“हीरो अगेंस्ट टेरर” हेमंत करकरे पर प्रज्ञा के बिगड़े बोल


पॉलिटिकल डेस्क

हिंदुत्व की राजनीति को उभारने के लिए भाजपा ने मालेगाँव बम धमाके की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को  चुनावो में उतार तो दिया , मगर प्रज्ञा के एक बयां ने भाजपा के आतंकवाद  के खिलाफ मुहीम  को बड़ा झटका दे दिया है।  मुम्बई आतंकी हमले में शहीद आईपीएस अफसर हेमंत करकरे की मौत के बारे में प्रज्ञा के बयान से भाजपा असहज हो गई है।
एक तरफ आतंकी हमले की साजिश का आरोप झेल रही प्रज्ञा ठाकुर हैं और दूसरी तरफ भारत में हीरो अगेंस्ट टेरर माने जाने वाले शहीद हेमंत करकरे।  ऐसे में भाजपा के लिए प्रज्ञा ठाकुर का यह बयान मुश्किलें खड़ा करने वाला है।

बीजेपी सेना के पराक्रम का गुणगान कर मतदाताओं को लुभाने में लगी है तो वहीं बीजेपी भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने 2008 के मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे पर विवादित बयान देकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। प्रज्ञा के बयान की सोशल मीडिया से लेकर विपक्षी दलों ने आलोचना हो रही है। कांग्रेस ने इसे देश के हर सैनिक का अपमान बताते हुए माफी की मांग की हैै।

साध्वी प्रज्ञा सिंह ने हेमंत करकरे को लेकर कहा, ”मैंने (मुंबई एटीएस चीफ हेमंत करकरे से) कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा। ठीक सवा महीने में सूतक लगता है। जिस दिन मैं गई थी, उस दिन इसके सूतक लग गया था और ठीक सवा महीने में जिस दिन आतंकवादियों ने इसको मारा, उस दिन उसका अंत हुआ।”

मालूम हो हेमंत करकरे ने मुंबई एटीएस चीफ रहते हुए 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस की जांच की थी। इस मामले की मुख्य आरोपी प्रज्ञा ने 9 साल से ज्यादा समय जेल में बिताया था।

कांग्रेस ने की प्रज्ञा पर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को ट्विटर पर लिखा, ”मोदीजी, केवल भाजपाई ही 26/11 (मुंबई हमले) के शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही घोषित करने का जुर्म कर सकते हैं। ये देश के हर सैनिक का अपमान है जो आतंकवाद से लड़ते हुए भारत मां के लिए प्राणों की कुर्बानी देता है। देश से माफी मांगिए और प्रज्ञा पर कार्यवाही कीजिए।”

सोशल मीडिया पर हो रही निंदा

प्रज्ञा के हेमंत करकरे पर विवादित बयान के बाद से सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह से आलोचना कर रहे हैं। प्रज्ञा के साथ-साथ यूजर बीजेपी से भी माफी मांगने की मांग कर रहे हैं।

ट्रायल कोर्ट ने नहीं किया है बरी

एनआईए ने 2015 में मालेगांव ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी करने से इनकार कर दिया था। एनआईए ने कहा था कि प्रज्ञा के खिलाफ सबूत नहीं हैं, मगर कोर्ट ने कहा था कि ऐसा स्वीकार करना मुश्किल है क्योंकि प्रज्ञा की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल ब्लास्ट में हुआ था।

कोर्ट ने महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत प्रज्ञा के खिलाफ आरोप हटा लिए थे, लेकिन अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) के तहत प्रज्ञा के खिलाफ आरोप नहीं हटाए गए।

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