को बयान जारी किया। अपने बयान में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, ”उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा की उम्मीद के विपरीत जो नतीजे आए हैं, उससे घबराकर पार्टी के लोगों को टूटना नहीं है। उसके सही कारणों को समझकर और सबक सीखकर हमें अपनी पार्टी को आगे बढ़ाना है और आगे चलकर सत्ता में जरूर आना है।”

यह भी पढ़ें : सीएम योगी ने लिखी नई इबारत, तोड़े कई मिथक

यह भी पढ़ें : पंजाब में आप की सुनामी से हतप्रभ हैं सभी दल

यह भी पढ़ें : इस बार जीत का मौसम विज्ञान समझ नहीं पाए स्वामी प्रसाद मौर्य

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा, ” पूरी प्रदेश से मिले फीडबैक के अनुसार, जातिवादी मीडिया ने अपनी अनवरत गंदी साजिशों और प्रायोजित सर्वे के साथ नकारात्मक प्रचार के जरिए मुस्लिम समाज के अलावा भाजपा विरोधी हिन्दू समाज को भी गुमराह किया है। ये प्रचार किया कि बीएसपी बीजेपी की बी टीम है। मीडिया ने प्रचार किया कि हम मजबूती से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।”

Related Articles

Back to top button