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	<title>दूरदर्शन Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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	<link>https://www.jubileepost.in/tag/दूरदर्शन/</link>
	<description>News &#38; Information Portal</description>
	<lastBuildDate>Fri, 05 Apr 2024 08:47:20 +0000</lastBuildDate>
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		<title>दूरदर्शन पर दिखायी जाएगी &#8216;द केरला स्टोरी&#8217;, कांग्रेस ने लिखी चुनाव आयोग को चिट्ठी</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/the-kerala-story-will-be-shown-on-doordarshan-congress-writes-letter/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Supriya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Apr 2024 08:47:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जुबिली सिनेमा]]></category>
		<category><![CDATA['द केरला स्टोरी']]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[दूरदर्शन]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क विवादित फ़िल्म ‘द केरला स्टोरी’ को सरकारी चैनल दूरदर्शन पर प्रसारित किए जाने को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है. केरल कांग्रेस के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने चुनाव आयोग को एक चिट्ठी लिख कर फ़िल्म ‘द केरला स्टोरी’ को दूरदर्शन पर दिखाए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-reactid=".206a88s1h42.0.2.0.0.1.0.$lx-commentary.$lx-commentary.2.0.1.1.1:$post-660f85d4b26acd1fbf3308d0.0.6.0.0:$post_1"><strong><span style="color: #993366">जुबिली न्यूज डेस्क</span></strong></p>
<p data-reactid=".206a88s1h42.0.2.0.0.1.0.$lx-commentary.$lx-commentary.2.0.1.1.1:$post-660f85d4b26acd1fbf3308d0.0.6.0.0:$post_1">विवादित फ़िल्म ‘द केरला स्टोरी’ को सरकारी चैनल दूरदर्शन पर प्रसारित किए जाने को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है. केरल कांग्रेस के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने चुनाव आयोग को एक चिट्ठी लिख कर फ़िल्म ‘द केरला स्टोरी’ को दूरदर्शन पर दिखाए जाने के फैसले को वापस लेने की मांग की है.</p>
<p data-reactid=".206a88s1h42.0.2.0.0.1.0.$lx-commentary.$lx-commentary.2.0.1.1.1:$post-660f85d4b26acd1fbf3308d0.0.6.0.0:$post_1"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-297994 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2024/04/5ec3crmo_the-kerala-story_625x300_05_April_24.jpg" alt="" width="650" height="400" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2024/04/5ec3crmo_the-kerala-story_625x300_05_April_24.jpg 650w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2024/04/5ec3crmo_the-kerala-story_625x300_05_April_24-300x185.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p data-reactid=".206a88s1h42.0.2.0.0.1.0.$lx-commentary.$lx-commentary.2.0.1.1.1:$post-660f85d4b26acd1fbf3308d0.0.6.0.0:$post_3">उन्होंने चिट्ठी में लिखा, &#8220;पता चला है कि फ़िल्म केरल स्टोरी को पांच अप्रैल को दूरदर्शन पर प्रसारित किया जा रहा है&#8230;मेरा मानना है कि ये फिल्म सांप्रदायिक आधार पर देश को बांटने के लिए संघ परिवार के ज़हरीले एजेंडा का हिस्सा है.&#8221;</p>
<p data-reactid=".206a88s1h42.0.2.0.0.1.0.$lx-commentary.$lx-commentary.2.0.1.1.1:$post-660f85d4b26acd1fbf3308d0.0.6.0.0:$post_5">केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक पर इसे लेकर लिखा, “द केरला स्टोरी को दूरदर्शन पर प्रसारित करने का फैसला बहुत निंदनीय है जो ध्रुवीकरण को बढ़ावा देगा.”</p>
<p data-reactid=".206a88s1h42.0.2.0.0.1.0.$lx-commentary.$lx-commentary.2.0.1.1.1:$post-660f85d4b26acd1fbf3308d0.0.6.0.0:$post_6">“राष्ट्रीय समाचार प्रसारक को बीजेपी और आरएसएस की प्रोपेगैंडा मशीन नहीं बनना चाहिए और ऐसी फ़िल्म के प्रसारण को रद्द करना चाहिए जो आम चुनावों से पहले सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकती है.”</p>
