…तो कर्नाटक में अब किसी तरह के राजनीतिक संकट नहीं है?

जुबिली न्यूज डेस्क

पिछले काफी दिनों से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा चर्चा में है। उनके अपने ही विधायक और नेता उनके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है।

हांलाकि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने किसी तरह के राजनीतिक संकट से शुक्रवार को इनकार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा आलाकमान पार्टी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ए एच विश्वनाथ के हालिया ‘खुले बयान’ को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई पर फैसला करेगा।

येदियुरप्पा के इन दावों में कितनी सच्चाई है यह तो आने वाला वक्त बतायेगा लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाये जाने की अटकलों के बीच बीजेपी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह की यात्रा के दौरान सत्तारूढ़ पार्टी में असंतोष खुल कर सामने आ गया है।

मालूम हो कर्नाटक के भाजपा एमएलसी ए एच विश्वनाथ ने मीडिया से बातचीत में येदियुरप्पा को लेकर बड़ा बयान दिया था, जिसके बाद से भाजपा के भीतर मची रार सामने आ गई थी।

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वहीं मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने विश्वनाथ के इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया कि उनके छोटे बेटे एवं पार्टी उपाध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र की प्रशासन में दखलअंदाजी है तथा एक सिंचाई परियोजना में रिश्वत ली गई।

येदियुरप्पा ने कहा, ”कोई राजनीतिक संकट नहीं है…जो कुछ हो रहा है वह महज इसलिए कि एक या दो लोग (विधानमंडल सदस्य) मीडिया में कुछ कह रहे हैं, इससे गलतफहमी पैदा हो रही है…इन एक-दो लोगों का मेरे खिलाफ बोलना कोई नयी बात नहीं है, वे शुरूआत से ही ऐसा कर रहे हैं…। ”

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि करीब 60 विधायकों ने बृहस्पतिवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरूण सिंह से मुलाकात की, लेकिन बयान देने वाले इन एक-दो लोगों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

गौरतलब है कि कुछ समय से ये अटकलें जोरों पर हैं कि सत्तारूढ़ भाजपा का एक हिस्सा येदियुरप्पा को पद से हटाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि सिंह ने मुख्यमंत्री को पद से हटाये जाने की संभावना से इनकार किया है और जोर देते हुए कहा कि येदियुरप्पा शीर्ष पद पर बने रहेंगे।

हुबली-धारवाड़ पश्चिम से विधायक अरविंद बेलाड और विजयपुरा विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल के बारे में भी बताया जा रहा है कि वे बृहस्पतिवार को सिंह से नहीं मिले। ये दोनों विधायक उस गुट से हैं, जो येदियुरप्पा को हटाने की मांग कर रहा है।

वहीं, विश्वनाथ के बयान पर टिप्पणी नहीं करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि पार्टी आलाकमान यह फैसला करेगा कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।

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