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	<title># सवाल Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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		<title>क्रेशर व्यापारी हत्याकांड में नया मोड़, परिजनों को इन सवालों के जवाब कब मिलेंगे ?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/sit-report-on-indrakant-tripathi-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Sep 2020 09:38:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज़ डेस्क महोबा के चर्चित क्रेशर व्यापारी हत्याकांड मामले में शुक्रवार की देर रात एसआईटी ने खुलासा किया है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने क्रशर कारोबारी को गोली नहीं मारी, बल्कि उन्होंने अपनी गाड़ी के अंदर खुद ही अपनी पिस्टल से गोली मारी थी। अधिकारियों का दावा है कि घटनास्थल पर किसी और के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-188390 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/indrkant-tripathi.jpg" alt="" width="873" height="655" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/indrkant-tripathi.jpg 720w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/indrkant-tripathi-300x225.jpg 300w" sizes="(max-width: 873px) 100vw, 873px" /></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज़ डेस्क</strong></span></p>
<p>महोबा के चर्चित क्रेशर व्यापारी हत्याकांड मामले में शुक्रवार की देर रात एसआईटी ने खुलासा किया है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने क्रशर कारोबारी को गोली नहीं मारी, बल्कि उन्होंने अपनी गाड़ी के अंदर खुद ही अपनी पिस्टल से गोली मारी थी। अधिकारियों का दावा है कि घटनास्थल पर किसी और के होने का साक्ष्य नहीं मिला है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>एडीजी प्रेमप्रकाश ने बताया कि एसआईटी ने जांच की और मृतक के पोस्टमार्टम का अवलोकन किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने के प्रवेश एवं निकास के घावों के बारे में स्पष्ट टिप्पणी अंकित नहीं थी। इसके बाद रीजेंसी के चिकित्सकों से पूछताछ हुई। इसके बाद गोली लगने का प्रवेश घाव सामने से स्पष्ट हुआ। </strong></span></p></blockquote>
<p>इंद्रकांत की आडी कार का सूक्ष्म निरीक्षण करने पर कार से फायर के संबंध में महत्वपूर्ण बेलिस्टक साइंस से संबंधित सक्ष्य मिले। इसके बाद दिवंगत के स्वजनों से लाइसेसी पिस्टल प्राप्त किया गया। इसके बाद अन्य लोगों के भी पिस्टर प्राप्त कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजा गया। इसके बाद यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि आडी कार से बरामद खोखा कारतूस दिवंगत इंद्रकांत की लाइसेंसी पिस्टर से फायर हुआ है।</p>
<p><span style="color: #800080;"><strong>अवसाद की स्थिति में थे दिवंगत व्यापारी इंद्रकांत</strong></span></p>
<p>एडीजी प्रेमप्रकाश ने बताया कि अभी विवेचना और जांच चल रही है। अभी किसी को क्लीन चिट नहीं दी गई है। जरूरत पड़ी तो नार्कोटेस्ट भी कराया जाएगा। एडीजी ने यह भी बताया कि, निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार को इस समय कोरोना हुआ है और उनके वकील ने इसका साक्ष्य भेजा है।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/climate-change-greta-on-the-road-to-give-the-edge-to-the-movement/">जलवायु परिवर्तन : आंदोलन को धार देने के लिए सड़क पर उतरी ग्रेटा</a></strong></span></p>
<p>उन्होंने बताया कि दिवंगत व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी छतरपुर के झनकार होटल में गए थे। उनसे मिलने पार्टनर बल्लू महाराज उर्फ बालकिशोर और साले बृजेश शुक्ला गए थे। अभी तक जांच में सामने आया है कि दिवंगत व्यापारी इंद्रकांत प्रताड़ित थे और अवसाद की स्थिति में पहुंच गए थे।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/story-of-roy-raymond/">महिलाओं की सबसे महंगी लौन्जरी बनाने वाली कंपनी की नींव है एक पुरुष की फंतासी</a></strong></span></p>
<p>इंद्रकांत के वीडियो वायरल होने के बाद एक जुआ का वीडियो सामने आया था। जिसमें इंद्रकांत खुद थे। एडीजी ने बताया कि एसपी तत्कालीन ने ही यह वीडियो वायरल कराया था। जिससे वह अवसाद की स्थिति में थे।</p>
