तुम्हारा हंसना मादक है, मैंने बुरा नही माना, लेकिन मेरे आंसू का प्रिय तुमने भेद नही जाना। अपनेपन के हृदय मुकुर मे, परिचित मेरी तेरी छाया, सुख दुख के स्वप्नो की सरिता, पलकों का मन लगे पराया। नयनो के सावन का बादल, बनकर तुमको पहचाना।लेकिन .. स्मित अधरों की रेखा …
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