हेमंत सोरेन के ‘पाला बदलने’ की अटकलों पर विराम, कांग्रेस ने संभाली स्थिति

जुबिली स्पेशल डेस्क

झारखंड और दिल्ली के सियासी गलियारों में पिछले 24 घंटों से चल रही हलचल ने ‘इंडिया’ गठबंधन को बेचैन कर दिया था। खबरें तैर रही थीं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) प्रमुख एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बीजेपी के संपर्क में हैं और जल्द ही बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं।

इस चर्चा ने न सिर्फ रांची में सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े किए, बल्कि विपक्षी गठबंधन की एकता पर भी खतरे की घंटी बजा दी।

इन अटकलों के बीच कांग्रेस ने तुरंत मोर्चा संभाला। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत की और सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इन कयासों को विराम दे दिया।

उन्होंने एक्स पर लिखा आज मैंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से बात की। किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए, झारखंड में हमारा ‘इंडिया’ गठबंधन चट्टान की तरह मजबूत और एकजुट है। हम राज्य के हर नागरिक की आकांक्षा पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

क्यों उड़ीं हेमंत सोरेन के एनडीए में जाने की खबरें?

इन अटकलों के पीछे दो प्रमुख वजहें बताई जा रही थीं—

1. चंपाई सोरेन एपिसोड :हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बगावती तेवर और उनके बीजेपी के संपर्क में होने की चर्चाओं ने झामुमो की आंतरिक एकता पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके चलते राजनीतिक विश्लेषकों ने कयास लगाना शुरू किया कि कहीं हेमंत सोरेन भी कोई ‘सुरक्षित विकल्प’ तो नहीं तलाश रहे।

2. कानूनी दबाव :हेमंत सोरेन इस समय जेल से जमानत पर बाहर हैं। उन पर चल रहे ईडी और अदालत के मामलों को देखते हुए विपक्ष लगातार यह नैरेटिव चलाता रहा है कि कानूनी दबाव से बचने के लिए वे एनडीए का रुख कर सकते हैं।

कांग्रेस के हस्तक्षेप और सार्वजनिक बयान के बाद फिलहाल इन अटकलों पर विराम लग गया है। हालांकि सियासी मौसम में हलचल बनी हुई है और सभी की निगाहें झारखंड की राजनीति पर टिकी हैं।

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