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	<title>Jubilee Post &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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	<description>News &#38; Information Portal</description>
	<lastBuildDate>Tue, 04 Jan 2022 06:30:25 +0000</lastBuildDate>
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		<title>दिसंबर में बेरोजगारी दर ने तोड़ा चार महीने का रिकॉर्ड</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/unemployment-rate-broke-four-month-record-in-december/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Jan 2022 05:54:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क देश में एक ओर कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है। पिछले महीने दिसंबर में बेरोजगारी दर ने चार महीने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं कोरोना के नये वेरिएंट ओमिक्रोन के कारण भी लोगों से रोजी-रोटी छिनने का खतरा मंडरा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>देश में एक ओर कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है। पिछले महीने दिसंबर में बेरोजगारी दर ने चार महीने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं कोरोना के नये वेरिएंट ओमिक्रोन के कारण भी लोगों से रोजी-रोटी छिनने का खतरा मंडरा रहा है।</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-244549" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/01/berojgar-111.jpg" alt="" width="1200" height="667" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/01/berojgar-111.jpg 1200w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/01/berojgar-111-300x167.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/01/berojgar-111-1024x569.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/01/berojgar-111-768x427.jpg 768w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>नए आंकड़ों के मुताबिक भारत की बेरोजगारी दर दिसंबर में 4 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने ये नए आंकड़ें तीन जनवरी को जारी किए हैं।</p>
<p>दिसंबर में बेरोजगारी दर बढ़कर 7.9 फीसदी हो गई, जो नवंबर में 7 % थी, जो अगस्त में 8.3 फीसदी के बाद सबसे अधिक है।</p>
<p>कई राज्यों में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले बढऩे और सोशल डिस्टेंसिंग प्रतिबंधों को और बढाने के बाद देश में आर्थिक गतिविधि प्रभावित हुई है।</p>
<p>आंकड़ों से पता चलता है कि शहरी बेरोजगारी दर दिसंबर में बढ़कर 9.3 फीसदी हो गई, जो पिछले महीने में 8.2 % थी, जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर 6.4 % से बढ़कर 7.3 % हो गई।</p>
<p>वहीं कई अर्थशास्त्रियों को चिंता है कि ओमिक्रोन वेरिएंट पिछली तिमाही में देखी गई आर्थिक सुधार के आंकड़ों को खराब कर सकता है।</p>
<p>राज्यों के हिसाब से बेरोजगारी दर देखें तो सबसे खस्ता हाल हरियाणा का है। यहां बेरोजगारी दर 34.1 फीसदी है और सबसे कम बेरोजगारी कर्नाटक में है। कर्नाटक में बेरोजगारी दर 1.4 % है।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/corona-37379-new-cases-of-infection-found-in-last-24-hours-124-deaths/">कोरोना : बीते 24 घंटे में संक्रमण के मिले 37,379 नए मामले, 124 की मौत</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/arvind-kejriwal-corona-positive/">दिल्ली के सीएम केजरीवाल कोरोना पॉजिटिव</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/why-did-priyanka-gandhi-isolate-herself/">प्रियंका गांधी ने इसलिए किया खुद को आइसोलेट</a></strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-175708" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/berojgar.png" alt="" width="1100" height="618" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/berojgar.png 1100w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/berojgar-300x169.png 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/berojgar-1024x575.png 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/berojgar-768x431.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1100px) 100vw, 1100px" /></p>
<p>कर्नाटक के बाद गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना में बेरोजगारी अन्य राज्यों की अपेक्षा काफी कम है।</p>
<p>इसके अलावा सबसे हरियाणा के बाद अधिक बेरोजगारी दर में राजस्थान, बिहार और जम्मू कश्मीर का नंबर है। बिहार में जनवरी को छोड़ दें तो हर महीने बेरोजगारी दर 10-16%  तक रहा है।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/negligence-coveshield-was-replaced-by-covaccine-for-2-children/">लापरवाही : 2 किशोरों को कोवैक्सीन की जगह लगा दी गई कोविशील्ड</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/video-bjp-ministers-clashed-with-congress-mp-on-stage-in-the-presence-of-cm/">Video : CM की मौजदगी में ही मंच पर भिड़ गए कांग्रेसी सांसद से BJP के मंत्री</a></strong><strong> </strong></span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने की क्यों कर रहे हैं ये लोग वक़ालत ?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/why-are-these-people-advocating-for-increasing-the-excise-duty-on-tobacco-products/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Dec 2021 11:47:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली हेल्थ]]></category>