<p data-reactid=".206a88s1h42.0.2.0.0.1.0.$lx-commentary.$lx-commentary.2.0.1.1.1:$post-660f85d4b26acd1fbf3308d0.0.6.0.0:$post_6"><span style="color: #993366"><strong>ये भी पढ़ें-<a style="color: #993366" href="https://www.jubileepost.in/congress-manifesto-may-increase-tension-of-yogi-government-know-why/">कांग्रेस की घोषणापत्र योगी सरकार की बढ़ा सकती है टेंशन, जानें ऐसा क्यों</a></strong></span></p>
<p data-reactid=".206a88s1h42.0.2.0.0.1.0.$lx-commentary.$lx-commentary.2.0.1.1.1:$post-660f85d4b26acd1fbf3308d0.0.6.0.0:$post_6">माकपा के सांसद एए रहीम ने कहा, “दूरदर्शन पर हेट फ़िल्म केरला स्टोरी के प्रसारण की मैं निंदा करता हूं. दूरदर्शन को हेट फ़ैक्ट्री न बनाएं. दूरदर्शन को समाज को बांटने के लिए नफ़रती प्रोपेगैंडा का केंद्र नहीं बनाना चाहिए.”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>&#8216;महाभारत के भीम&#8217;  प्रवीण कुमार का निधन</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/bhima-of-mahabharata-praveen-kumar-passes-away/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Feb 2022 05:01:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली सिनेमा]]></category>
		<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[खेल की दुनिया में]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली पोस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[दूरदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवीण कुमार सोबती]]></category>
		<category><![CDATA[बीआर चोपड़ा के धारावाहिक महाभारत]]></category>
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		<category><![CDATA[भीम का किरदार]]></category>
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		<category><![CDATA[सीमा सुरक्षा बल]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी समाचार जुबिली पोस्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क दूरदर्शन पर प्रसारित बीआर चोपड़ा के धारावाहिक महाभारत में भीम का किरदार निभाने वाले अभिनेता प्रवीण कुमार सोबती का निधन हो गया है। लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे प्रवीण ने 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली है। धारावाहिक महाभारत के अलावा प्रवीन कुमार ने कई दूसरे धारावाहिकों और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>दूरदर्शन पर प्रसारित बीआर चोपड़ा के धारावाहिक महाभारत में भीम का किरदार निभाने वाले अभिनेता प्रवीण कुमार सोबती का निधन हो गया है। लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे प्रवीण ने 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली है।</p>
<p>धारावाहिक महाभारत के अलावा प्रवीन कुमार ने कई दूसरे धारावाहिकों और बॉलीवुड फिल्मों में भी भूमिकाएं निभाई थीं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-247767 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/02/praveen-bheem.jpg" alt="" width="854" height="511" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/02/praveen-bheem.jpg 580w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/02/praveen-bheem-300x179.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 854px) 100vw, 854px" />पंजाब से ताल्लुक रखने वाले प्रवीण कुमार ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में अहम रोल अदा किए थे। फिल्मों में अक्सर वह विलेन के रोल में ही दिखते थे।</p>
<p>खेल से लेकर एक्टिंग के क्षेत्र में प्रवीण कुमार ने हमेशा अपना 100 प्रतिशत देने की ही कोशिश की और हर बार उन्हें सफलता ही हासिल हुई।</p>