<p><span style="color: #800080;"><strong>पीड़ित पारिवारिक जनो को इन सवालों के जवाब का है इंतजार</strong></span></p>
<p>बता दें कि मामले में दर्ज FIR में आरोपित किसी सदस्यों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है जिससे पीड़ित पारिवारिक जनो में आक्रोश है। दिवंगत व्यवसायी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने कुछ सवाल भी पूछे हैं जिसके जवाब का उन्हें इंतजार है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>परिजनों का कहना है कि, मणिलाल पाटीदार की कोरोना जाँच की तारीख एवं क्या उनके पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्टाफ मेंबर, परिजन व मित्रों का कोरोना टेस्ट कराया गया है ? क्या ये लोग भी पॉजिटिव पाए गए तथा कोरोना मामले में क्या कार्यवाही परिजनों, मित्रों व वकीलों पर की गयी है? क्या पाटीदार अभी भी होम क्वारंटाइन है या अस्पताल में भर्ती है? क्या सात दिन बाद दोबारा टेस्ट हुआ तथा उसका क्या परिणाम आया ?</strong></span></p></blockquote>
<p>उन्होंने आगे पूछा कि, क्या देवेंद्र शुक्ला, सुरेश सोनी, ब्रह्मदत्त से मिले साक्ष्य क्या मीडिया से साझा किये जायेंगे? अंकित सिंह राजावत व एडिशनल एस पी वीरेंद्र कुमार के खिलाफ क्या कार्यवाही की गयी? क्या आशु भदौरिया व पाटीदार की फ़ोन द्वारा बातचीत की समीक्षा की गयी?</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>और सबसे बड़ा सवाल है कि FIR में दर्ज सभी अभियुक्तों की गिरफ़्तारी कब तक होगी?</strong></span></p></blockquote>
<p>वहीं परिजनों ने यह भी मांग की है कि, उक्त घटना की जाँच में मृत्यु जाँच अधिकारी, CO रैंक के अधिकारी वर्तमान में है कृपया जाँच पुलिस अधीक्षक के ऊपर के रैंक के अधिकारी से कराई जाये जो जाँच की रिपोर्ट सीधे SIT अधिकारियों को प्रेषित करे।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/why-was-the-fir-made-on-these-innocent-children-everyones-life-was-surprised/">इन मासूम बच्चों पर क्यों हुई FIR, वजह जान हर कोई हैरान</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/these-man-received-gold-medal-for-bravery/">बहादुरी के लिए इन महाशय को मिला गोल्ड मेडल</a></strong></span></p>
<p><iframe loading="lazy" title="Astro Talk :-कैसा हो आपके वर्कप्लेस का वास्तु?" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/hnmG3XZw2wI?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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		<title>EDITORs TALK : “राम मंदिर” की तारीख पर सवाल</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/question-on-the-date-of-ram-temple/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jul 2020 14:21:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[डॉ उत्कर्ष सिन्हा अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने की लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ट्रस्ट बन चुका है और मंदिर निर्माण की तैयारियां जोरों पर है। खबर ये है की सालों के इंतजार के बाद 5 अगस्त को राम मंदिर का भूमि पूजन किया जाएगा। इस दिन दोपहर 1 बजकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-179830 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/07/et-r.jpg" alt="" width="1068" height="540" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/07/et-r.jpg 1068w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/07/et-r-300x152.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/07/et-r-1024x518.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/07/et-r-768x388.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1068px) 100vw, 1068px" /></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>डॉ उत्कर्ष सिन्हा</strong></span></p>
<p>अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने की लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ट्रस्ट बन चुका है और मंदिर निर्माण की तैयारियां जोरों पर है। खबर ये है की सालों के इंतजार के बाद 5 अगस्त को राम मंदिर का भूमि पूजन किया जाएगा। इस दिन दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर मंदिर का शिलान्यास किया जाएगा।</p>