		<category><![CDATA[अर्थशास्त्रियों]]></category>
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		<category><![CDATA[तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली स्पेशल डेस्क लखनऊ। अर्थशास्त्रियों और चिकित्सकों के साथ जनस्वास्थ्य समूह सरकार ने अपील कर रहे हैं कि सभी तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया जाए ताकि अतिरिक्त राजस्व पैदा हो सके। वित्त मंत्रालय से की गई अपनी अपील में इन सबों ने सिगरेट, बीड़ी और बगैर धुंए वाले तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"> <strong>जुबिली स्पेशल डेस्क</strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>लखनऊ।</strong> </span>अर्थशास्त्रियों और चिकित्सकों के साथ जनस्वास्थ्य समूह सरकार ने अपील कर रहे हैं कि सभी तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया जाए ताकि अतिरिक्त राजस्व पैदा हो सके।</p>
<p>वित्त मंत्रालय से की गई अपनी अपील में इन सबों ने सिगरेट, बीड़ी और बगैर धुंए वाले तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने की अपील की है। इस समूह के अनुसार, सभी तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाना केंद्र सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने की आवश्यकता पूरी करने का एक बहुत ही प्रभावी नीतिगत तरीका हो सकता है।</p>
<p>तंबाकू से प्राप्त होने वाला कर राजस्व महामारी के दौरान संसाधनों की बढ़ी हुई आवश्यकताओं में अच्छा खासा योगदान कर सकता है। इनमें टीकाकरण और स्वास्थ्य संरचना को बेहतर करना शामिल है।</p>
<p>सभी तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी की सबसे ऊंची दर से उत्पाद शुल्क लगाने से यह सुनिश्चित होगा कि तंबाकू उत्पाद सस्ते और आसान पहुंच में न रहें। इससे तंबाकू का उपयोग कम करने की ठोस बुनियाद मुहैया होगी और जो लोग इन का उपयोग शुरू कर सकते हैं उनके जीवन पर इसका लंबे समय तक चलने वाला प्रभाव रहेगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-242186" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/12/tobacco-JUBILEE-POST.jpg" alt="" width="1320" height="850" /></p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>इनमें देश के 268 मिलियन तंबाकू उपयोगकर्ताओं के साथ बच्चे और युवा भी हैं जो तंबाकू का सेवन करते हैं या करना चाहते हैं पर कीमत बढ़ने से प्रभावित होंगे। </strong></span><span style="color: #ff0000;"><strong>वॉलंट्री हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मुख्य कार्यकारी भावना मुखोपाध्याय ने कहा, “भावना मुखोपाध्याय ने कहा, सभी तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने से केंद्र सरकार को अच्छा खासा राजस्व मिलेगा और महंगा होने के कारण तंबाकू उत्पादों को खरीदना मुश्किल या कम आसान होगा, खासकर युवाओं के लिए। राजस्व में वृद्धि और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान कम करने के लिए वित्त मंत्री से आग्रह की प्रशंसा नागरिक करेंगे।” </strong><strong>इस समय चल रहे शीतकालीन सत्र में वित्त मंत्रालय ने एक संसदीय सवाल के जवाब में स्पष्ट किया है कि वर्ष 2018-19 में तंबाकू उत्पादों पर एकत्र केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेस (उपकर) 1234 करोड़ रुपए था जो 2019-20 में 1610 करोड़ और 2020-21 में 4962 करोड़ रुपए था। तंबाकू से एकत्र कर दूसरे स्रोतों से प्राप्त के जैसा ही है और भारत सरकार के संपूर्ण सकल कर राजस्व (जीटीआर) का भाग है तथा इसका उपयोग सरकार की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए धन के रूप में किया जाता है।</strong></span></p></blockquote>
<p>तंबाकू पर कर में केंद्रीय उत्पाद शुल्क का हिस्सा घटकर औसतन सिगरेट के लिए 54% से 8%, बीड़ी के लिए 17% से 1% और बगैर धुंए वाले तंबाकू उत्पादों के मामले में 59% से 11% रह गया है। यह 2017 (जीएसटी लागू होने से पहले और 2021 (जीएसटी के बाद) की स्थिति है।</p>
<p>तथ्य यह है कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से तंबाकू पर कर में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है और गुजरे तीन वर्षों में सभी तंबाकू उत्पाद किफायती हुए हैं या पहुंच में आ गए हैं।</p>
<p>दुनिया भर के कई देशों में जीएसटी के साथ या बिक्री कर लगता है तथा इन्हें लगातार संशोधित किया जा रहा है। इसके बावजूद तंबाकू पर उत्पाद शुल्क बेहद कम है।<br />
राजागिरि कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज, कोच्चि में हेल्थ इकनोमिस्ट और एडजंक्ट प्रोफेसर डॉ. रिजू जॉन ने कहा, “जीएसटी लागू किए जाने के बाद भारत में तंबाकू उद्योग तंबाकू उत्पादों पर एक तरह से विस्तारित कर-मुक्त सत्र का आनंद ले रहा है क्योंकि इस अवधि में तंबाकू पर कराधान में कोई अहम वृद्धि नहीं हुई है।</p>