<p>उनके निधन पर धारावाहिक में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान ने ट्वीट कर शोक जाहिर किया है। उन्होंने लिखा है- आज सुबह ही एक और दु:खद समाचार मिला. मेरे &#8216;महाभारत के भाई&#8217; प्रवीण कुमार जी हम सबको छोड़कर अनंत यात्रा पर चए गए। विश्वास नहीं हो रहा। पा जी, आप हमेशा हमारी यादों में रहेंगे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">आज सुबह ही एक और दुःखद समाचार मिला। मेरा महाभारत का भाई प्रवीण कुमार जी हम सबको छोड़कर अनंत यात्रा पे चला गया। विश्वास नही हो रहा। पा जी, आप हमेशा हमारी यादों में रहेंगे।<br />
ओम शांति ओम शांति ओम शांति <a href="https://t.co/djLHTSXUTt">pic.twitter.com/djLHTSXUTt</a></p>
<p>— Gajendra Chauhan (@Gajjusay) <a href="https://twitter.com/Gajjusay/status/1490887686676119552?ref_src=twsrc%5Etfw">February 8, 2022</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>बताते चलें कि एक्टिंग में आने से पहले प्रवीण कुमार एथलीट थे। उन्होंने एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल हासिल करके देश का नाम रोशन किया था। वह अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित थे।</p>
<p>खेल की दुनिया में नाम कमाने के बाद उन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) की नौकरी भी मिली थी। इसके कुछ साल बाद ही प्रवीण कुमार सोबती ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।</p>
<p>बताया जाता है कि प्रवीण कुमार सोबती ने पीठ दर्द की शिकायत होने की वजह से ही खेल की दुनिया को अलविदा कहा था। छोटे और बड़े पर्दे के दर्शकों के बीच प्रवीण कुमार सोबती ने कम समय में ही लोकप्रियता हासिल कर ली थी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>डंके की चोट पर : आज़ादी पद्मश्री नहीं है जो भीख में मिल जाए</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/freedom-is-not-padmashree-which-can-be-found-in-alms/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Nov 2021 11:38:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली डिबेट]]></category>
		<category><![CDATA[अंडमान निकोबार]]></category>
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		<category><![CDATA[सरदार भगत सिंह]]></category>
		<category><![CDATA[सुभाष चन्द्र बोस]]></category>
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					<description><![CDATA[शबाहत हुसैन विजेता जिस आज़ादी के लिए सरदार भगत सिंह ने बचपन में बंदूकें बोई थीं. जिस आज़ादी के लिए सुभाष चन्द्र बोस ने आज़ाद हिन्द फ़ौज बनाई थी. जिस आज़ादी के लिए अशफाक उल्ला खां ने लिखा था, “जाऊंगा खाली हाथ मगर यह दर्द साथ ही जाएगा, जाने किस दिन हिन्दोस्तान आज़ाद वतन कहलाएगा”. &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft wp-image-87885 size-thumbnail" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/Shabahat-Husain-Vijeta-150x150.jpg" alt="" width="150" height="150" />शबाहत हुसैन विजेता</strong></span></p>
<p>जिस आज़ादी के लिए सरदार भगत सिंह ने बचपन में बंदूकें बोई थीं. जिस आज़ादी के लिए सुभाष चन्द्र बोस ने आज़ाद हिन्द फ़ौज बनाई थी. जिस आज़ादी के लिए अशफाक उल्ला खां ने लिखा था, “जाऊंगा खाली हाथ मगर यह दर्द साथ ही जाएगा, जाने किस दिन हिन्दोस्तान आज़ाद वतन कहलाएगा”. जिस आज़ादी के लिए रोटी आन्दोलन चलाया गया, जिस आज़ादी के लिए नमक बनाया गया. वो आज़ादी हमें भीख में मिली थी.</p>
<p>यह शर्मनाक बयान पद्मश्री का भी अपमान है और इस मुल्क की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ निछावर कर देने वालों का भी अपमान है. कंगना को अपने बेहूदे बयान पर तालियां बजाने वालों से उत्साहित नहीं होना चाहिए. कम वक्त में बहुत कुछ हासिल कर लेने की ललक में कंगना ने पिछले दो सालों में जिस रास्ते पर सफ़र किया है वो किसी से छुपा नहीं है.</p>
