यार अभी खत्म नहीं हूं उसका करियर…

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उस वक्त यूपी की कमान मोहम्मद कैफ के हाथों में थी और कैफ जानते थे आने वाला कल इस गेंदबाज का है। साल 2008-09 का रणजी ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला मुंबई और उत्तर प्रदेश के बीच में हैदराबाद में खेला गया था।

इस मैच में मुंबई की पहली पारी के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने सचिन तेंदुलकर को शून्य पर बोल्ड कर विश्व क्रिकेट में अचानक से तहलका मचा दिया था। आज वही भुवी अपने करियर को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

लेकिन बंगाल के खिलाफ आठ विकेट लेकर एक बार फिर स्विंग के सुलताने बता दिया है कि वो अभी हार मानने वाले नहीं है। उनके प्रदर्शन पर मेरे करीबी मित्र ने कहा कि अभी उसका करियर खत्म नहीं हुआ यार

टीम इंडिया में इन दिनों तेज गेंदबाजों की लंबी कतार है। बुमराह, शमी, सिराज की तिकड़ी लगातार भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा मुकेश कुमार और आवेश खान जैसी नई प्रतिभा लगातार टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की करने में लगे हुए है।

उनके इस प्रदर्शन को देखकर ये कहा जा सकता है अभी भुवी का करियर खत्म नहीं हुआ है। भुवनेश्वर ने 22 ओवर गेंदबाजी करते हुए 1.90 की इकॉनमी से 41 रन देकर 8 विकेट लेकर बंगाल के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी।

भुवी ने मैच के पहले दिन सौरव पॉल (13), सुदीप कुमार घरामी (0), अनुस्तूप मजूमदार (12), मनोज तिवारी (3) और अभिषेक पोरेल (12) के विकेट चटकाए थे।

उसके बाद दूसरे दिन भी उनकी शानदार गेंदबाजी जारी रही और श्रेयष घोष (41), प्रदीप्ता प्रमाणिक (1) और सूरज सिंधू जायसवाल (20) को भी पावेलियन भेजा। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत यूपी ने बंगाल को 188 रन पर लुढक़ा दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि बंगाल ने 128 रन की मामूली बढ़त हासिल कर सका।

  • भुवनेश्वर ने प्रथम श्रेणी में 71 मुकाबले खेले हैं और 25 की औसत से 226 विकेट लिए हैं
  • 13 बार 5 विकेट लिए हैं
  • सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इसी मैच में आया है
  • इससे पहले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/77 विकेट का था।
  • लिस्ट-A क्रिकेट में उन्होंने 173 मैच खेले हैं
  • 30.90 की औसत से 219 विकेट लिए हैं
  • उन्होंने 5 बार 4 विकेट हॉल और 5 बार 5 विकेट लिए हैं
  • उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/4 का रहा है।

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