<p>इससे कई तंबाकू उत्पाद सस्ते और आसान पहुंच में आ गए हैं। यह जन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह हो सकता है और आशंका है कि 2010-2017 के दौरान भारत ने तंबाकू के उपयोग के मामले में जो कमी हासिल की है वह उलट जाए। केंद्रीय बजट में जनस्वास्थ्य से संबंधित इस मामले पर विचारशील रुख अपनाया जाना चाहिए और तंबाकू खासकर बीड़ी पर टैक्स में अच्छी-खासी वृद्धि की जानी चाहिए।”</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-242187" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/12/tobacco-JUBILEE-POST-1.jpg" alt="" width="1097" height="823" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/12/tobacco-JUBILEE-POST-1.jpg 600w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/12/tobacco-JUBILEE-POST-1-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 1097px) 100vw, 1097px" /></p>
<p>कुल कर भार (खुदरा कीमत समेत अंतिम टैक्स के प्रतिशत के रूप में टैक्स) सिगरेट के लिए करीब 52.7%, बीड़ी के लिए 22% और बगैर धुंए वाले तंबाकू पर 63.8% है। यह सभी तंबाकू उत्पादों पर खुदरा मूल्य का कम से कम 75% कर भार रखने के विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसा के मुकाबले बहुत कम है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के मुकाबले टैक्स बढ़ाकर तंबाकू उत्पादों की कीमत बढ़ाना तंबाकू का उपयोग कम करने की सबसे प्रभावी नीति है। तंबाकू की ऊंची कीमत इसे पहुंच से दूर करती है और खरीदना मुश्किल बनाती है। इससे उपयोगकर्ता सेवन छोड़ने के लिए प्रेरित होते हैं, गैर उपयोगकर्ताओं को शुरुआत करने से रोकता है और जो उपयोग जारी रखते हैं उनमें खपत कम होती है।</p>
<p>तंबाकू के उपयोग से गंभीर कोविड-19 संक्रमण, जटिलताओं और मौत का जोखिम बढ़ता है। उपलब्ध अनुसंधान से संकेत मिलता है कि धूम्रपान करने वाले गंभीर बीमारी के शिकार होने और कोविड-19 से मौत के लिहाज से भारी जोखिम में रहते हैं।</p>
<p>तंबाकू का उपयोग अपने आप में धीमे बढ़ने वाली एक महामारी है और हर साल इससे 13 लाख भारतीयों की मौत होती है। ऐसे में पहले के मुकाबले यह ज्यादा गंभीर है कि तंबाकू उत्पादों को उन लोगों से दूर रखा जाए जो इसका सेवन शुरू कर सकते हैं या आदी हो सकते हैं। इनमें युवा और समाज के उपेक्षित व पिछड़े वर्ग के लोग हैं।</p>
<p>डॉ. पंकज चतुर्वेदी, हेड नेक कैंसर सर्जन, टाटा मेमोरियल हॉस्पीटल ने कहा, “इस बात के अच्छे-खासे सबूत हैं कि तंबाकू से कोविड-19 संक्रमण और इसके बाद की जटिलताओं के गंभीर मामलों का जोखिम बढ़ जाता है। तंबाकू के उपयोगकर्ताओं में कोविड के बाद मौत का जोखिम ज्यादा है। यह उपयोगकर्ताओं और देश के हित में है कि सभी तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ा दिया जाए। इससे इसकी खरीद और खपत कम होगी। इससे कोविड-19 संक्रमण तथा उसकी जटिलताओं का शिकार होना कम होगा।”</p>
<p>भारत में तंबाकू का उपयोग करने वालों की संख्या दुनिया भर में दूसरे नंबर पर है (268 मिलियन) और इनमें से 13 लाख हर साल तंबाकू से संबंधित बीमारियों से मर जाते हैं। भारत में सभी कैंसर में करीब 27% तंबाकू के कारण होते हैं। तंबाकू के कारण होने सभी सभी बीमारियों और मौतों की वार्षिक आर्थिक लागत 2017-18 में 177,341 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो भारत के जीडीपी का 1% है। कोविड के बाद इसका बढ़ना जारी रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>GST कौंसिल की बैठक से पहले चिकित्सकों ने तंबाकू उत्पादों को लेकर की ये मांग</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/before-the-meeting-of-the-gst-council-doctors-made-this-demand-regarding-tobacco-products/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Sep 2021 07:04:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[Before the meeting of the GST Council]]></category>
		<category><![CDATA[doctors made this demand regarding tobacco products]]></category>
		<category><![CDATA[GST कौंसिल]]></category>
		<category><![CDATA[अर्थशास्त्रियों]]></category>
		<category><![CDATA[चिकित्सकों]]></category>
		<category><![CDATA[तंबाकू]]></category>
		<category><![CDATA[वालंट्री हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.jubileepost.in/?p=234493</guid>

					<description><![CDATA[जुबिली स्पेशल डेस्क चिकित्सकों और अर्थशास्त्रियों के साथ जनस्वास्थ्य समूह जीएसटी कौंसिल से कह रहे हैं कि सभी तंबाकू उत्पादों पर कंपनसेशन (क्षतिपूर्ति) सेस बढ़ा दिया जाए ताकि सरकार के लिए अतिरिक्त राजस्व पैदा हो सके। 17 सितंबर को होने वाली जीएसटी कौंसिल की बैठक से पहले इन सभी ने कौंसिल से अपील की है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>जुबिली स्पेशल डेस्क</strong></span></p>
<p>चिकित्सकों और अर्थशास्त्रियों के साथ जनस्वास्थ्य समूह जीएसटी कौंसिल से कह रहे हैं कि सभी तंबाकू उत्पादों पर कंपनसेशन (क्षतिपूर्ति) सेस बढ़ा दिया जाए ताकि सरकार के लिए अतिरिक्त राजस्व पैदा हो सके।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>17 सितंबर को होने वाली जीएसटी कौंसिल की बैठक से पहले इन सभी ने कौंसिल से अपील की है कि अतिरिक्त राजस्व के लिए सभी तंबाकू उत्पादों पर कंपनसेशन (क्षतिपूर्ति) सेस लगाने के असाधारण उपाय पर विचार किया जाए।</strong></span></p></blockquote>