<p>इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास और भूमि पूजन करेंगे। वह चांदी की ईंट रखकर मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखेंगे।</p>
<p>यहाँ तक तो सब ठीक है , मगर राम मंदिर पर सियासत न हो ये मुमकिल नहीं लगता । ये जरूर है की भारत की राजनीतिक पार्टियां इस मामले पर कोई बयान नहीं दे रही और अयोध्या में भी अमन चैन बना हुआ है, लेकिन इस बार उठे नए विवाद के पीछे पहले धर्म गुरु है और उसके बाद खुद भाजपा ने ।</p>
<p>काशी के संतों के साथ ही तमाम जाने माने ज्योतिषी मंदिर शिलान्यास को लेकर तय मुहूर्त पर सवाल खड़े कर रहे हैं। संतों और ज्योतिषियों के अनुसार, मंदिर के शिलान्यास के लिए तय इस तारीख के मुहूर्त से समय को उस दिन का सबसे अशुभ समय बताया जा रहा है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने भूमि पूजन के तय वक्त को शुभ नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को दक्षिणायन भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। शास्त्रों में भाद्रपद मास में गृह, मंदिरारंभ कार्य निषिद्ध है। उन्होंने इसके लिए विष्णु धर्म शास्त्र और नैवज्ञ बल्लभ ग्रंथ का हवाला दिया।</strong></span></p></blockquote>
<p>अन्य ज्योतिषाचार्यो का कहना है कि इस वक्त भूमि पूजन करना कतई उचित नहीं होगा। चातुर्मास में देवालय का भूमि पूजन और शिलान्यास वैसे भी नहीं किया जाना चाहिए। 5 अगस्त को ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति भी शुभ योग नहीं बना रही है। इस मुहूर्त में भूमि पूजन से निर्माण में कई तरह की बाधाएं पैदा हो सकती हैं।</p>
<p>बात यही तक नहीं रुकी। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर मंदिर के शिलान्यास की तय तिथि पर तो सवाल उठाए ही उन्होंने तो सीधे सीधे भाजपा और नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठा दिए।</p>
<p>काशी विद्वत परिसद के संयोजक डॉ रामनारायण द्विवेदी कह रहे हैं कि मंदिर शिलान्यास का मुहूर्त काशी विद्वत परिषद ने नहीं बताया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास कह रहे हैं कि मंदिर पूजन का प्रोग्राम 3 दिन तक चलेगा। भूमि पूजन का कार्यक्रम 3 अगस्त से ही शुरू हो जाएगा।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>ये तो रही मुहूर्त की बात , अब जरा देखिए सियासत &#8211; बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इसे अपनी पार्टी की सरकार से जोड़ दिया । विजेवर्गीय कहते हैं कि 5 अगस्ती ऐतिहासिक तारीख है। 5 अगस्त 2019 &#8211; धारा 370, 35 A खत्म हुआ और 5 अगस्त 2020 &#8211; प्रभु श्रीराम मंदिर भूमि पूजन।</strong></span></p></blockquote>
<p>यानि की 5 अगस्त को भाजपा की राजनीति से जोड़ने की कवायद, विजयवर्गीय जब ये कह रहे होंगे तो दो बाते उनके दिमाग में हो सकती है पहला – वे विपक्षी दलों को खामोशी तोड़ने के लिए उकसाया रहे है जिससे राजनीतिक दंगल शुरू हो दूसरा– वे भाजपा के वोटरों को संदेश दे रहे हैं कि हमने जों वादे किये थे वे पूरे कर रहे हैं।</p>
<p>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भारत के शीर्ष धर्माचार्यों के रामालय ट्रस्ट को दरकिनार करके अलग ट्रस्ट बनाया गया जिसमें संघ, बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को ही लिया गया। इससे ऐसा लगता है कि ये मंदिर नहीं बनाना चाहते बल्कि संघ कार्यालय बनाना चाहते हैं।</p>
<p>अयोध्या विवाद में 09 नवंबर 1989 की तारीख बेहद महत्वपूर्ण है। ये वही दिन था जब विहिप ने हजारों हिंदू समर्थकों संग अयोध्या में राम जन्म भूमिक का शिलान्यास किया था। हजारों राजनैतिक हस्तियों, बड़े-बड़े साधु-संतों के बीच उस वक्त 35 साल के रहे एक दलित युवक कामेश्वर चौपाल के हाथों राम मंदिर के नींव की पहली ईंट रखवायी गई थी।</p>
