गोडसे आतंकी या देशभक्त ? सियासत फिर शुरू

जुबिली न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की राजनीति में गोडसे फिर से केंद्र बन गया है। गोडसे ज्ञानशाला  के जरिए हिंदुवादी संगठन एक बार फिर अपने एजेंडे पर आगे बढ़े हैं । और इसके बाद शुरू हुई बयानबाजी ने मध्यप्रदेश का सियासी पारा और ऊपर बढ़ा दिया है ।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देश का पहला आतंकवादी करार दिया है. तो भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से देशभक्तों से दुर्व्यवहार करती रही है. कांग्रेस ने तो भगवा आतंक भी कहा था.

सीहोर रेलवे स्टेशन पर 100 फुट ऊंचे राष्ट्र ध्वज का लोकार्पण करने गईं साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि सभी राष्ट्र भक्त अपने-अपने तरीके से काम करते हैं, इसे लेकर विवाद नहीं खड़ा किया जाना चाहिए.

दरअसल हिन्दू महासभा ने ग्वालियर के दौलतगंज स्थित अपने दफ्तर में 10 जनवरी को नाथूराम गोडसे की ज्ञानशाला शुरू की थी. ग्वालियर के जिला प्रशासन ने 12 जनवरी को महात्मा गांधी के नाम पर चलाई जा रही इस कार्यशाला को बंद करा दिया था.

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ग्वालियर के एडीएम किशोर कन्याल ने न सिर्फ इस कार्यशाला को बंद करा दिया बल्कि इलाके में धारा 144 लगाते हुए हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वहां शांति भंग नहीं होनी चाहिए.

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