<p>तंबाकू से प्राप्त होने वाला यह टैक्स राजस्व महामारी के दौरान संसाधनों की बढ़ी हुई आवश्यकता में अच्छा-खासा योगदान कर सकेगा। इनमें टीकाकरण और स्वास्थ्य संरचना को बेहतर करना शामिल है ताकि संभावित तीसरी लहर की तैयारी की जा सके।</p>
<p>इस समूह के मुताबिक आज के चुनौतीपूर्ण समय में तंबाकू पर टैक्स बढ़ाना सबके फायदे की नीति रहेगी। एक तो यह कोविड-19 महामारी से लगे आर्थिक झटके से निपट सकेगा और दूसरे कोविड-19 से होने वाले नुकसान को सीधे कम कर सकेगा।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़े : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/inflation-hit-after-lpg-cylinder-now-the-prices-of-these-things-will-increase/">महंगाई की मार : LPG सिलेंडर के बाद अब इन चीजों के बढ़ेंगे दाम !</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़े : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/farmers-strike-ended-in-karnal-with-these-conditions/">इन शर्तों के साथ करनाल में खत्म हुआ किसानों का धरना</a></strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-234494" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/gst-concil-meating.jpg" alt="" width="1280" height="720" /></p>
<p>कोविड-19 की दूसरी लहर देश के लिए एक बड़े झटके की तरह रही है और यह पहली लहर से काफी ज्यादा रही है। पहली लहर के बाद अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और महामारी के नकारात्मक आर्थिक झटके से प्रभावित लोगों की क्षतिपूर्ति के लिए भारत सरकार ने पहले ही कई वित्तीय और आर्थिक प्रेरक उपायों की घोषणा की है।</p>
<p>सरकारी खजाने की वित्तीय आवश्यकताएं लगातार बढ़ रही हैं और इसके साथ तथ्य है कि टीकाकरण अभियान तथा संभावित तीसरी लहर की तैयारियों के लिए विशाल संसाधनों की आवश्यकता है।</p>
<p>कोविड-19 महामारी के कारण केंद्र और राज्य – दोनों सरकारों के लिए जीएसटी राजस्व प्राप्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और इसका परिणाम यह है कि केंद्र सरकार भिन्न राज्य सरकारों को जीएसटी के तहत गारंटीशुदा कंपनसेशन सेस का बकाया नहीं बांट पाई है।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़े :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/satire-with-great-respect-chindi-chindi-hindi-by-premendra-srivastava/">व्यंग्य / बड़े अदब से : चिन्दी चिन्दी हिन्दी</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़े :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/another-nirbhaya-dies-in-mumbai/">मुंबई में एक और ‘निर्भया’ ने तोड़ा दम</a></strong></span></p>
<p>जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से तंबाकू पर टैक्स में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे में सभी तंबाकू उत्पाद पिछले तीन वर्षों के दौरान ज्यादा लोगों की पहुंच में आ गए हैं।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>कुल टैक्स बोझ (खुदरा मूल्य समेत अंतिम टैक्स के प्रतिशत के रूप में टैक्स) सिगरेट पर सिर्फ करीब 52.7%, बीड़ी के लिए 22% और अन्य तंबाकू उत्पादों के लिए 63.8% है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुशंसित टैक्स बोझ के मुकाबले बहुत कम है। सिफारिश तंबाकू उत्पादों के खुदरा मूल्य का कम से कम 75% टैक्स रखने की है।</strong></span></p></blockquote>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार टैक्स में वृद्धि के जरिए तंबाकू की कीमत बढ़ाना तंबाकू का उपयोग कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। तंबाकू की कीमत इतनी ज्यादा हो कि उस तक पहुंच कम हो जाए तो यह स्थिति लोगों को तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए प्रेरित करती है, जो उपयोग नहीं करते उन्हें शुरू करने से रोकती है और जारी रखने वाले उपयोगकर्ताओं में इसकी मात्रा या खपत कम होती है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>मैं जीएसटी कौंसिल से अपील करता हूं कि बीड़ी पर दूसरे ‘सिन उत्पादों’ जैसे सिगरेट और बिना धुंए वाले तंबाकू उत्पादों (पान मसाला, खैनी आदि) की तरह क्षतिपूर्ति सेस लगाया जाए और सिगरेट तथा बिना धुंए वाले तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले मौजूदा क्षतिपूर्ति सेस को बढ़ाया जाए ताकि कुल टैक्स बोझ उनके खुदरा मूल्य का 75 प्रतिशत हो जाए </strong></span></p></blockquote>
<p><span style="color: #ff6600;"><strong>                                                         <span style="color: #000000;">डॉ अरविंद मोहन, डीन अकादमिक, लखनऊ विश्वविद्यालय और प्रोफेसर और प्रमुख, अर्थशास्त्र विभाग</span></strong></span></p>
<p>महामारी के इस समय में जीएसटी राजस्व में कंपनी के लिए राज्यों को भरपाई करने के लिए राजस्व जुटाने की तात्कालिक आवश्यकता के रूप में सिगरेट और बिना धुंए वाल तंबाकू उत्पाद (खैनी, पान मसाला आदि) पर मौजूदा कंपनसेशन सेस बढ़ाना तथा बीड़ी पर कंपनसेशन टैक्स लगाना बहुत ही प्रभावी नीति हो सकती है।</p>
