‘ईरान पर हमले से सिर्फ 1 घंटे की दूरी पर था अमेरिका’, डोनाल्ड ट्रंप के बयान से दुनिया में हड़कंप

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर किसी भी वक्त एक बड़े युद्ध में बदल सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इसके फिर से साफ संकेत दे दिए हैं।

ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सेना को शायद ईरान पर फिर से हमला करना पड़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि तेहरान (ईरान) एक समझौता करने के लिए ‘मिन्नतें’ कर रहा है और अमेरिकी सेना कल ही युद्ध शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी थी।

व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने कहा कि वह ईरान पर एक नया हमला शुरू करने से बस एक घंटे की दूरी पर थे।

  • पूरी तैयारी में थी नौसेना: ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के जहाज मिसाइलों और अन्य घातक हथियारों से पूरी तरह लैस थे और हमले के लिए हरी झंडी का इंतजार कर रहे थे।
  • क्यों टाला गया हमला?: इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) के अनुरोध पर उन्होंने ईरान पर होने वाले इस हमले के प्लान को फिलहाल टाल दिया है।

ट्रंप ने ईरान को दिया 2 से 3 दिन का अल्टीमेटम

डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वह युद्ध को समाप्त करने के लिए एक शांति समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए अमेरिकी सेना को शायद ईरान पर एक और बड़ा हमला करना पड़ सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों और शिपिंग लाइनों में डर का माहौल है, जिससे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।

ट्रंप का बयान: “मैं ईरान को 2-3 दिन का समय दे रहे हूं, जो शायद अगले हफ़्ते की शुरुआत तक बढ़ सकता है। कल मुझे एक फोन आया था जिसमें कहा गया— ‘सर, क्या आप थोड़ा इंतज़ार कर सकते हैं? हमें लगता है कि हम किसी समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं।'”

दूसरी तरफ, ईरान ने भी अमेरिका की इस गीदड़भभकी के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ट्रंप के इस बयान पर ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी (Kazem Gharibabadi) ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर लिखा:

“यह किसी भी पल एक बड़े हमले के लिए अमेरिकी तत्परता को दर्शाता है। इसका मतलब है खतरे को शांति के अवसर का नाम देना! ईरान पूरी एकजुटता और दृढ़ता के साथ, किसी भी सैन्य हमले का सामना करने के लिए हर वक्त तैयार है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह तनाव जल्द नहीं सुलझा, तो ओमुर्ज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) समेत प्रमुख समुद्री व्यापारिक रास्ते पूरी तरह ठप हो सकते हैं, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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