जुबिली स्पेशल डेस्क
अमेरिका ने 75 देशों से आने वाले आवेदकों के लिए वीज़ा प्रोसेसिंग पर बड़ा कदम उठाया है। रूस, ईरान और अफगानिस्तान समेत इन देशों के नागरिकों की वीज़ा प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला उन आवेदकों पर कड़ी निगरानी रखने के उद्देश्य से लिया गया है, जिनके अमेरिका में ‘पब्लिक चार्ज’ बनने की संभावना अधिक मानी जा रही है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इमिग्रेशन कानून के तहत ऐसे मामलों में वीज़ा देने से इनकार करें। जिन देशों पर यह रोक लगाई गई है, उनमें रूस, सोमालिया, अफगानिस्तान, इराक, मिस्र, ब्राजील, ईरान, नाइजीरिया, थाईलैंड और यमन जैसे देश शामिल हैं। यह रोक 21 जनवरी से प्रभावी होगी।
सोमालिया पर विशेष निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, मिनियापोलिस में सामने आए एक बड़े धोखाधड़ी मामले के बाद सोमालिया को लेकर अमेरिकी प्रशासन सतर्क है।
इस मामले में टैक्सपेयर्स के पैसों से चलने वाले सरकारी बेनिफिट प्रोग्राम्स के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का खुलासा हुआ था। जांच में शामिल कई आरोपी सोमाली नागरिक या सोमाली-अमेरिकी बताए जा रहे हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?
दरअसल, नवंबर 2025 में अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने दुनिया भर के दूतावासों को एक केबल भेजकर कांसुलर अधिकारियों को इमिग्रेशन कानून के ‘पब्लिक चार्ज’ प्रावधान के तहत नए स्क्रीनिंग नियम लागू करने के निर्देश दिए थे।
इस गाइडलाइन के तहत उन आवेदकों को वीज़ा देने से इनकार किया जा सकता है, जिनके सरकारी सहायता और पब्लिक बेनिफिट्स पर निर्भर रहने की आशंका हो।
स्क्रीनिंग के दौरान आवेदक की सेहत, उम्र, अंग्रेजी दक्षता और लंबी अवधि की मेडिकल देखभाल की संभावित जरूरतों जैसे कई पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
स्टेट डिपार्टमेंट का बयान
स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि वह अपनी लंबे समय से चली आ रही कानूनी अथॉरिटी का इस्तेमाल करते हुए ऐसे अप्रवासियों को अयोग्य ठहराएगा, जो अमेरिका पर ‘पब्लिक चार्ज’ बन सकते हैं और सार्वजनिक संसाधनों पर बोझ डालेंगे।
विभाग के अनुसार, इन 75 देशों से इमिग्रेशन तब तक रोका जाएगा, जब तक इमिग्रेशन प्रोसेसिंग प्रक्रियाओं की समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, ताकि केवल योग्य आवेदकों को ही प्रवेश दिया जा सके।
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