मेडिकल जर्नल लैंसेट ने कोरोना को लेकर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। भारत में इस समय कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक है। आलम तो यह है कि हर दिन चार लाख से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। हालांकि सरकार कोरोना को रोकने में अब तक कामयाब नहीं हुई है।

ऑक्सीजन और बेड की कमी भी अब किसी से छुपी नहीं है। इस दौरान मौतों का सिलसिला भी लगातार जारी है। उधर भारत में बढ़ते कोरोना को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका द लैंसेट ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

पत्रिका ने अपने एक संपादकीय में कहा है कि भारत को कोविड-19 को नियंत्रित करने में अपनी शुरुआती सफलताओं के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद की सरकार ने आत्म-उकसावे वाली राष्ट्रीय तबाही की।

इतना ही नहीं पत्रिका ने आगे कहा है कि संकट पर काबू पाने में भारत की सफलता पीएम मोदी के प्रशासन द्वारा अपनी गलतियों को स्वीकारने पर निर्भर करेगी। पत्रिका ने कहा कि संकट के दौरान आलोचना और खुली चर्चा के प्रयास में (पीएम) मोदी का कामकाज माफ करने योग्य नहीं है।

लैंसेट के संपादकीय में भारत में कोरोना के बढ़ते मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पत्रिका ने आगे कहा है कि भारत ने कोविड-19 को नियंत्रित करने में अपनी शुरुआती सफलताओं पर पानी फेर दिया।

अप्रैल तक कई महीने गुजरने पर भी सरकार की कोविड-19 टास्क फोर्स पूरी नहीं हुई थी। उस निर्णय के परिणाम आज हमारे सामने स्पष्ट हैं। भारत को अब जब संकट बढ़ रहा है, अपने प्रतिक्रिया बल का पुनर्गठन करना चाहिए।

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बता दें कि देश में कोरोना का तांडव जारी है। कोरोना की भयावहता से पूरा देश दहशत में है। हर दिन संक्रमण के आंकड़े बढऩे के साथ-साथ मौतों का भी आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

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कोरोना की दूसरी लहर भारत पर कहर बनकर टूटी है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 4.01 लाख नए मामले दर्ज किए गए हैं और 4,187 लोगों की मौत हुई है।

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