सबरीमाला केस: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील को फटकार, नौ जजों की बेंच ने जताई नाराजगी

नई दिल्ली। केरल के सबरीमाला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश और कथित भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। इस दौरान नौ जजों की संविधान पीठ ने सुनवाई से भटकने वाली दलीलों पर नाराजगी जताई और एक वकील को कड़ी फटकार लगाई।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय ने कई ऐतिहासिक, धार्मिक और संवैधानिक पहलुओं का जिक्र करते हुए दलीलें पेश कीं। इस पर पीठ ने बार-बार उन्हें चेतावनी दी कि वे केवल मामले से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।
कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति महादेवन सहित अन्य जजों ने स्पष्ट कहा कि अदालत में विषय से हटकर बहस नहीं की जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि संवैधानिक मुद्दों पर सुनवाई के दौरान अनावश्यक ऐतिहासिक और भाषाई तर्कों से बचना चाहिए।
बहस के दौरान क्या हुआ?
सुनवाई में वकील ने धर्म, संविधान, भाषाई संरचना और ऐतिहासिक संदर्भों को जोड़ते हुए कई दलीलें दीं। उन्होंने संस्कृत, अंग्रेजी और अन्य भाषाओं का उल्लेख करते हुए धर्म और संविधान की व्याख्या पर भी टिप्पणी की।
इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बहस को मुख्य मुद्दे तक सीमित रखा जाए और अनावश्यक विस्तार से बचा जाए।
सबरीमाला मामला क्या है?
यह मामला सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े नियमों और धार्मिक परंपराओं पर आधारित है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट पहले भी ऐतिहासिक फैसला दे चुका है। वर्तमान में इस मुद्दे से जुड़े विभिन्न धार्मिक स्थलों में भेदभाव को लेकर नई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है।



