सीएए के खिलाफ कुछ कर नहीं सकते तो राजनीति क्यों ?

जुबिली न्यूज़ डेस्क

सीएए को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार इसके विरोध में खड़े हैं। लेकिन कांग्रेस नेताओं द्वारा जो बयान दिए जा रहे हैं उससे सवाल उठने लगा है कि, नागरिकता कानून को लेकर क्या महज राजनीति की जा रही है ?

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और जयराम रमेश के बाद शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना एक राजनीति कदम है क्योंकि नागरिकता देने में राज्यों की बमुश्किल कोई भूमिका है।

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी एनआरसी के कार्यान्वयन में, राज्य एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा क्योंकि यह उनके अधिकारी होंगे जो अभ्यास करेंगे क्योंकि केंद्र के पास आवश्यक मैन पावर नहीं है। थरूर ने कहा कि यह एक राजनीतिक इशारा है। नागरिकता केवल संघीय सरकार द्वारा दी जाती है और जाहिर है कि कोई भी राज्य नागरिकता नहीं दे सकता है, इसलिए उनके पास कुछ भी नहीं है इसे लागू करें या नहीं करें।

बता दें कि हाल में ही कांग्रेस शासित पंजाब राज्य ने भी सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था. इसके बाद राजस्थान की गहलोत सरकार भी सीएए के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि सबसे पहले केरल सरकार ने इसके खिलाफ प्रस्ताव विधानसभा में पारित कराया था।

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कानून को रोकने के लिए दो विकल्प

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह कानून सिर्फ दो तरीकों से निष्प्रभावी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट इसे असंवैधानिक घोषित कर दे या फिर सरकार खुद ही इसे वापस ले ले। हालांकि इस बात की गुंजाइश नहीं है कि सरकार खुद ही इस कानून को वापस ले क्योंकि वह अपनी गलती स्वीकार नहीं करेगी।

सिब्बल ने कहा था- राज्य इन्कार नहीं कर सकते

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने यह कहकर तूफान ला दिया था कि संसद से पारित होने के बाद राज्य सीएए को लागू करने से इन्कार नहीं कर सकते हैं। बाद में उन्होंने इसे असंवैधानिक करार दिया और स्पष्ट किया कि उनका पिछला बयान वाजिब है और इसमें किसी बदलाव की गुंजाइश नहीं है।

सोशल मीडिया पर उड़ रहा मजाक

एक ट्विटर यूजर ने लिखा, कांग्रेसीयो को कोई भी बात देर से समझ आती हैं

विकास श्रोत्रिया ने लिखा कि, तो शाहीन बाग़ में क्या करने गया था भाई ???? पैसे खत्म हो गए जो उनको इशारों में समझा रहे को कि भाई 500 और फ्री की बिरयानी अब नही मिलेगी ????

विजय सचदेव बे लिखा कि, पता सब है सिर्फ वोट बैंक को मजबूत बनाने और अराजकता फैलाने के लिए ही षडयंत्र है

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