<p>कंगना को असली आज़ादी मिली 2014 में. मतलब दिसम्बर 2013 तक भारत गुलामी की साँसें ले रहा था. मतलब अटल बिहारी वाजपेयी गुलाम हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री थे. मतलब मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम गुलाम हिन्दुस्तान के राष्ट्रपति थे. मतलब भारत में आईटी सेक्टर ने जो उड़ान भरी थी वो गुलामी के दौर में भरी थी. इतने आईआईटी, एम्स, मेडिकल कालेज, क्रिकेट में वर्ल्ड कप सब गुलामी के दौर में भारत को नसीब हुआ था.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-185831 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/kangna-ranaut-panga.jpg" alt="" width="850" height="550" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/kangna-ranaut-panga.jpg 850w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/kangna-ranaut-panga-300x194.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/kangna-ranaut-panga-768x497.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 850px) 100vw, 850px" /></p>
<p>2014 में जब आज़ादी मिल गई तब भारत ने कौन से कमाल किये. नोटबंदी के ज़रिये भारत को तरक्की के रास्ते पर पहुंचा दिया गया. अदालतों की इज्जत इस तरह से आसमान को छूने लगी कि सरकार की मर्जी के फैसले होने लगे. चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया एक अदद राज्यसभा सीट के पीछे दौड़ने लग गया. अयोध्या का फैसला ऐसे जज से करवाया गया जो उस फैसले के फ़ौरन बाद रिटायर हो गया.</p>
<p>आज़ादी तो लालकृष्ण आडवाणी को मिल गई. जिसने पार्टी खड़ी की, जिसने जीत का रास्ता बताया, उससे कोई राय भी लेने नहीं जाता. आज़ादी तो यूपी के मुख्यमंत्री को मिल गई जो जनसभा में हुंकार भरता है छाती में गोली मारने की और कोई जज इसका संज्ञान भी नहीं लेता. यूपी का मुख्यमंत्री बुलडोजर चलाने का एक्सपर्ट बन गया.</p>
<p>आज़ादी तो मजदूरों की मदद करने वाले सोनू सूद को मिली. घर में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट घुस गया. जो लोगों की मदद के लिए गले तक कर्ज़ में डूब गया उसकी आय के साधन तलाशे जाने लगे.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-239873 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/11/adani-train.jpg" alt="" width="640" height="335" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/11/adani-train.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/11/adani-train-300x157.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>कंगना की आज़ादी में ट्रेनों में जहाँ भारतीय रेल लिखा होता था वहां अडानी लिख गया. हवाई अड्डों के बाहर अडानी के बोर्ड लग गए. बीएसएनएल जैसी कम्पनी बिकने के कगार पर पहुँच गई. अम्बानी ने कर लो दुनिया मुट्ठी में का नारा अपने लिए तो सही साबित कर ही लिया.</p>
<p>कंगना आधी बात बोलकर चुप हो गईं क्योंकि तालियां तेज़ी से बजने लगी थीं वर्ना वो यह ज़रूर बतातीं कि महाराष्ट्र में आज़ादी मिलना बाकी है. वहां की अंग्रेज़ सरकार ने उनका ऑफिस तोड़ दिया था.</p>
<p>यह कैसी आज़ादी है कंगना जिसमें सच बोलने वाले पत्रकार बेरोजगार हो गए. जिसमें टीवी चैनल सरकारी प्रवक्ता बन गए. दूरदर्शन पहले अकेला सरकारी प्रवक्ता हुआ करता था लेकिन उसकी आँखों पर भी शर्म का पर्दा हुआ करता था लेकिन मौजूदा दौर के छोटे पर्दे ने बेशर्मी के मामले में आपको भी पीछे छोड़ दिया है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-239874 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/11/padmshree.jpg" alt="" width="640" height="368" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/11/padmshree.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/11/padmshree-300x173.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>आज़ादी की कीमत तुम क्या जानो कंगना. एक अदद पद्मश्री के लिए तुमने आज़ादी के लिए की गई उन कोशिशों का कत्ल कर दिया जिस पर आने वाली नस्लें भी नाज़ करेंगी. तुम क्या जानो चन्द्रशेखर आज़ाद कौन थे. तुम्हें क्या मालूम कि कालापानी की सज़ा क्या होती थी. अंडमान-निकोबार की जेल का इतिहास खंगाला होता तो शायद तुम्हें खुद पर शर्म आ गई होती.</p>
