महाराष्ट्र की सियासत में बढ़ी हलचल पर पवार ने क्या कहा?

  • एक बार फिर खतरे में दिख रही है महाराष्ट्र  की महाविकास आघाडी सरकार
  • महाराष्ट्र  में  मातोश्री से राजभवन में बैठकों और मुलाकातों का दौर जारी 
  • एनसीपी प्रमुख शरद पवार और सीएम उद्धव ठाकरे के बीच सोमवार शाम डेढ़ घंटे तक हुई गुप्त मंत्रणा

न्यूज डेस्क

महाराष्ट्र  में उद्धव सरकार एक साथ कई मोर्चें पर लड़ाई लड़ रही है। एक ओर कोरोना महामारी की वजह से महाराष्ट्र  सरकार हलकान है तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष के वार से परेशान है। एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासत में भी हलचल तेज हो गई है। पक्ष-विपक्ष दोनों ओर बैठकों का दौर जारी है। मातोश्री से लेकर गर्वनर हाउस में हलचल तेज हो गई है।

दरअसल वर्तमान में जो हालात दिख रहे हैं उससे उससे ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। यह कयास यूं ही नहीं है। महाराष्ट्र  में मातोश्री से लेकर राजभवन तक बैठकों का दौर जारी है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार जहां राज्यपाल से मिले, वहीं मातोश्री में भी उद्धव ठाकरे के साथ करीब डेढ़ घंटे तक मंत्रणा करते रहे।

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दूसरी ओर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता नारायण राणे ने भी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बीच बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। चर्चा है कि इसके बाद वह गवर्नर कोश्यारी से मिलेंगे। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मंगलवार को सुबह एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बयान जारी कर कहा कि उद्धव सरकार के ऊपर कोई खतरा नहीं है। कांग्रेस की मदद से सरकार स्थिर है। जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वह बेबुनियाद हैं।

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बातचीत में राज्यपाल से मुलाकात पर कहा कि मैं राज्यपाल से मिलने जरूर गया था, लेकिन यह शिष्टाचार भेंट थी। तमाम विषयों पर उनसे बातचीत हुई। मुझसे राज्यपाल ने कहा कि सीएम उद्धव ठाकरे अच्छा काम कर रहे हैं।

वहीं मुख्यमंत्री उद्धव से मातोश्री में हुई बैठक पर कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति पर बातचीत के लिए उद्धव से मिलने गए थे। कोरोना को लेकर यह बैठक हुई। मालेगांव में कोरोना की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बाला साहेब की यादें भी ताजा हुईं।

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वहीं महाराष्ट्र  के सियासी हालात पर राजनीतिक विश्लेषक सुशील वर्मा कहते हैं महाराष्ट्र  में सियासी अस्थिरता लगातार बनी हुई है। सरकार गठन होने के बाद से शायद ही कोई महीना ऐसा बीता हो जब उद्धव सरकार पर खतरा न बताया गया है। हर बार ऐसे कयास लगाए जाते हैं और सत्ता पक्ष को सामने आकर सरकार को कोई खतरा नहीं है, का बयान देना पड़ता है।

वह कहते हैं कि इस बार भी यदि एनसीपी प्रमुख को आगे आकर बयान देना पड़ा है तो कुछ तो महाराष्ट्र  की सियासत में खिचड़ी पक रही है।

राउत ने वरोधियों पर साधा निशाना

शिवसेना सांसद संजय राउत तो अक्सर ट्विटर के माध्यम से विरोधियों पर निशाना साधते रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने मंगलवार को  विरोधियों पर निशाना साधा है।

राउत ने ट्विटर पर कहा है कि कोरोना का इलाज और ठाकरे सरकार को गिराने का डोज अबतक विरोधियों को नहीं मिला है, संशोधन जारी है। विरोधी खुद ही क्वारंटीन हो जाएं यही सही रहेगा। महाराष्ट्र को अस्थिर करने का प्रयास सफल नहीं होगा।

संजय राउत ने आगे कहा, अगर राज्य और देश में पवार जी और उद्धव जी जैसे प्रमुख नेता बैठते हैं और बातचीत करते हैं, तो किसी को भी परेशान नहीं होना चाहिए। मैंने अमित शाह या गडकरी से इसके बारे में (राष्ट्रपति शासन) कोई बात नहीं सुनी है, इसलिए मैं किसी भी बात को कैसे मानूं?

इसके साथ ही संजय राउत ने कहा कि शरद पवार और सीएम उद्धव ठाकरे ने कल शाम मातोश्री में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने डेढ़ घंटे तक बातचीत की। अगर कोई सरकार की स्थिरता के बारे में खबरें फैला रहा है, तो इसे उनके पेट का दर्द माना जाना चाहिए। सरकार को कोई चिंता नहीं है।

बीजेपी हुई आक्रामक

महाराष्ट्र में बीजेपी आए दिन सरकार को किसी न किसी मुद्दे के बहाने घेरती रही है। इस बार कोरोना संक्रमण के मामले को लेकर बीजेपी उद्धव सरकार पर हमलावर है। बीजे शुक्रवार को बीजेपी ने उद्धव सरकार के खिलाफ विरोध का आह्वान किया था। आज ऐसी चर्चा है कि देर शाम महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करेंगे।

 

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