तो क्या महाराष्ट्र के अस्पतालों में नहीं है बेड

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क

भारत में लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोलने की कोशिशों के बीच कोरोनावायरस पीड़ितों की संख्या में इजाफा जारी है। पिछले 24 घंटे में 9887 नए कोरोना के केस सामने आए हैं। इसी के साथ अब संक्रमितों की संख्या 2 लाख 36 हजार 657 पर पहुंच गई।

देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों की बात की जाए, तो महाराष्ट्र में हालात काफी खराब हैं। यहां अब पीड़ितों की संख्या 80 हजार से ज्यादा है। वहीं, 24 घंटे में 139 नई मौतों के साथ अब मृतकों की संख्या 2710 हो गई है। राज्य में पिछले 20 दिनों से लगातार हर दिन दो हजार नए केस सामने आ रहे हैं।

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महाराष्‍ट्र के लगभग सभी अस्‍पताल कोरोना संक्रमित मरीजों से भर चुके हैं। हालात इतने खराब हैं कि एक-एक बेड पर दो या उससे ज्यादा मरीज़ हैं। कोरोना वायरस के दौर में सोशल डिस्टेंसिंग की दुहाई दी जा रही है लेकिन यहां सारे नियम पीछे छूटते दिख रहे हैं। कई जगह से ऐसी तस्‍वीरें आई हैं जहां मरीजों के साथ डेड बॉडी को भी रखा गया है।

वो तब जब उद्धव सरकार ने इस महामारी से निपटने के लिए राज्य के प्राइवेट अस्पतालों के 80 फीसदी से ज्यादा बिस्तरों को कोरोना के इलाज के लिए ले लिया है। इसके बाद भी सैंकड़ों ऐसे मरीज हैं, जिन्‍हें अस्‍पताल में बेड नहीं मिल रहा है। इस बात का अंदाज आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित बॉलीवुड प्रोड्यूसर अनिल सूरी  को अस्‍पताल ने बेड देने से इनकार कर दिया और उनकी मौत हो गई।

कई सुपर​हिट और यादगार फिल्‍में दे चुके अनिल सूरी के भाई राजीव सूरी ने बताया​ कि अनिल की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें पहले लीलावती, फिर हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। लेकिन दोनों चिकित्सा संस्थानों में उन्हें बेड देने से मना किया गया था। इसके बाद अनिल को आखिर में एडवांस मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां पर उन्हें बुधवार को वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन शुक्रवार की शाम लगभग 7 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

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अनिल सूरी को अस्‍पताल में बेड न मिलने को लेकर महाराष्‍ट्र सरकार की काफी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब बड़ी हस्‍तियों को अस्‍पतालों में बेड नहीं मिल रहा है तो आम आदमी की क्‍या स्थिति होगी।

इससे पहले बॉलीवुड एक्‍टर इरफान खान और ऋषि कपूर के निधन के दौरान भी सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चाएं शुरू हो गई थी कि अगर दोनों स्‍टार को सही समय पर इलाज मिलता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।

स्‍वास्‍थ्‍य मामलों के जानकार ओम कुमार कहना है कि कोरोना संकट के बीच अस्‍पतालों की हालत काफी चिंता जनक है। महाराष्‍ट्र के कई अस्‍पताल मरीजों से भर चुके हैं और बेड खाली नहीं है। इसका असर अन्‍य रोगों से ग्रसित मरीजों पर भी पड़ रहा है। केंसर जैसे बीमारियों से पीड़ित मरीज सही समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत का शिकार हो रहे हैं।

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