<p>राजस्व जुटाने और तंबाकू का उपयोग कम करने का यह एक अच्छा तरीका हो सकता है। इससे संबद्ध बीमारियों के साथ-साथ कोविड से जुड़े नुकसान भी कम होंगे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-173307" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/tambaku.jpg" alt="" width="512" height="294" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/tambaku.jpg 512w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/tambaku-300x172.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 512px) 100vw, 512px" /></p>
<p>वालंट्री हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मुख्य कार्यकारी भावना मुखोपाध्याय ने कहा, “कोविड-19 से जो आर्थिक झटका लगा है उससे निकलने के लिए देश को भारी वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होगी।</p>
<p>सभी तंबाकू उत्पादों पर कंपनसेशन सेस बढ़ाना सबके लिए फायदेमंद होगा क्योंकि इससे सरकार के लिए अच्छा-खासा राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही यह लाखों लंबाकू उपयोगकर्ताओं को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा और युवाओं को तंबाकू की लत लगने से पहले ही रोक सकेगा।”</p>
<p>तंबाकू के उपयोग से कोविड-19 संक्रमण, जटिलताएं और मौत के मामले बढ़ने का जोखिम बहुत ज्यादा होता है। उपलब्ध अनुसंधान से संकेत मिलता है कि धूम्रपान करने वालों को गंभीर बीमारी होने और कोविड-19 से मौत का जोखिम बहुत ज्यादा है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong> कोविड के कारण भारत में गुजरे 17 महीने में चार लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। तंबाकू का उपयोग अपने आप में धीमे चलने वाली महामारी है और हर साल 13 लाख भारतीयों की मौत इससे होती है। इसलिए, तंबाकू उत्पादों को युवाओं और समाज के गरीब कमजोर वर्ग से दूर रखना अब यह पहले के मुकाबले ज्यादा महत्वपूर्ण है।</strong></span></p></blockquote>
<p>टाटा मेमोरियल हॉस्पीटल में गर्दन के कैंसर के प्रमुख सर्जन डॉ. पंकज चतुर्वेदी के अनुसार – इस बात के अच्छे-खासे सबूत हैं कि तंबाकू गंभीर कोविड संक्रमण और उसके बाद होने वाली जटिलताओं के जोखिम बढ़ा देता है।</p>
<p>धूम्रपान से लंग (फेफड़े) का काम बाधित होता है और शरीर का प्रतिरक्षण कम होता है। कोविड के बाद तंबाकू का उपयोग करने वालों के लिए मौत का जोखिम बढ़ गया है।</p>
<p>यह उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ देश हित में है कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ा दिया जाए। इससे ये बहुतों की पहुंच में नहीं रहेंगे और उनके लिए खरीद कर पीना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद कोविड 19 का प्रभाव तथा इसकी जटिलताएं सीमित होंगी।</p>
<p>भारत में तंबाकू उपयोगकर्ताओं की संख्या (268 मिलियन) दुनिया में दूसरे नंबर पर है और इनमें से 13 लाख हर साल मर जाते हैं। भारत में होने वाले सभी कैंसर में से करीब 27 प्रतिशत तंबाकू के कारण होते हैं।</p>
<p>केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार किसी भी रूप में तंबाकू के सेवन (सिगरेट, बीड़ी, खैनी, पान मसाला) का संबंध कोविड-19 के गंभीर नुकसान से रहा है।</p>
<p>तंबाकू के उपयोग से होने वाली सभी बीमारियों और मौत की वार्षिक आर्थिक लागत 2017-18 में 1,77,341 करोड़ रुपए होने का अनुमान रहा है जो भारत के जीडीपी के एक प्रतिशत के बराबर है और यह कोविड के बाद भी जारी रहेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए मोदी सरकार से चिदंबरम ने क्या कहा?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/what-did-chidambaram-say-to-the-modi-government-to-improve-the-economy-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Jun 2021 05:48:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क एक बार फिर भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कांग्रेस नेता व पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार को सलाह दी है। भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए मोदी सरकार को चिदंबरम ने और करेंसी छापने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि भारत के पास नोटों की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>एक बार फिर भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कांग्रेस नेता व पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार को सलाह दी है।</p>
<p>भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए मोदी सरकार को चिदंबरम ने और करेंसी छापने की सलाह दी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत के पास नोटों की छपाई करने का संप्रभु अधिकार है और अगर सरकार को लगता है, तो उसे यह करना चाहिए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-101752" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/chidambaram.jpg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/chidambaram.jpg 1280w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/chidambaram-300x169.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/chidambaram-768x432.jpg 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/chidambaram-1024x576.jpg 1024w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>उन्होंने यह बातें कांग्रेस पार्टी की एक प्रेस वार्ता में ये बात कही। अर्थव्यवस्था में 2020-21 के दौरान 7.3 प्रतिशत की गिरावट पर चिंता प्रकट करते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि अगर 2021-21 में ऐसी स्थिति से बचना है तो सरकार को अपनी गलतियां स्वीकार करते हुए विपक्ष एवं अर्थशास्त्रियों की सलाह सुननी चाहिए।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/doctors-protest-against-baba-ramdev-in-delhi/">दिल्ली में बाबा रामदेव के खिलाफ डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन</a></strong>  </span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/petrol-diesel-price-increased-17-times-in-a-month-new-record-made/">एक महीने में 17 बार बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत, बना नया रिकॉर्ड</a></strong></span></p>
