संभल जाने पर अड़े सपा चीफ अखिलेश लेकिन, नेताओं के आवास पर…

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हिंसा के कई दिन बाद इंटरनेट सेवा शुक्रवार को फिर से शुरू कर दी है लेकिन देर रात से बीएनएसएस की धारा 163 लगाई गई है ताकि किसी तरह की हिंसा को रोका जा सके।

इतना ही नहीं डीएम संभल डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कई कड़े  कदम उठाते हुए उन्होंने अब 5 या उससे ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी लगा दी है और पूरे शहर में धारा 163 आगामी 10 दिसंबर लागू करने आदेश दिया है।

इस बीच समाजवादी पार्टी डेलीगेशन को संभल नहीं जाने देने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि, प्रतिबंध लगाना भाजपा सरकार के शासन, प्रशासन और सरकारी प्रबंधन की नाकामी है।

ऐसा प्रतिबंध अगर सरकार उन पर पहले ही लगा देती, जिन्होंने दंगा-फ़साद करवाने का सपना देखा और उन्मादी नारे लगवाए तो संभल में सौहार्द-शांति का वातावरण नहीं बिगड़ता। भाजपा जैसे पूरी की पूरी कैबिनेट एक साथ बदल देते हैं. वैसे ही संभल में ऊपर से लेकर नीचे तक का पूरा प्रशासनिक मंडल निलंबित करके उन पर साजिशन लापरवाही का आरोप लगाते हुए । सच्ची कार्रवाई करके बर्ख़ास्त भी करना चाहिए। किसी की जान लेने का मुकदमा भी चलना चाहिए। भाजपा हार चुकी है।

बता दे कि संभल में डीएम के आदेश के अनुसार अब कोई भी मजिस्ट्रेट की इजाजत के बिना न तो 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का किसी प्रकार जुलूस निकलेगा, न ही सार्वजनिक स्थानों पर 5 या उससे ज्यादा लोग का समूह बनाया जाएगा।

इसके आलावा रैली, धरना प्रदर्शन और घेराव को भी बैन कर दिया गया यानी पूरी तरह से रोक होगी।लाउडस्पीकर या ऐसी की भी तेज ध्वनि वाले यंत्रों के प्रयोग पर भी रोक होगी।

वहीं किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ प्रदर्शन करे या विरोध करने के साथ ही रैली निकालने पर पाबंदी लगा दी गई है। जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार ने कहा, कि संभल में शुक्रवार को शाम चार बजे इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं।

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