<blockquote><p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-104687 alignright" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/Danke-Chote-Par.jpg" alt="" width="150" height="150" /><span style="color: #ff0000;"><strong>जिस आज़ादी में हिन्दू-मुसलमान के नाम पर खून बहाया गया. जिस आज़ादी में खाने का तेल खरीदने के भी लोगों के पास पैसे नहीं रह गए. जिस आज़ादी में भुखमरी एक बीमारी की तरह से फैल गई. जिस आज़ादी में विपक्ष सरकार को कोढ़ सरीखा महसूस होता है. जिस सरकार में जस्टिस लोया से लेकर पहलू खान तक की मौत पर चैनलों को डिबेट की ज़रूरत महसूस नहीं होती.</strong></span></p></blockquote>
<p>जिस आज़ादी में सब कुछ भीख पर आधारित होने लगा है. जिस आज़ादी में गरीबी की रेखा से नीचे वालों को पांच किलो गेहूं या चावल से खरीदने की चालें चली जा रही हैं. जिस आज़ादी में सही बोलना जुर्म और तुम्हारी तरह के झूठों को पद्मश्री से नवाज़ा जा रहा है. अगर यही आज़ादी है तो यह थूकने के लायक है. हमें तो वो आज़ादी चाहिए है जिसमें हर होंठ सारे जहाँ से अच्छा गाने को मजबूर नज़र आयें. हमें तो वो आज़ादी चाहिए है जिसमें अन्तरिक्ष में बैठे राकेश शर्मा से कोई इन्दिरा गांधी पूछे कि वहां से भारत कैसा दिखता है और राकेश शर्मा बेसाख्ता बोल उठें कि सारे जहाँ से अच्छा. लेकिन वो तब नज़र आता है जब पद्मश्री काम से नहीं तलवे चाटने से मिलती है. तुम्हारी आज़ादी तुम्हें मुबारक, मगर प्लीज़ इसे देश की आज़ादी मत कहना. पैदल घरों को लौटते मजदूरों का खून फिर से सड़कों को शर्मिंदा कर जाता है.</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/bahubali-looking-for-bahubali-with-binoculars/">डंके की चोट पर : बाहुबली को दूरबीन से तलाश करता बाहुबली</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/im-alive-can-take-right/">डंके की चोट पर : जिन्दा हूँ हक़ ले सकता हूँ</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/is-bjp-making-sense-of-party-with-difference/">डंके की चोट पर : पार्टी विथ डिफ़रेंस के क्या यह मायने गढ़ रही है बीजेपी</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/test-the-character-of-power-or-else-the-media-is-now-preparing-for-murder/">डंके की चोट पर : सत्ता के चरित्र को परखिये वर्ना अब मीडिया के कत्ल की तैयारी है</a></strong></span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>के.पी. ने आमिर खान के सामने शर्त रखी कि डायलाग तो लिख दूंगा लेकिन&#8230;</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/kp-has-put-a-condition-in-front-of-aamir-khan-that-i-will-write-the-dialogue-but/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 Oct 2021 13:31:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[फिल्म &#8216;स्वदेस&#8221; में उनका लिखा एक डायलाग है &#8216;अपने ही पानी में पिघल जाना बर्फ का मुकद्दर होता है।&#8221; और &#8216;जिन्दगी इतनी खूबसूरत हो कि जिस दिन मौत आये उस दिन हमारे साथ वह भी खूबसूरत हो जाए&#8221;&#8230;. दिल को छू लेने वाली जिन्दगी की फिलासफी को बयान करने वाली इन लाइनों के रचयिता महान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft wp-image-238925 size-medium" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/premendra-300x172.jpg" alt="" width="300" height="172" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/premendra-300x172.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/premendra.jpg 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />फिल्म &#8216;स्वदेस&#8221; में उनका लिखा एक डायलाग है &#8216;अपने ही पानी में पिघल जाना बर्फ का मुकद्दर होता है।&#8221; और &#8216;जिन्दगी इतनी खूबसूरत हो कि जिस दिन मौत आये उस दिन हमारे साथ वह भी खूबसूरत हो जाए&#8221;&#8230;. दिल को छू लेने वाली जिन्दगी की फिलासफी को बयान करने वाली इन लाइनों के रचयिता महान व्यंग्यकार, नाटककार व फिल्मों के सफल स्क्रिप्ट राइटर जनाब के पी सक्सेना जी आज ही के दिन 31 अक्टूबर 2013 को हम चाहने की आंखों को नम कर हमेशा हमेशा के लिए इस फानी दुनिया को अलविदा कह गये।</p>