<p>चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था के लिहाज से वित्त वर्ष 2021-21 को पिछले चार दशक का &#8216;सबसे अंधकारमय&#8217; साल करार दिया और यह आरोप भी लगाया कि कोरोना महामारी के साथ ही सरकार के &#8216;अकुशल एवं अक्षम आर्थिक प्रबंधनÓ से हालात और बिगड़ गए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 2018-19 में जीडीपी 140,03,316 करोड़ थी। 2019-20 में यह 145,69,268 करोड़ रुपये थी और 2020-21 में यह घटकर 135,12,740 करोड़ रुपये हो गई। यह देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति को बताता है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">LIVE: Special Congress Party briefing on new GDP numbers, by Shri <a href="https://twitter.com/PChidambaram_IN?ref_src=twsrc%5Etfw">@PChidambaram_IN</a>, former Finance Minister via video conferencing <a href="https://t.co/gSUeaVPME0">https://t.co/gSUeaVPME0</a></p>
<p>— Congress (@INCIndia) <a href="https://twitter.com/INCIndia/status/1399624445531090947?ref_src=twsrc%5Etfw">June 1, 2021</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि, &#8221;पिछले साल जब कोरोना महामारी की पहली लहर धीमी पड़ती नजर आयी, तो वित्त मंत्री और मुख्य आर्थिक सलाहकार अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने की बातें करने लगे। तभी हमने कहा था कि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन पैकेज की मजबूत मदद चाहिए।&#8221;</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/so-will-nitish-governments-boat-sink-in-this-rain/">…तो क्या इस बारिश में डूब जायेगी नीतीश सरकार की नाव</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/rahul-asks-the-central-government-questions-about-the-black-fungus-epidemic/">ब्लैक फंगस महामारी को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से पूछा सवाल</a></strong> </span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-171583" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/mandi-modi-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1573" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/mandi-modi-scaled.jpg 2560w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/mandi-modi-300x184.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/mandi-modi-1024x629.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/mandi-modi-768x472.jpg 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/mandi-modi-1536x944.jpg 1536w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/mandi-modi-2048x1259.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p>चिदंबरम ने कहा कि सबसे चिंता की बात ये है कि प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद एक लाख रुपये से नीचे चला गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8221;अगर 2020-21 की तरह साल 2021-22 को नहीं होने देना है तो सरकार को जागना चाहिए, अपनी गलतियां स्वीकार करनी चाहिए, अपनी नीतियां बदलनी चाहिए तथा विपक्ष एवं अर्थशास्त्रियों की सलाह स्वीकार करनी चाहिए।&#8221;</p>
<p>एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में 1.6 प्रतिशत रही। यह इससे पिछली तिमाही अक्तूबर-दिसंबर, 2020 में 0.5 प्रतिशत से अधिक है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2019-20 की जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/maharashtra-9-thousand-children-got-corona-infected-in-may-in-only-one-district/">महाराष्ट्र : सिर्फ एक जिले में मई में 9 हजार बच्चे हुए कोरोना संक्रमित</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/what-did-this-innocent-girl-complain-to-pm-modi-see-cute-video/">इस मासूम बच्ची ने आखिर किस बात की PM मोदी से की शिकायत, देखें क्यूट VIDEO</a> </strong></span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोरोना की लड़ाई में कहां खड़ा है आस्ट्रेलिया ?