मोदी सरकार की आपत्ति पर ट्विटर ने अपने जवाब में क्या कहा?

जुबिली न्यूज डेस्क

मोदी सरकार के एक हजार से अधिक ट्विटर अकाउंट्स को ब्लॉक करने के निर्देश पर माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ‘ट्विटर’ ने बुधवार को जवाब दिया है।

गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई घटना का जिक्र करते हुए ट्विटर ने लिखा है, ‘हमारी ग्लोबल टीम ने इस दौरान 24/7 कवरेज प्रदान की और सारे कॉन्टेंट, ट्वीट्स और अकाउंट्स पर न्यायिक और निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की, क्योंकि ये ट्विटर के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।’

ट्विटर ने आगे लिखा है, ‘नियमों का उल्लंघन करने वाले सैकड़ों अकाउंट्स के खिलाफ कंपनी ने कार्रवाई की है। खासतौर पर उनके खिलाफ जो हिंसा, दुर्व्यवहार और धमकियों से भरे हुए थे। इसके साथ ही कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ ट्रेंड्स पर भी रोक लगाई।’

अपने एक आधिकारिक ब्लॉग में ट्विटर इंडिया ने लिखा है कि ‘ कंपनी ने पांच सौ से अधिक ट्विटर अकाउंट्स को निलंबित कर दिया है जो स्पष्ट रूप से स्पैम की श्रेणी में आते थे। ये प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।’

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ट्विटर इंडिया ने अपने इस ब्लॉग में लिखा है कि ‘ये कार्रवाई बीते दस दिन में की गई है।’

अब तक क्या कार्रवाई की ट्विटर ने?

ट्विटर कंपनी के मुताबिक इस दौरान भारत सरकार से भी उन्हें आईटी एक्ट के सेक्शन-69ए के तहत कुछ आदेश मिले, जिनमें बहुत से ट्विटर अकाउंट्स को निलंबित करने का अनुरोध किया गया है।

कंपनी ने आगे लिखा है कि ‘कंपनी ने इनमें से दो आदेशों का अस्थायी रूप से पालन किया था। इसमें आपातकालीन रूप से अकाउंट ब्लॉक करने की बात कही गई थी। मगर बाद में कंपनी ने उन्हें बहाल कर दिया, क्योंकि ये भारतीय कानून के अनुरूप पाए गए। जब यह सूचना भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को दी गई तो उन्होंने निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहने का एक नोटिस हमें थमा दिया।’

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कंपनी ने कहा कि हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधर हैं और इसी नजरिए को ध्यान में रखकर हमने मीडिया के लोगों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनेताओं के अकाउंट्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।”

ट्विटर इंडिया के मुताबिक कंपनी ने 10 फरवरी यानी बुधवार को भारत सरकार के सामने अपना जवाब पेश किया है और ये सभी दलीलें रखी हैं।

ट्विटर से क्या कहा था भारत सरकार ने? 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने ट्विटर को कथित पाकिस्तान और खालिस्तान समर्थकों से संबंधित 1178 ट्विटर अकाउंट बंद करने का आदेश दिया है जो किसानों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर गलत सूचना और उत्तेजक सामग्री फैलाते रहे हैं।

ऐसा बताया गया कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 4 फरवरी को इन ट्विटर अकाउंट्स की एक सूची साझा की थी। सुरक्षा एजेंसियों ने इन अकाउंट्स की पहचान खालिस्तान समर्थक या पाकिस्तान द्वारा समर्थित और विदेशों से संचालित होने वाले अकाउंट्स के तौर पर की थी, जिनसे दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा है।

इससे पहले, केंद्र सरकार ने ट्विटर को उन ‘हैंडल्स’ और ‘हैशटैग्स’ को हटाने का आदेश दिया था, जिनमें दावा किया गया था कि किसान नरसंहार की योजना बनाई जा रही है।

भारत सरकार ने कहा था कि इस तरह की गलत सूचना और भड़काऊ सामग्री सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करेगी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारत सरकार ने ट्विटर को निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहने पर दण्डात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी थी।

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