<p>आज हम नामचीन फिल्मों के संवाद लेखक के बारे में बात करेंगे। प्रसिद्ध व्यंग्यकार, पद्मश्री केपी सक्सेना के लिखे संवादों ने फिल्मों को सुपर हिट बना दिया। कालिका प्रसाद सक्सेना यानी अपने केपी दादा का जन्म 13 अप्रैल 1932 को बरेली में हुआ था। उनके पिताजी मुजफ्फर अली के पिता राजा सैयद साजिद हुसैन अली के दीवान थे। घोड़े से गिरकर उनकी मौत हो गयी थी। उनका निधन तब हो गया था जब केपी दादा मात्र 10 वर्ष थे। वे अपने मामा के साथ रहने आ गए। उनकी आरम्भिक शिक्षा बरेली में हुई व हाई स्कूल व इंटरमीडिएट उन्होंने गोरखपुर से किया। उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ आये और विश्वविद्यालय से बाटनी में एमएससी की डिग्री प्राप्त की। काफी समय वो वजीरगंज थाने के पीछे रहते रहे। फिर पाटा नाला के पास आ गये।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-238926 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/kp-saxena-new.jpg" alt="" width="627" height="480" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/kp-saxena-new.jpg 627w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/kp-saxena-new-300x230.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 627px) 100vw, 627px" /></p>
<p>उन्होंने क्रिश्चियन कलेज में प्रोफेसर बन, तीन वर्षों तक अध्यापन कार्य किया। उन्होंने बाटनी पर 14 पाठ्य पुस्तकें भी लिखीं। फिर उन्हें रेलवे में सहायक स्टेशन मास्टर की नौकरी मिल गई। उनकी पहली पोस्टिंग भी लखनऊ शहर में ही हुई थी। केपी दादा को बचपन से ही लिखने के शौक था उन्होंने उर्दू में लिखना शुरू किया। सुप्रसिद्ध लेखक अमृत लाल नागर जी ने उनसे हिंदी लिखने के लिए कहा। हिंदी के समाचार पत्रों की साप्ताहिक पत्रिकाओं और राष्ट्रीय पत्रिकाओं के लिए भी व्यंग्य लिखना शुरू किया। जो लोगों की पहली पसंद बन गये। बाद में उन्होंने आकाशवाणी और दूरदर्शन और धारावाहिकों के लिए कई नाटक लिखे और लेखन की एक नयी शैली व भाषा का आविष्कार किया जिसमें स्थानीय बोली के देशज शब्द लोगों के दिलों में उतरने लगे। हिंदी, अवधी और उर्दू के समिश्रण से तैयार भाषा उनकी पहचान बन गयी।</p>
<p>1981 में जब उन्होंने लखनऊ दूरदर्शन के लिए धारावाहिक &#8216;बीबी नातियों वाली&#8221; लिखा, जिसे सुशील कुमार सिंह ने निर्देशित किया था, इस धारावाहिक को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। बाद में लोगों की पसंद को देखते हुए इसे राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित किया गया, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। बाद में जापान में भी इसे डब करके दिखाया गया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-238927 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/k.p.films_.jpg" alt="" width="640" height="309" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/k.p.films_.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/k.p.films_-300x145.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>बॉलीवुड के सुपर स्टार व निर्माता आमिर खान अवध की पृष्ठभूमि पर आशुतोष गवारिकर के निर्देशन में फिल्म &#8216;लगान&#8221; की तैयारी कर रहे थे। केपी दादा के धारावाहिक &#8216;बीबी नातियों वाली&#8221; की ख्याति से मुतासिर होकर उन्होंने दादा को फोन किया और कहा कि मैं आमिर खान बोल रहा हूं, आप मेरी फिल्म लगान के डायलाग लिखेंगे? उन्हें लगा कि सुबह सुबह कोई प्रैंक कर रहा है। उन्होंने फोन काट दिया। फिर फोन आया। तब उन्हें विश्वास हुआ कि सच में आमिर खान ही हैं। उन्होंने हां तो कर दी पर एक शर्त भी रख दी कि वे लखनऊ में रहकर ही पटकथा व संवाद लिखेंगे। फिल्म सुपर डुपर हिट रही। अब तो आशुतोष गवारिकर के दादा पहली पसंद बन गये।</p>