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/where-does-australia-stand-in-the-battle-of-corona/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2020 08:02:13 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[हिंदी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[आस्ट्रेलिया में बेरोजगारी दर 5.2% से बढ़कर हुई 6.2% दुनिया के बाकी देशों में बेहतर स्थिति में है आस्ट्रेलिया 60 लाख ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सरकार से मिल रही है पे सब्सिडी अर्चना राय कोरोना महामारी कब खत्म होगी किसी को नहीं मालूम, पर यह तो तय है कि जब कोविड 19 जब इस दुनिया से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>आस्ट्रेलिया में बेरोजगारी दर 5.2% से बढ़कर हुई 6.2%</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>दुनिया के बाकी देशों में बेहतर स्थिति में है आस्ट्रेलिया </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>60 लाख ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सरकार से मिल रही है पे सब्सिडी</strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #000080;"><strong>अर्चना राय</strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft wp-image-162668 size-thumbnail" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/04/archana-rai-150x150.jpg" alt="" width="150" height="150" />कोरोना महामारी कब खत्म होगी किसी को नहीं मालूम, पर यह तो तय है कि जब कोविड 19 जब इस दुनिया से जायेगा तो हमें बहुत सारे अनुभव देकर जायेगा। यह अनुभव हमें भविष्य में आने वाली कई दुश्वारियों से लड़ने में काम आयेगी। इस महामारी ने पूरी दुनिया को एक बड़ी सीख दी है कि स्वास्थ्य ही सब कुछ है। दुनिया के सभी देशों को कोविड 19 ने सीख दिया है कि किसी भी देश के लिए परमाणु बम से ज्यादा  अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं जरूरी हैं।</p>
<p>दुनिया के ज्यादातर देश कोविड 19 की चपेट में है। गरीब-अमीर सभी देश कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। आस्ट्रेलिया भी कोरोना वायरस से जंग लड़ रहा है। कोरोना महामारी की वजह से इस देश को भी बहुत नुकसान हुआ है, लेकिन दूसरे देशों की तुलना में देखे तो काफी कम हैं। यदि आस्ट्रेलिया बेहतर स्थिति में है तो इसके लिए सरकार के साथ-साथ यहां के आम नागरिकों के सहयोग की वजह से ही ऐसा हो पाया है।</p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/singapore-where-did-the-miss-of-corona-fight/">सिंगापुर : कोरोना की लड़ाई में कहां हुई चूक</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें :<a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/how-germany-is-coming-out-from-lockdown/"> </a></strong><a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/how-germany-is-coming-out-from-lockdown/"><strong>लाक-डाउन से इस तरह लौट रहा है जर्मनी</strong></a></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-168560" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/Australia-lockdown.jpg" alt="" width="750" height="563" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/Australia-lockdown.jpg 750w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/Australia-lockdown-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 750px) 100vw, 750px" /></p>
<p>आस्ट्रेलिया में लॉकडाउन है भी और नहीं भी। हम जिदंगी ऐसे ही गुजार रहे हैं, जैसे लॉकडाउन के पहले गुजारते थे। स्कूल, शॉपिंग मॉल, हॉस्पिटल आदि सब खुले हुए हैं। बंद है तो सिर्फ सारे पब्स, क्लब्स, जिम और स्वीमिंग पूल।</p>
<p>यहां 23 मार्च से लॉकडाउन है। इस लॉकडाउन में हमें सुविधाएं वैसी ही मिल रही थी जैसे पहले मिलती थी। हम घर के बाहर जाने के लिए आजाद हैं, लेकिन हम जरूरत पड़ने पर ही जाते हैं।</p>
<p>इस लॉकडाउन में भी बच्चों के स्कूल खुले हुए हैं। सिर्फ 15 दिन के लिए स्कूल बंद किए गए थे, वह भी हमारे ऊपर छोड़ दिया गया था कि भेजना चाहे तो भेज सकते हैं।</p>
<p>दरअसल आस्ट्रेलिया सरकार का अपने नागरिकों पर भरोसा है। और सबसे बड़ी बात नागरिक सरकार के भरोसे पर खरे उतर रहे हैं। लॉकडाउन में पर्थ में पहले एक साथ दो लोग बाहर निकल सकते थे।</p>
<p>चूंकि यहां अब एक्टिव मामले सिर्फ 8 है तो अब दस लोग एक साथ गैदरिंग कर सकते हैं। सरकार से छूट मिलने के बाद भी गैदरिंग देखने को नहीं मिल रही है। लोग बहुत एहतियात बरतते हुए सिर्फ काम के लिए बाहर निकल रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का लोग कड़ाई से पालन कर रहे हैं।</p>
<p><span style="color: #000080;"><strong><a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/how-is-singapore-stopping-corona-with-the-help-of-smartphone/">यह भी पढ़ें : स्मार्टफोन की मदद से सिंगापुर कैसे रोक रहा है कोरोना</a></strong> </span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-168562" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrelia-1.jpg" alt="" width="750" height="555" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrelia-1.jpg 750w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrelia-1-300x222.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 750px) 100vw, 750px" /></p>
<p>ढ़ाई करोड़ की आबादी वाले <span style="color: #ff0000;"><span style="color: #000000;">ऑस्ट्रेलिया</span> </span> में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण से 98 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब सात हजार लोग इसकी चपेट में हैं। कई शहरों में कोरोना वायरस के मामले न के बराबर है। यह सब सरकार की कोशिशों का ही नतीजा है।</p>