<p>तो आज बात करेंगे इसी मुद्दे पर , हमारे साथ है अयोध्या के संत राजकुमार दास जी , भाजपा के प्रवक्ता हरीश श्रीवास्तव और वरिष्ठ पत्रकार भास्कर दूबे जों मूलतः अयोध्या के ही रहने वाले हैं और मंदिर आंदोलन और उसकी सियासत को बहुत करीब से देखते रहे हैं।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="&quot;राम मंदिर&quot; : अब तारीख पर सवाल" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/8LRzopzaGrE?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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		<title>होर्डिंग्स मामले में बुरी फंसी बीजेपी सरकार, कैसे देगी इन सवालों का जवाब ?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/bjp-government-badly-trapped-in-hoardings-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Mar 2020 17:00:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज़ डेस्क कहते हैं कि जब इन्सान का वक़्त अच्छा होता है तो मिट्टी छूने से सोना बनती है लेकिन वक़्त बुरा हो तो सोना मिट्टी हो जाता है। वर्तमान परिस्थितियों में ये बात बीजेपी पर बड़ी फिट बैठती है। लगातार कई राज्यों में जीत हासिल करने के बाद मोदी और शाह की जोड़ी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-157070 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/03/us.jpg" alt="" width="825" height="424" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/03/us.jpg 720w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/03/us-300x154.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 825px) 100vw, 825px" /></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज़ डेस्क</strong></span></p>
<p>कहते हैं कि जब इन्सान का वक़्त अच्छा होता है तो मिट्टी छूने से सोना बनती है लेकिन वक़्त बुरा हो तो सोना मिट्टी हो जाता है। वर्तमान परिस्थितियों में ये बात बीजेपी पर बड़ी फिट बैठती है। लगातार कई राज्यों में जीत हासिल करने के बाद मोदी और शाह की जोड़ी पिछले कुछ वक्त से फेल होती नजर आ रही है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>दरअसल बीजेपी के बड़बोले नेताओं की बड़ी बड़ी बातें ही उन पर भारी पड़ने लगी हैं। काले धन को वापस भारत लाने के नाम पर सत्ता पाने वाली बीजेपी आजतक स्विस बैंक में जमा किसी भी खाता धारक का रुपया तो वापस नहीं ला सकी लेकिन उनके कार्यकाल में ही कई बड़े कारोबारी देश को चूना लगाकर फुर्र हो गए।</strong></span></p></blockquote>
<p>साफ़ नियत और देशभक्त पार्टी अब तक किसी भी भगोड़े को वापस नही ला पाई और न ही कोई वसूली हो सकी इस्सी बीच देश की अर्थ व्यवस्था डगमगाई और आम आदमी की जमा पूँजी बैंकों में फंसी हुई है।</p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/this-was-real-problem-with-jyotiraditya-in-congress/">कांग्रेस में ज्योतिरादित्य के रहते यह थी असली समस्या</a></strong></span></p>
<p>इस सबके बीच सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले कई मामले सामने आये। जिसमें से एक मामला नागरिकता संशोधन कानून का था इस मामले में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक मास्टर स्ट्रोक खेला लेकिन वो मामला इतना पेंचीदा हो गया है कि योगी की वजह से मोदी सरकार भी सवालों के घेरे में है।</p>
<p><span style="color: #800080;"><strong>क्या है मामला</strong></span></p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>बता दें कि बीते साल 20 दिसंबर को हुई हिंसा के दौरान यूपी में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक संपत्ति को आगजनी या तोड़- फोड़ के माध्यम से काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार इस पूरे प्रकरण में सख्त नजर आ रही थी और वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी।</strong></span></p></blockquote>
<p>इसके तहत आरोपियों के पोस्टर तक लगाये गए थे लेकिन पोस्टर लगाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस पर आपत्ति जतायी थी और पोस्टर हटाने के लिए कहा। हालांकि इसके बाद योगी सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।</p>
<p>लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों के किनारे उपद्रवियों के पोस्टर फौरन हटाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार भी कर दिया था।</p>
<p>जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने साफ तौर पर कहा था कि बेशक दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए। मगर ऐसा कोई कानून नहीं है, जो सड़क के किनारे उपद्रवियों के पोस्टर लगाने को सही ठहरा सके।</p>
<p>अवकाश कालीन पीठ ने इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को इस मामले को तत्काल मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के सामने रखने को कहा, ताकि कम से कम तीन सदस्यीय पीठ का गठन किया जा सके, जो अगले हफ्ते इस मामले को सुन सके।</p>