<p>जब उन्हें &#8216;जोधा अकबर&#8221; फिल्म के डायलॉग लिखने के लिए आशुतोष ने कहा तो यह उनके उर्दू, अरबी, फारसी, संस्कृत व राजस्थानी भाषा के ज्ञान का इम्तेहान था। उन्होंने एक महीने का समय मांगा। उनका काफी समय रिसर्च में बीता। उनके परम मित्र व कवि जनाब सूर्य कुमार पांडेय बताते हैं कि पुरानी कल्याण पत्रिकाएं और दुर्लभ किताबें उन्होंने मुझसे मंगवाईं। वे जानकारी प्राप्त करने में न संकोच करते न शर्म। आशुतोष को जब तैयार डायलाग मिले तो उन्होंने पढ़कर कहा कि वंडरफुल। बाद में दादा के न रहने पर उनका संदेश आया,&#8217; केपी सर स्क्रिप्ट को खत्म करने के लिए एक महीने तक दिन में 12 से 14 घंटे तक लिखते थे। &#8216;जोधा अकबर&#8221; के डायलाग उन्होंने मुझे पढ़कर सुनाए ताकि मैं डायलाग डिलीवरी और उच्चारण को समझ सकूं।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>वे शूटिंग के समय भी रहे ताकि वो देख सकें कि आम आदमी को डायलाग समझ में आ सकेंगे कि नहीं। मैं समझता हूं कि &#8216;मुगले आजम&#8221; के बाद यह एक मुश्किल काम था जिसे केपी सर के अलावा और कोई नहीं कर सकता था।&#8221; निर्देशक प्रियदर्शन की फिल्म &#8216;हलचल&#8221; (अक्षय खन्ना, करीना कपूर 2004), फिर आशुतोष गवारिकर के निर्देशन में &#8216;स्वदेस&#8221; (शाहरुख खान, गायत्री जोशी -2004), &#8216;जोधा अकबर&#8221; (रितिक रोशन, ऐश्वर्या राय- 2008) की फिल्मों के संवाद लेखन के बाद वे एक हारर फिल्म की कहानी पटकथा व संवाद लिखने की इच्छा रखते थे। लेकिन वक्त से मौका नहीं दिया।</strong></span></p></blockquote>
<p>उन्होंने व्यंग्य कालम, नाटक, व्यंग्य रचनाओं का संकलन व फिल्मों में संवाद लेखन के अलावा रेडियो और दूरदर्शन के लिए कई नाटक न सिर्फ लिखे बल्कि काम भी किया। वो फिल्मी मैगजीन मायापुरी में साप्ताहिक व्यंग्य पीस लिखते थे लेकिन उन्हें फिल्में देखने का शौक नहीं था। ये उनके लिए वेस्टेज आफ टाइम था।</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/seven-years-after-begum-akhtars-marriage/">बेगम अख्तर की शादी के सात साल बाद…</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/mac-mohans-father-bought-the-bungalow-given-by-the-government-in-lucknow/">मैक मोहन के पिताजी ने लखनऊ में जिस बंगले को सरकार ने दिया था उसी को खरीद लिया</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/with-great-fanfare-ath-chair-story/">बड़े अदब से : अथ कुर्सी कथा</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/bahubali-looking-for-bahubali-with-binoculars/">डंके की चोट पर : बाहुबली को दूरबीन से तलाश करता बाहुबली</a></strong></span></p>
<p>1971 में पाकिस्तान से युद्ध के बाद उन्होंने देश के लिए धन एकत्र करने के लिए नुक्कड़ नाटक लिखा जिसका निर्देशन आकाशवाणी के जयदेव शर्मा कमल ने किया था। यही नहीं शरद जोशी के बाद उनकी चुटीली व्यंग्य रचनाओं को लोग इतना पसंद करने लगे कि उनके व्यंग्य (गद्य) लेखक होने के बावजूद उन्हें कवि सम्मेलन में आमंत्रित किया जाने लगा। 1995 में उन्होंने मंच से नाता तोड़ लिया। वो कहते थे कि रास्ते तो कभी खत्म नहीं होते हमें अपनी सुविधा के अनुसार मोड़ आते ही उसे ले लेना चाहिए। हो सकता है कि वो मोड़ आपकी मंजिल तक जाता हो। उन्होंने अपनी नौकरी से वालेंटरी रिटायरमेंट ले लिया। गद्य लेखक होने के बावजूद काव्य मंच पर बहुत समर्थ कवियों से कहीं ज्यादा तालियां बटोरते थे। उनका मंच पर व्यंग्य प्रस्तुतिकरण अंदाज लाजवाब था। उन्होंने 1800 के आसपास व्यंग्य रचनाएं लिखीं। वह कहते थे कि एक पलड़े पर एक पहलवान को खड़ा कर दो और दूसरे पर मेरी रचनाएं रख दो, मजाल है जो पलड़ा एक इंच भी उठ जाए। साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2000 में भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।</p>
