कोरोना : रेमेडिसविर इंजेक्शन के दामों को लेकर सरकार ने लिया ये फैसला

जुबिली स्पेशल डेस्क 

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे है। सरकार की हर कोशिशें कारगर होती नज़र नहीं आ रही है। आलम तो ये है कि हर दिन दो लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे है।

उधर केंद्र सरकार ने कोरोना इलाज में कारगर दवा रेमेडिसविर इंजेक्शन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दरअसल मोदी सरकार ने रेमेडिसविर (Remdesivir) इंजेक्शन कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है।

इसके बाद कंपनियों ने दाम 70 फीसदी तक घटा दिए है। बता दे कि सरकार ने बढ़ती मांग को देखते हुए रेमेडिसविर दवा के उत्पादन को बढ़ाने का फैसला पहले किया था।

रेमडेसिविर दवा क्यों है कारगर

रेमडेसिविर दवा को Gilead Sciences ने इबोला वायरस के इलाज के लिए किया था। अब कोरोना इलाज में इसको कारगर माना जा रहा है।
रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया है कि यह उस एन्जाइम को ब्लॉक करती है जो कोरोना वायरस की कॉपी बनाने में मदद करता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रेमडेसिविर को लेकर क्या कहा

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रेमडेसिविर को लेकर कहा था कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर से बचना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चले की कोरोना के मरीज की हालत ठीक होती है।

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गाइडलाइन में कहा गया कि पैनल को ऐसे सबूतों की कमी दिखी, जिनमें ये बताया गया हो कि रेमेडिसविर ने मृत्यु दर को कम किया या वेंटिलेशन की जरूरत को कम किया हो। डब्ल्यूएचओ (WHO) के दावों के उलट दवा बनाने कंपनी ने रेमडेसिविर के पक्ष में दलील देते हुए कहा कि दवा कोरोना के इलाज में कारगर हैं।

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देश में हर दिन कोरोना का तांडव बढ़ रहा है। पिछले तीन दिनों से लगातार कोरोना संक्रमण के मामले दो लाख से ऊपर आ रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर भारत में हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। वर्ल्डोमीटर के अनुसार भारत में शुक्रवार रात 12 बजे तक 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 2,33,757 नए मामले सामने आए, जिससे भारत में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,45,21,683 हो गई है।

 

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