<p><span style="color: #800080;"><strong>सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे ये सवाल </strong></span></p>
<p>होर्डिंग वाली मुद्दे पर इन दिनों सोशल मीडिया पर योगी सरकार की कड़ी अलोचना की जा रही है। लोग सवाल दाग रहे है। जिसमे से एक यह है की, क्या 28 बड़े बैंक डिफाल्टरों के होर्डिंग्स भी लगाने की हिम्मत भी बीजेपी सरकार करेगी ? लोग कह रहे हैं कि बैंक का पैसा लेकर देश से भाग जाना भी जनता के साथ धोकेबाजी और देश के साथ गद्दारी ही है।</p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/meteorological-department-alert/">बे-मौसम बारिश से किसानों में मायूसी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/keep-these-precautions-in-the-office-to-avoid-corona-virus/">Corona Virus से बचने के लिए ऑफिस में रखें ये सावधानियां</a></strong></span></p>
<p><iframe loading="lazy" title="Jubilee Media Venture | 1 Year Anniversary  | Jubilee TV" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/m6pRwWy4SpI?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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		<title>“सर्वनाश” होने तक हम सिर्फ सवाल उठाएंगे !</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/we-will-only-raise-questions-until-the-apocalypse/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Mar 2020 16:07:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शाहीनबाग़ पिछले पांच दिनों से मीडिया की सुर्ख़ियों से गायब अब वहां भी ऐक्शन की सुगबुगाहट, सवाल तो उठेंगे राजीव ओझा ऐसा पहली बार नहीं हो रहा। जबतक स्थिति बेकाबू नहीं हो जाती, दर्जनों जान नहीं चली जाती और अरबों की संपत्ति नष्ट नहीं हो जाती तबतक हम एक्शन में नहीं आते। हम सत्यानाश का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #800080;"><strong>शाहीनबाग़ पिछले पांच दिनों से मीडिया की सुर्ख़ियों से गायब</strong></span></li>
<li><span style="color: #800080;"><strong>अब वहां भी ऐक्शन की सुगबुगाहट, सवाल तो उठेंगे</strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #000080;"><strong>राजीव ओझा</strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft wp-image-126910" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/09/Rajiv_Ojha-150x150.jpg" alt="" width="150" height="150" /></p>
<p>ऐसा पहली बार नहीं हो रहा। जबतक स्थिति बेकाबू नहीं हो जाती, दर्जनों जान नहीं चली जाती और अरबों की संपत्ति नष्ट नहीं हो जाती तबतक हम एक्शन में नहीं आते। हम सत्यानाश का इन्तजार करते और जब बर्बादी हो जाती तो विलाप करने लगते हैं, सवाल उठाने लगते हैं। इस बार भी वही हो रहा है क्या हिन्दू क्या मुसलमान, सब दुखी हैं। सवाल उठा रहे हैं, किसी एक पर नहीं सब पर। इसमें सरकारी मशीनरी, नेता और मीडिया भी शामिल है। “भक्त” या “गोदी” मीडिया भी और “धरमनिरपेक्ष या “एंटी भक्त” मीडिया भी।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर पूर्वी दिल्ली में बवाल के पहले शाहीन बाग़ और जफराबाद, दो बवाल के केंद्र थे। एक ने अपना काम कर दिया। अब जफराबाद में कोई धरना-प्रदर्शन नहीं हो रहा। शाहीनबाग़ पिछले पांच दिनों से मीडिया की सुर्ख़ियों से गायब है, हालंकि अभी भी वहा धरना चल रहा। सुनाई पड़ रहा कि वहां भी अब प्रशासन एक्शन की तयारी में है। ऐसे में सवाल तो उठेंगे ही।</strong></span></p></blockquote>
<p>कोई दूध का धुला नहीं, हमाम में सब नंगे हैं। हिन्दू मरे या मुसलमान, उनको कोई फर्क नहीं पड़ता। सबको सिर्फ अपनी दूकान चलाने से मतलब। दो महीने से भी ज्यादा समय हो गया, बवाल हो रहा है कभी लखनऊ में, कभी अलीगढ में और कभी उत्तर पूर्वी दिल्ली में। एक तरफ तो हमसब, कभी किसी मंच पर, कभी किसी चैनल के पैनल पर और कभी सोशल मीडिया पर गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द का स्वांग रचते रहते हैं और दूसरी तरफ किसी जलसे में, किसी सभा में और सोशल मीडिया पर भी हेट स्पीच की पिचकारी से विष की फुहार या फुफकार मारते समाज को जलाने की कोशिश करते हैं। जब तबाही हो जाती है तब सवाल उठाते हैं।</p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/loss-for-everyone/">नहीं समझी गई ये बात तो नुकसान सबका है</a></strong></span></p>