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		<title>अयोध्या में होगा राक्षस युद्ध तो फाइट मास्टर दिखाएंगे कमाल</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/if-there-will-be-a-monster-war-in-ayodhya-then-the-fight-master-will-show-amazing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Sep 2021 14:14:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज़ ब्यूरो लखनऊ। अयोध्या की रामलीला का मंच इस बार 130 फीट का होगा। लंका अलग से 60 फीट की बनाई जा रही है। लीला को भव्य रूप देते हुए इस वर्ष कुंभकरण वध, लंका दहन तथा रावण वध को और भी दर्शनीय बनाया जायेगा। ऐसी बहुत सी जानकारियां अयोध्या की रामलीला कमेटी के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #0000ff;">जुबिली न्यूज़ ब्यूरो</span> </strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> अयोध्या की रामलीला का मंच इस बार 130 फीट का होगा। लंका अलग से 60 फीट की बनाई जा रही है। लीला को भव्य रूप देते हुए इस वर्ष कुंभकरण वध, लंका दहन तथा रावण वध को और भी दर्शनीय बनाया जायेगा। ऐसी बहुत सी जानकारियां अयोध्या की रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुभाष बॉबी ने संस्कृति मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी को शुभारम्भ के लिए निमंत्रित करते हुए दीं। साथ ही सभी तैयारियों से अवगत कराया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-235449 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/ayodhya-ki-ramleela-.jpeg" alt="" width="576" height="480" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/ayodhya-ki-ramleela-.jpeg 576w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/ayodhya-ki-ramleela--300x250.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></p>
<p>अयोध्या की रामलीला में नये रंग भरते हुए राक्षस युद्धों को मुंबई के फाइट मास्टर इस तरह पेश करेंगे कि लगेगा हवा में राक्षस युद्ध कर रहे हैं। लीला का प्रसारण सोशल मीडिया और दूरदर्शन पर 6 से 15 अक्टूबर शाम 7 से रात 10 बजे तक श्रद्धालु दर्शकों के लिए जीवंत होगा। लीलास्थल पर दर्शकों को अनुमति नहीं होंगी। मेरी मां फाउंडेशन द्वारा आयोजित अयोध्या की रामलीला कमेटी के अध्यक्ष बाबी ने मार्गदर्शन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहयोग के लिए संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी के साथ ही अयोध्या शोध संस्थान का आभार व्यक्त किया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अयोध्या की रामलीला में जानी मानी प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी मां शबरी की भूमिका में नजर आयेंगी। सांसद व भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी कई भूमिकाएं अदा करेंगे। भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन परशुराम बनेंगे। बिंदु दारा सिंह हनुमान व एक फिल्म में नरेन्द्र मोदी की भूमिका जीने वाले कैप्टन राज माथुर भरत और शहबाज खान रावण के किरदार में नजर आएंगे।</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/indias-danka-is-ringing-all-over-the-world/">पूरी दुनिया में बज रहा है भारत का डंका</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/the-vicious-thief-who-walked-in-the-ship-wearing-branded-clothes-the-police-were-also-stunned-after-hearing-the-story/">ब्रांडेड कपड़े पहनकर जहाज़ में चलने वाला निकला शातिर चोर, कहानी सुनकर पुलिस भी दंग</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/for-property-he-was-doing-blood-of-brothers-and-nephews-for-twenty-years/">सम्पत्ति के लिए वो बीस साल से कर रहा था भाई भतीजों का खून</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/only-you-need-facilities-of-focut/">डंके की चोट पर : फोकट की सुविधाएं सिर्फ आपको ही चाहिए मंत्री जी</a></strong></span></p>
<p>हास्य कलाकार असरानी नारद मुनि तो रजा मुराद कुंभकरण और शक्ति कपूर अहिरावण के किरदार में नजर आएंगे। अन्य महिला चरित्रों में शीबा खान मंदोदरी व अमिता नांगिया कैकयी बनेंगी। राकेश बेदी बाली व अवतार गिल विभीषण का चरित्र निभाने मंच पर उतरेंगे। संस्कृति मंत्री से मुलाकात के मौके पर अमित कुमार, नितिन शर्मा, दिनेश फुलारा, अमित साहनी, प्रदीप अग्रवाल, संदीप गोयल, अजय बजाड़, अजीत कटारिया, दिनेश डागर व अक्षय गोयल मौजूद थे।</p>
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