दिल्ली का जाफराबाद बना ‘शाहीन बाग’, मेट्रो स्टेशन बंद

न्‍यूज डेस्‍क

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग जैसा एक और प्रदर्शन राजधानी में शुरू हो गया है। ये प्रदर्शन जाफराबाद के मेट्रो स्टेशन पर शनिवार लगभग आधी रात से शुरू हुआ है। यहां पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय की महिलाएं आधी रात को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे से गुजरने वाली सड़क पर बैठ गईं और CAA-NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं।

जाफराबाद में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात कर दिया गया है। इस बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा बनाए गए एक छोटे से मंच को तोड़ दिया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मेज से एक छोटा मंच बना रखा था।

जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे CAA के खिलाफ प्रदर्शन की वजह से मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया है। अब लोग इस मेट्रो स्टेशन से मेट्रो की सेवाएं नहीं ले पाएंगे। यहां पर मेट्रो गेट के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं।

प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं ने अपनी बांह पर नीला बैंड लगा रखा है और जय भीम का नारा लगा रही। बता दें कि संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर के अनुनायी नीली पोशाक और नीला झंड़ा लगाते हैं। इसके बाद भीम आर्मी के प्रमुख चंद्र शेखर आजाद का दावा है कि ये सभी महिलाएं उनके भारत बंद के आह्वान पर धरने पर बैठी हैं। चंद्र शेखर आजाद ने ट्वीट कर कहा है कि ऐतिहासिक भारत बंद की शुरुआत हो गई है और बीजेपी सरकार को बहुजनों की ताकत का अहसास होगा। सोशल मीडिया पर भीम आर्मी से जुड़े लोग भारत बंद को लेकर लगातार विडियो, फोटो शेयर कर रहे हैं।

चंद्र शेखर आजाद के ट्वीट के मुताबिक, ‘ऐतिहासिक भारत बंद की शुरुआत जाफराबद सीलमपुर दिल्ली से कर दी गई है, दिल्ली के साथी जाफराबाद पहुंचें। आज संवैधानिक दायरे में रहते हुए पूरा भारत बंद किया जाएगा। बीजेपी सरकार को बहुजनों की ताकत का अहसास करवाया जाएगा।’

भीम आर्मी का कहना है कि यह भारत बंद संविधान और आरक्षण से छेड़छाड़ के विरोध में है। इसे सीएए और एनआरसी के विरोध से भी जोड़ा रहा है। बता दें कि भीम आर्मी से जुड़े कई लोगों के ट्वीट को भी चंद्र शेखर आजाद ने रीट्वीट किया है। ट्विट किए गए विडियोज में देखा जा सकता है कि सीलमपुर में महिलाओं ने रात से ही मुख्य सड़क को बंद कर दिया है और वे धरने पर बैठी गई हैं।

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