<p>पिछले मंगलवार को दिल्ली के नार्थ ईस्ट वाले भाग में जो हुआ, अचानक नहीं हुआ, लेकिन हुआ तो हुआ। एक सामान्य बुद्धि वाला इंसान भी समझ रहा था कि जिस तरह से नफरत की गैस बन रही है, उससे धमाका जरूर होगा और उसमें सब झुलसेंगे। यही हुआ भी। हिन्दू झुलसा, मुसलमान झुलसा, पुलिस भी झुलसी और आपसी भरोसा भी झुलसा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-155215 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/03/dilli.jpg" alt="" width="805" height="453" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/03/dilli.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/03/dilli-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 805px) 100vw, 805px" /></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/tej-pratap-yadav-tweet-on-gandhi-maidan-rally/">तेज प्रताप का ट्वीट : गांधी मैदान नीचे धंसने जैसी खबरें आ रही है</a></strong></span></p>
<p>रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, नए नए वीडिओ आ रहे हैं, और नई नई थ्योरी आ रही हैं। ख़ास बात ये कि इसमें कोई भी थ्योरी या एंगल ऐसा नहीं है जिसका अनुमान न लगाया जा सकता हो। बिल्डिंग की छतों पर तेज़ाब, पेट्रोल बम और पत्थरों के जो जखीरे मिले हैं, उससे साफ़ है तैयारी पहले से चल रही थी। एक बिल्डिंग की छत पर जुगाड़ से बनाई गई गुलेल और एक ठेलिया पर फिट की गई मोबाइल गुलेल को देख कर साफ़ हो जाता है कि बलवाइयों को पता था कि किस तरह की स्थिति पैदा होने वाली है और उसमें किस तरह के हथियार कारगर होंगे।</p>
<p>एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चाँदबाग़ के कुछ घरों में एक सप्ताह पहले ही ट्रेक्टर ट्राली में भर भर कर पत्थर लाये गए और छतों पर जमा किये गए। लेकिन खोजी पत्रकारिता में ऐसे खुलासे अकसर घटना के बाद ही होते हैं। पुलिस पर बन्दूक तानने वाला और भीड़ पर फायर करने वाल शाहरुख खान पूरे परिवार के साथ गायब है लेकिन उसके टिकटोक वीडिओ खोज खोज कर मीडिया वाले ला रहे हैं।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>ऐसे में मीडिया पर सवाल उठेंगे ही। एक बड़ा सवाल, क्या हम सिविल वार की ओर बढ़ रहे हैं ? क्या एक और विभाजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है ? लेकिन हुक्मरानों, खुफियातंत्र और पुलिस आलाकमान को भी इसकी भनक न लगे तो सवाल उन पर भी उठेंगे ही। </strong></span></p></blockquote>
<p>इन सवालों और उसके समर्थन में आ रहे सुबूतों पर समाज दो भागों में बांटता जा रहा है, जो शुभ संकेत नहीं है। क्या फेक है क्या सही, इसका पता चले इसके पहले ही हेट स्पीच की फुफकार आपना काम कर जाती है। इसके चलते समाज में लोगों का एक दूसरे पर से भरोसा उठता जा रहा है।</p>
<p><strong>(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं, लेख में उनके निजी विचार हैं)</strong></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/film-thappad-review-we-should-need-to-reboot-together/">फिल्म थप्पड़ रिव्यू : वी शुड नीड टू रीबूट टूगेदर</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/sonia-gandhis-wish-is-fullfill-not-easy-now/">सोनिया गांधी की इच्छा पूरी होना अब आसान नहीं</a></strong></span></p>
<p><iframe loading="lazy" title="सरकार के रोजगार देने वाले दावों का सच | jubilee tv" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/sJWB39cohWg?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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		<item>
