हज 2026 की शुरुआत: 371 जायरीन का पहला जत्था दिल्ली से मक्का के लिए रवाना, भावुक माहौल में विदा

जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली। हज 2026 की पवित्र यात्रा का शनिवार (18 अप्रैल) को आधिकारिक रूप से आगाज़ हो गया, जब पहला जत्था नई दिल्ली से सऊदी अरब के मक्का के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में कुल 371 जायरीन शामिल थे।
इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर भावुक दृश्य
यात्रा से पहले इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर भावनात्मक माहौल देखने को मिला। परिजनों ने श्रद्धालुओं को भावुक होकर विदाई दी। कई परिवारों की आंखें नम थीं, जबकि जायरीन अपने पवित्र सफर को लेकर उत्साहित नजर आए।
इस मौके पर कौसर जहां भी मौजूद रहीं।
हज कमेटी चेयरपर्सन ने दी शुभकामनाएं
कौसर जहां ने जायरीनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हज हर मुसलमान के जीवन का बेहद खास और आध्यात्मिक अनुभव होता है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार हज यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।
यात्रियों ने जताई खुशी और भावनाएं
हज पर रवाना हुए यात्रियों ने अपनी भावनाएं साझा कीं। एक यात्री एमडी जीशान ने कहा कि यह उनके लिए अल्लाह की कृपा है और वे इस पल को शब्दों में बयां नहीं कर सकते।
उन्होंने सभी यात्रियों से धैर्य और आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की।
एक अन्य यात्री एमडी काशिफ ने कहा कि यह अवसर केवल भाग्यशाली लोगों को मिलता है और वे शांति व एकता के लिए दुआ करेंगे।
कश्मीर से भी रवाना हुए जायरीन
इसी दिन जम्मू और कश्मीर से भी हज यात्रियों का पहला जत्था रवाना हुआ। बेमीना स्थित हज हाउस से 431 तीर्थयात्रियों को तीन अलग-अलग उड़ानों के जरिए सऊदी अरब भेजा गया।
देशभर से शुरू हुई हज यात्रा
पहले जत्थे की रवानगी के साथ ही भारत से हज 2026 के ऑपरेशंस की औपचारिक शुरुआत हो गई है। आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों श्रद्धालु मक्का और मदीना के लिए रवाना होंगे।
हज 2026 की शुरुआत श्रद्धा, भावनाओं और आस्था से भरे माहौल में हुई। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि लाखों लोगों के लिए आध्यात्मिक शांति और जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव भी है।



