जेएनयू हिंसा : असहिष्णुता के बारे में सही थे शाहरूख और आमिर

न्यूज डेस्क

पिछले एक माह से पूरे देश में एक अजीब ही माहौल है। देश की अस्त-व्यस्त जैसी हालत हो गई है। देश के अधिकांश हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। पहले नागकिरता संसोधन कानून को लेकर बवाल हुआ और अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा को लेकर।

जेएनयू में रविवार को नकाबपोशों द्वारा किए गए हिंसा की पूरे देश में आलोचना हो रही है। आम आदमी से लेकर राजनीतिक दलों ने इसकी आलोचना की है। विपक्षी दलों ने इसके लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है।

फिलहाल इसी कड़ी में फिल्म ‘आर्टिकल 15’ के निर्देशक अनुभव सिन्हा ने असहिष्णुता पर आमिर खान और शाहरुख खान के पांच साल पुराने विचारों को उचित ठहराते हुए कहा है कि दोनों सुपरस्टार बिल्कुल सही थे।

फिल्म निर्देशक अनुभव सिन्हा ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “क्या आपको याद है कि पांच साल पहले, भारत के केवल दो सुपरस्टारों ने एक शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसके लिए उनकी काफी आलोचना हुई थी और कोई भी उनके साथ खड़ा नहीं हुआ, कोई नहीं. वे सितारे कोई और नहीं, बल्कि शाहरुख खान और आमिर खान थे और वह शब्द था ‘असहिष्णुता’. आज लगता है कि वे बिल्कुल सही थे। “

इसके साथ ही अनुभव सिन्हा ने जेएनयू पहुंची अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का भी समर्थन किया है। उन्होंने दीपिका के सपोर्ट में ट्वीट करते हुए लिखा, “मैं कहता हूं महिलाएं बहुत मजबूत होती हैं। हमें उनका आदर करना चाहिए।”

मालूम हो 2015 में आमिर खान और शाहरूख खान ने देश में असहिष्णुता की बढ़ती संस्कृति के बारे में बात की थी। इन दोनों ने धार्मिक असहिष्णुता के साथ-साथ हर तरह की असहिष्णुता का जिक्र किया था। ये दोनों अपने इस बयान की वजह से खूब ट्रोल हुए थे।

गौरतलब है कि इन दिनों नागरिका संसोधन कानून, एनआरसी और अब जेएनयू में हुई हिंसा को लेकर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। आम लोगों के साथ-साथ बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी सोशल मीडिया पर इसको लेकर विरोध कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें :‘भारत बड़ी मंदी के छोर के बेहद नजदीक’

यह भी पढ़ें :अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत ने जारी किया अलर्ट

Related Articles

Back to top button