कपिल सिब्बल ने ट्विटर प्रोफाइल से क्यों हटाया ‘कांग्रेस’

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में इस समय घमासान मचा हुआ है। दरअसल कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा इसको लेकर कई दिनों से कयासों का दौर चल रहा है। पार्टी में पूर्णकालिक अध्यक्ष के चुनाव को लेकर इस समय विवाद चल रहा है।

कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर छिड़ी बहस के बीच सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की आभासी बैठक शुरू हुई लेकिन उससे पहले नया विवाद सामने तब आ गया जब बैठक के बीच राहुल गांधी ने नेतृत्व को लेकर 23 नेताओं द्वारा सोनिया गांधी को भेजी गई पत्र को भाजपा के साथ मिलीभगत करार दिया।

इसके बाद कांग्रेस के नेताओं के बीच घमासान और तेज हो गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कई ट्वीट कर डाले लेकिन इसमें सबसे अहम बात यह है कि सिब्बल ने ट्विटर पर अपने प्रोफाइल से ‘कांग्रेस’ हटा दिया है। इस वजह से कयासों का दौर शुरू हो गया है।

सोशल मीडिया पर उनके पार्टी छोडऩे की खबर जोर पकड़ रही है और कहा जा रहा है कि कपिल सिब्बल भी चले ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर चल पड़े और हाथ का साथ किसी समय भी छोड़ सकते हैं।

कपिल सिब्बल ने क्यों किया ऐसा

राहुल गांधी के बयान के बीच कांग्रेस के कुनबे में हलचल मच गई थी। इतना ही नहीं कपिल सिब्बल ने इस मामले पर एक ट्वीट किया और लिखा था कि हमारी बीजेपी के साथ सांठ-गांठ है। राजस्थान हाईकोर्ट में पार्टी को सफलता दिलाई, मणिपुर में बीजेपी के खिलाफ पूरी ताकत से पार्टी का बचाव किया।  पिछले 30 सालों में बीजेपी के पक्ष में एक भी बयान नहीं दिया। फिर भी हम पर बीजेपी से सांठ-गांठ का आरोप लग रहा है।

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हालांकि बाद में उन्होंने डिलीट जरूर कर दिया था। सिब्बल ने इसके बाद ट्वीट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत तौर पर मुझे सूचित किया कि उन्होंने वो कभी नहीं कहा था जो उनके हवाले से बताया गया है। ऐसे में मैं अपना पहले का ट्वीट वापस लेता हूं।

हालांकि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ट्विटर पर अपने प्रोफाइल से ‘कांग्रेस’ हटा दिया है। इसके साथ ही उनके ट्विटर हैंडल पर किसी भी पार्टी किसी भी पद का कोई जिक्र नहीं है।

कांग्रेस का कहीं दूर-दूर तक जिक्र नहीं है। ऐसे में कहा जा रहा है कि वो पार्टी के रवैया से खुश नजर नहीं आ रहे हैं। इस वजह से प्रोफाइल से ‘कांग्रेस’ हटा दिया है। हालांकि पार्टी में बने रहेंगे या नहीं इसको लेकर कयासों का दौर जारी है।

राहुल गांधी के आरोपों पर कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया जताई थी। गुलाम नबी आजाद ने तो यहां तक कह दिया था कि बीजेपी से सांठगांठ के आरोप साबित हो जाएं तो वो इस्तीफा देंगे।

कुल मिलाकर कांग्रेस में इस समय अध्यक्ष पद को लेकर रार साफ देखी जा सकती है। वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी बहस भी देखने को मिल रही है। अब देखना होगा कि क्या कांग्रेस इस विवाद को सुलझा लेगी।

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