		<title>जगन मोहन क्यों विधान परिषद को खत्म करना चाहते हैं ?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/jagans-question-about-the-legislative-council/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Jan 2020 10:11:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अब्दुल हई आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने सवाल उठाया है कि विधान परिषद का औचित्य क्या है ? मंत्रिमंडल ने 27 जनवरी को एक प्रस्ताव पारित कर राज्य विधान परिषद को समाप्त करने की प्रक्रिया को हरी झंडी भी दिखा दी। इस तरह का प्रस्ताव विधानसभा में भी लाया जाएगा और इसे आवश्यक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-149561 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/jagan.jpg" alt="" width="840" height="475" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/jagan.jpg 840w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/jagan-300x170.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/jagan-768x434.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 840px) 100vw, 840px" /></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>अब्दुल हई</strong></span></p>
<p>आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने सवाल उठाया है कि विधान परिषद का औचित्य क्या है ? मंत्रिमंडल ने 27 जनवरी को एक प्रस्ताव पारित कर राज्य विधान परिषद को समाप्त करने की प्रक्रिया को हरी झंडी भी दिखा दी। इस तरह का प्रस्ताव विधानसभा में भी लाया जाएगा और इसे आवश्यक कार्यवाही के लिए केंद्र के पास भेजा जाएगा।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>आंध्र की 58 सदस्यीय परिषद में वाईएसआर कांग्रेस नौ सदस्यों के साथ अल्पमत में है। इसमें विपक्षी तेलगु देशम पार्टी के 28 सदस्य हैं। यहां पर जगनमोहन रेड्डी का थोड़ा स्वार्थ भी जुड़ा है। उनका तीन राजधनी बनाने का बिल अटक गया है।</strong></span></p></blockquote>
<p>मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी की अध्यक्षता वाली आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के उच्च सदन विधान परिषद को समाप्त करने के विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। आंध्र प्रदेश विधान परिषद को खत्म करने का फैसला सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। विधान परिषद में विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों का प्रभुत्व है, जोकि सत्ताधारी वाईएसआरसी पार्टी द्वारा राज्य में तीन राजधानियां बनाने के फैसले का विरोध कर रही है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>विधान परिषद में जगन के तीन राजधानियों वाले महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को झटका लगा है। इस संबंध में जब विधेयक को विधान परिषद में पेश किया गया तो तेदेपा ने इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया, जिसके कारण उनकी यह परियोजना लटक गई है।</strong></span></p></blockquote>
<p>कैबिनेट ने विपक्षी तेदेपा द्वारा बहुमत के बल से विधानसभा के विधेयकों को रोकने के लिए कथित दुरुपयोग के मद्देनजर विधान परिषद को खत्म करने का संकल्प लिया है लेकिन वास्तव में यह सदन राज्य की जनता पर एक बोझ के समान है। सत्तारूढ़ और विपक्ष दोनों इसका जमकर दुरुपयोग करते हैं। इससे पहले तेदेपा ने विधान परिषद में एससी और एसटी के लिए अलग-अलग आयोग बनाने संबंधित प्रस्ताव में या तो देरी की या उसे खारिज कर दिया था।</p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/bjps-tweet-on-omar-created-ruckus/">उमर पर बीजेपी के ट्वीट से मचा हंगामा</a></strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-149563 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/Andhra-pradesh.jpg" alt="" width="817" height="459" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/Andhra-pradesh.jpg 618w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/Andhra-pradesh-300x168.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 817px) 100vw, 817px" /></p>
<p>इसके अलावा परिषद ने सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू करने के विधेयक को भी खारिज कर दिया था। राज्य की विधान परिषद में तेदेपा नेता और पूर्व मंत्री वाई. रामकृष्णुडू ने संवाददाताओं से कहा, “अगर विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर दिया है तो भी यह महज प्रस्ताव ही होगा। केवल संसद को ही परिषद को खत्म करने का अधिकार है।” उन्होंने परिषद को समाप्त करने के वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के फैसले को सबसे अलोकतांत्रिक और अवैध कदम करार दिया।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने विधानसभा से कहा, ‘हमें गंभीरता से सोचने की जरूरत है कि क्या हमें ऐसे सदन की आवश्यकता है जो केवल राजनीतिक मंशा के साथ कार्य करता प्रतीत हो। परिषद का होना अनिवार्य नहीं है, जो हमारी अपनी रचना है और यह केवल हमारी सुविधा के लिए है।’ </strong></span></p></blockquote>