<p>जिन शहरों में कोरोना के एक्टिव मामले ज्यादा है वहां भी घर के बाहर निकलने पर कोई पाबंदी नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आप घूम टहल भी सकते हैं। इसलिए मैंने कहा कि आस्ट्रेलिया में लॉकडाउन है भी और नहीं भी।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में जब यहां लॉकडाउन की घोषणा हुई थी तब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा था यह समय हमारे लिए बेहद कठिन होने वाला है।</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong> उन्होंने देशवासियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगले छह माह के लिए लॉकडाउन के लिए तैयार रहना होगा। यह सुनकर एक बार को हम लोग डर गए थे, पर जिस तरह लॉकडाउन में सब कुछ ठीक चलता रहा  उससे अब न तो लॉकडाउन का डर है और न ही कोरोना वायरस का। हम डरें है देश की गिरती अर्थव्यवस्था से, लोगों की जाती नौकरियों से।</strong></span></p></blockquote>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-168563" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrelia-3.jpg" alt="" width="750" height="555" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrelia-3.jpg 750w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrelia-3-300x222.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 750px) 100vw, 750px" /></p>
<p>ऐसा नहीं है कि आस्ट्रेलिया को कोरोना महामारी से नुकसान नहीं हुआ है। दूसरे देशों की तरह यहां भी लोगों की नौकरियां गई हैं। लोगों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो रहा है। दरअसल यहां परेशानी में वह लोग ज्यादा है जो दूसरे देशों के हैं और यहां पढ़ाई या कामकाज के लिए आए हैं। जिनके पास सिटिजनशिप और पीआर है उन्हें अब तक खास परेशानी नहीं हुई हैं।</p>
<p>कोरोना महामारी की वजह से ऑस्ट्रेलिया में बेरोजगारी दर अप्रैल महीने में 5.2फीसदी से बढ़कर 6.2 फीसदी हो गई है। हालांकि अर्थशास्त्रियों ने 8.3 प्रतिशत का अनुमान लगाया था जिससे ये कम है। रोजगार के स्तर पर दुनिया भर के देश जिस तरह से प्रभावित हुए हैं उस मामले में ऑस्ट्रेलिया की यह बेहतर स्थिति है।</p>
<p>अभी तो बेहतर स्थिति है लेकिन आने वाले समय में बेरोजगारी दर बढ़ेगी। सरकार का अनुमान है कि बेरोजगारी दर जून तक 10 फीसदी जाएगी और इसी अवधि में जीडीपी में भी 10 की गिरावट आएगी।</p>
<p>आस्ट्रेलिया की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विश्लेषकों का कहना है कि इस संख्या से अर्थव्यवस्था के असली नुकसान का पता नहीं चलता है क्योंकि सरकार के कल्याणकारी प्रोग्राम की वजह से हालात नियंत्रण से बाहर नहीं हुए हैं।</p>
<p class="post-box-title"><span style="color: #000080;"><strong><a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/lockdown-singapores-challenge-will-increase/">यह भी पढ़ें : लॉकडाउन : बढ़ेगी सिंगापुर की चुनौती</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #000080;"><strong>यह भी पढ़ें : </strong><strong><a style="color: #000080;" href="https://www.jubileepost.in/corona-singapore-is-alert-but-singapore-is-not-scared/">कोरोना :अलर्ट है मगर डरा नहीं है सिंगापुर</a> </strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-168567" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrela-2.jpg" alt="" width="750" height="555" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrela-2.jpg 750w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/05/austrela-2-300x222.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 750px) 100vw, 750px" /></p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>आस्ट्रेलिया सरकार अपने 60 लाख नागरिकों को पे सब्सिडी दे रही है। यहां के 10 लाख ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने बेरोजगारी भत्ता के लिए आवेदन किया है। यदि दोनों को मिला दें तो यह 40 फीसदी वर्कफोर्स है।</strong></span></p></blockquote>
<p>यह सच है कि आस्ट्रेलिया सरकार भी कोरोना महामारी से डरी हुई है। चूंकि दुनिया के ज्यादातर देश इससे प्रभावित है इसलिए हर देश को अपनी लड़ाई खुद ही लडऩी पड़ रही है। आस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन भी इस बात को अच्छे से समझ रहे हैं, तभी तो वह आए दिन अपने देशवासियों को हालात को गंभीरता से लेने की गुजारिश करते है।</p>
<p>बीते दिनों पीएम स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि बहुत मुश्किल भरे दिन हैं। यह हैरान करने वाला है लेकिन अप्रत्याशित नहीं है। आने वाले महीनों में हालात खराब ही रहेंगे लेकिन लॉकडाउन में ढील देने से चीजें बेहतर होने की उम्मीद है।</p>
<p>जाहिर है जब इकोनॉमी होगी तभी हम लड़ाई लड़ पायेेंगे। सिर्फ सोशल डिस्टेसिंग से कोरोना को नहीं हराया जा सकता। कोरोना को हराने के लिए पैसों की भी जरूरत है, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है और साथ में मानसिक रूप से स्वस्थ रहने की जरूरत है।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>(अर्चन राय, पिछले आठ साल से आस्ट्रेलिया के पर्थ में रह रही है. वह एजुकेटर हैं.) </strong></span></p>
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