मैं मां हूँ, ये बच्चे मेरे बच्चों के उम्र के हैं : धरने पर बैठी प्रियंका

जुबिली न्यूज़ डेस्क

कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पर धरने से कहा कि सबको प्रदर्शन करने का हक़ है। आवाज़ उठाने का हक़ है। यह हक़ संविधान ने दिया है। सरकार विश्वविद्यालय के अंदर घुसकर वार करती है। मैं मां हूँ, ये बच्चे मेरे बच्चों के उम्र के हैं। ये विश्वविद्यालय में शिक्षा लेने जाते हैं। पुलिस उनकी लाइब्रेरी में घुसी, घसीट कर पीटा। हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है, तानाशाही नहीं है। कांग्रेस का एक-एक लीडर, एक एक कार्यकर्ता संविधान के लिए लड़ेगा। इस सरकार की तानाशाही के खिलाफ लड़ेगा, छात्र छात्राओं के साथ खड़ा होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी महिलाओं के ऊपर जो रोज अत्याचार हो रहा है उस पर बोलें। जो यहां विश्वविद्यालय में हुआ उस पर प्रधानमंत्री बोलें। किसकी सरकार ने बच्चों को पीटा इस पर बोलें। डूबती हुई अर्थव्यवस्था पर बोलें प्रधानमंत्री।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सवाल करते हुए कहा प्रधानमंत्री की पार्टी के विधायक ने एक मासूम लड़की का बालात्कार किया उस पर क्यों नहीं बोला ?

उन्होंने कहा कि आज विजय दिवस है। आज बांग्लादेश का जन्म हुआ। तमाम लोग शहीद हुए हैं, उनकी शहादत इस लोकतंत्र के लिए हुई, देश की लिए हुई। संविधान के लिए हुई। यह हम सबका देश है, उन बच्चों का देश है जिनको कल आपने (सरकार) पीटा, महिलाओं का देश है जिन पर अत्याचार हुआ है। हम सबको एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए। सरकार गलत कर रही है। यह काननू संविधान के खिलाफ है, संविधान को नष्ट करने का जरिया है। हर हिंदुस्तानी को इसके खिलाफ लड़ना चाहिए।

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