<p>वास्तव में वाईएसआर कांग्रेस ने 17 दिसंबर को पहली बार परिषद को खत्म करने की धमकी दी थी जब यह स्पष्ट हो गया था कि टीडीपी अनुसूचित जातियों के लिए एक अलग आयोग बनाने और सभी सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदलने से संबंधित दो विधेयकों को रोकने पर आमादा थी। चूंकि 17 दिसंबर को विधानमंडल को स्थगित कर दिया गया था, इसलिए आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन पिछले हफ्ते यह मुद्दा फिर उठ गया जब टीडीपी तीन-राजधानियों की योजना के विरोध में अपने रुख पर कायम रही।</p>
<p>वाईएसआर कांग्रेस अपने पक्ष में दो टीडीपी सदस्यों को लाने में कामयाब रही, लेकिन सरकार परिषद में तीन राजधानियों वाले विधेयक को पारित कराने में विफल रही। भारतीय संविधान के अनुसार प्रत्येक राज्य में एक विधानमंडल का प्रावधान किया गया है। किसी राज्य में एक सदन और किसी में दो का प्रावधान है। केवल सात राज्यों में विधान मंडल और विधान परिषद् दोनों का प्रावधान है। दो सदन वाले विधानमंडल का उच्च सदन विधान परिषद और निम्न सदन विधानसभा कहलाता है। विधानसभा का गठन वयस्क मतदान के आधार पर प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने गए जनता के प्रतिनिधियों से होता है। जैसे केंद्र में लोकसभा का महत्त्व राज्यसभा से अधिक है, वैसे ही प्रांत में विधानसभा का महत्त्व विधान परिषद से अधिक है।</p>
<p>भारतीय संसद को यह अधिकार दिया गया है कि वह विधि-निर्माण करके किसी भी राज्य की विधान परिषद को समाप्त कर सकती है। अथवा जिस राज्य में विधान परिषद नहीं है वहां उसका निर्माण कर सकती है। यदि कोई राज्य अपने यहां विधान परिषद का गठन करना चाहता है तो इसके लिए विधानसभा के एक तिहाई सदस्यों के समर्थन के साथ प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजना होता है। केंद्र की मंजूरी के बाद राज्य में विधान परिषद का गठन हो सकता है। विधान परिषद के एक तिहाई सदस्य राज्य विधानसभा के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं। अन्य एक तिहाई स्थानीय निकायों के सदस्यों यानी नगर पालिका और जिला बोर्ड के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं।</p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/mirzapur-cm-yogi-adityanath-ganga-yatra-catch-cow-oxen-pwd-engineers/">योगी को खुश करने लिए गाय-बैल पकड़वाने का फरमान लेकिन अब यू-टर्न</a></strong></span></p>
<p>विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल राज्यसभा सदस्यों की तरह छह साल का होता है। प्रत्येक दो साल पर एक तिहाई सदस्यों का चुनाव होता है। राज्यसभा सदस्यों के उलट विधान परिषद सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में वोट नहीं डाल सकते हैं। आंध्र प्रदेश में विधानसभा की 176 और विधान परिषद की 58 सीटें हैं। राज्य में विधान परिषद का गठन 1958 में हुआ था लेकिन 1985 में इसे समाप्त कर दिया गया था। हालांकि 2007 में इसका फिर से गठन किया गया। आंध्रप्रदेश के बंटवारे के बाद भी वहां विधान परिषद है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>सात राज्यों में विधान मंडल और विधान परिषद दोनों का प्रावधान है, वे राज्य हैं- आंध्र प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और जम्मू और कश्मीर। विधान परिषद कुछ भारतीय राज्यों में लोकतंत्र की ऊपरी प्रतिनिधि सभा है।</strong></span></p></blockquote>
<p>आंध्र प्रदेश से अलग होकर नए राज्य बने तेलंगाना में विधानसभा की कुल 119 और विधान परिषद की 40 सीटें है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें है और विधान परिषद की 100 सीटें है। विधान परिषद के सदस्य अप्रत्यक्ष चुनाव के द्वारा चुने जाते हैं। कुछ सदस्य राज्यपाल के द्वारा मनोनीत किए जाते हैं। विधान परिषद विधान मंडल का अंग है। इसके सदस्यों का कार्यकाल छह वर्षों का होता है लेकिन प्रत्येक दो साल पर एक तिहाई सदस्य हट जाते हैं। हालांकि इसके सदस्य वे भी बन जाते हैं जिन्हें जनता कभी नकार चुकी होती है।</p>
<p>https://www.youtube.com/watch?v=YWhCpgkdCW4&#038;feature=emb_title</p>
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