बॉलीवुड ड्रग कनेक्शन : अतिक्रमण में आनंद लिया जा रहा है


अविनाश भदौरिया
बॉलीवुड के ड्रग कनेक्शन को लेकर जिस तरह से मीडिया कवरेज किया जा रहा है, उस पर कई लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। मीडिया में चल रही ख़बरों को देखकर ऐसा लगता है कि, पूरा बॉलीवुड ड्रग की चपेट में है, खास कर बॉलीवुड एक्ट्रेस को लेकर लोगों के बीच बड़ी नेगटिव इमेज बनती जा रही है।
अगर इस मीडिया कवरेज पर भरोसा कर लिया जाए तो पूरा मामला अत्यंत गंभीर है क्योंकि यह हमारे समाज की अलग ही तस्वीर सामने आई है जहां पुरुषों से अधिक महिलाएं नशे की लत की शिकार नजर आ रही हैं। हालांकि जब हमने इस विषय पर कुछ एक्सपर्ट लोगों से बात की तो कहानी कुछ और ही निकली।
मनोवैज्ञानिक डॉ सीमा रहमान ने जुबिली पोस्ट ने बताया कि, यह जेंडर डिफरेंस से जुड़ा हुआ मामला भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में आज भी जब कोई लड़की सिगरेट पीते दिख जाती है तो लोग उसे अलग तरह से देखते हैं जबकि कोई लड़का सिगरेट पीते हुए दिखे तो वो एक्सेप्टेबल है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि मीडिया इसे ज्यादा ही तूल दे रहा है।
हमारी सोसाइटी दोनों में डिफरेंस करती है। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ है कि फीमेल का नशे की तरफ ज्यादा झुकाव बढ़ा है और मेल नहीं कर रहे। लेकिन फीमेल का इस तरह का व्यवहार लोगों के लिए अनएक्सेप्टेबल है और लोगों इस सब पर बात करना अच्छा लग रहा है इसलिए इस मुद्दे को ज्यादा तूल दिया जा रहा है।
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उन्होंने यह भी कहा कि, आज समाज में थोड़ा बदलाव भी आया है जो महिलाएं पहले बहुत सी चीजों को छुपाकर करती थी अब वो उसे ओपेनेली करने में कोई बुराई नहीं समझती। महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के चलते उनमे आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें अब लगता है कि वो भी अपनी मर्जी से जो चाहे कर सकती है।
सीमा रहमान ने आगे कहा कि नशे की तरफ लोगों का झुकाव पहले से अधिक बढ़ा है लेकिन यह सिर्फ महिलाओं में नहीं बढ़ा है बल्कि महिला और पुरुष दोनों ही नशे की चपेट में हैं।
बाबासाहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के रिसर्च स्कॉलर डॉ अनुराग का कहना है कि, इस समय मीडिया लोगों की कुंठा ग्रंथियों का दोहन कर रहा है। नफरत, आशंका, अविश्वास करने की आदत हो या किसी से जलने की मानवीय कुंठाओं को मीडिया एक्सप्लॉइट कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आज महिला जो आजादी की तरफ बढ़ी हैं उसकी वजह से पितृसत्तात्मक समाज में उनसे एक हिडन चिढ़ सी है तो उसकी वजह से भी इन एक्ट्रेस को टार्गेट किया जा रहा है।
इसके आलावा मीडिया सेंसेशनल एंगल देकर टीआरपी के लिए भी ऐसा कर रहा है। पुरुष नशा करता है तो इसमे न्यूज़ वैल्यू कम है महिला नशा करती है इसमें न्यूज़ वैल्यू और आकर्षण बढ़ जाता है।
डॉ अनुराग का कहना है कि बॉलीवुड में महिला और पुरुष के बीच कोई अंतर नहीं है, वहां दोनों ही सशक्तिकरण में है। हमारे समाज की तरह उनके यहां कोई टैबू नहीं है।
उन्होंने कहा कि असल में इस समय लोगों की निजी जिन्दगी में ताकझाक की जा रही है, अतिक्रमण में आनंद लिया जा रहा है, लोगों को मजा आ रहा है। इस समय इंडियन मीडिया अपने सबसे कुरूप रूप में है। ये इंडियन मीडिया का गोबेल्स फेज है।
मीडिया ट्रायल से परेशान हैं बॉलीवुड स्टार
बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के दौरान ड्रग्स का एंगल सामने आया, जिसके बाद एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और कुछ पैडलर्स को गिरफ़्तार किया।
ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती 8 सितंबर से ही न्यायिक हिरासत में है। उनसे एनसीबी लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान उन्होंने 25 बॉलीवुडे सेलेब्स के नाम के खुलासे किए हैं। एनसीबी सभी लोगों से पूछताछ कर रही है।
वहीं एक्ट्रेस रकुलप्रीत सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट का रूख किया है। रकुलप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। एक्ट्रेस ने मीडिया ट्रायल से परेशान होकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अंतरिम निर्देश जारी करने की मांग की है।
इससे पहले रकुल प्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय को मीडिया ट्रायल को लेकर निर्देश जारी करने की मांग की थी।
बॉलीवुड एक्ट्रेस पूजा बेदी ने भी जरूरी मुद्दों के बजाय ड्रग्स की केस की कवरेज को लेकर मीडिया पर निशाना साधा है। इसके आलावा संगीतकार जावेद अख्तर ने भी मीडिया पर तंज कसा है कि अगर करण जौहर की पार्टी में कुछ किसान होते, तो शायद मीडिया को किसानों के मुद्दे दिखाने में आसानी हो जाती।
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