CAA पर बीजेपी नेता ने खड़े किए सवाल, बोले- मुस्लिमों को क्यों नहीं शामिल कर लेते

न्‍यूज डेस्‍क

नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) पर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच आज मोदी कैबिनेट राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) पर आगे कदम बढ़ा सकती है, जिसके तहत हर नागरिक का पंजीकरण होना जरूरी है। इस बैठक में NPR के लिए बजट की पेशकश हो सकती है, जिसपर विवाद हो रहा है। इस बैठक से इतर आज देश के कई हिस्सों में CAA के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है और धीरे-धीरे एनडीए और बीजेपी में भी इस कानून के खिलाफ विरोधी सुर उठने लगे हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते और भारतीय जनता पार्टी के नेता चंद्रकुमार बोस ने अब CAA पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मंगलवार को ट्वीट किया कि अगर इस कानून का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है तो फिर इसमें मुस्लिमों को क्यों शामिल नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने लिखा, ‘अगर नागरिकता संशोधन एक्ट का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है तो फिर हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी और जैन का नाम क्यों लिया जा रहा है. इसमें मुस्लिमों को क्यों नहीं शामिल कर लेते हैं? हमें पारदर्शी होने की जरूरत है।’

वहीं, बंगाल के कोलकाता में आज ममता बनर्जी नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ मार्च निकाला। ये मार्च स्वामी विवेकानंद के आवास से लेकर गांधी भवन तक रहा। ममता लगातार CAA-NRC के खिलाफ मोर्चा खोले हुई हैं। इस बीच जादवपुर विश्वविद्यालय में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीश धनकड़ का विरोध किया गया।

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इसके अलावा बंगलुरु में भी नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बेंगलुरु के मिलर्स रोड स्थित कुद्दुस साहेब ईदगाह मैदान में भारी तादात में छात्रों की भीड़ जुटी है। इस प्रदर्शन के दौरान जगह-जगह ट्रैफिक भी जाम है।

नागरिकता कानून पर विदेशी छात्र भी प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण जर्मनी के एक छात्र को भारत छोड़ने का फरमान दे दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, जर्मनी के बर्लिन में रहने वाले जैकब लिंडेथल मद्रास आईआईटी में पढ़ते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से नागरिकता कानून के खिलाफ एक फोटो ट्वीट की थी। जिसके कारण इमिग्रेशन डिपार्टमेंट से उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस मिल गया। जैकब को बर्लिन वापस भेज दिया गया है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ जामिया के छात्रों ने मंडी हाउस से संसद मार्ग तक मार्च निकाला। हालांकि बताया गया था कि पुलिस ने मंडी हाउस इलाके में धारा 144 लागू कर दी है, लेकिन आंदोलनकारियों ने मार्च निकाला।

वहीं विरोध प्रदर्शन की स्थिति को देखते हुए दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है और बड़े पैमाने पर पुलिस बलों को तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी मंडी हाउस से संसद मार्ग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के हाथ में संविधान की प्रति और बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर है। इन प्रदर्शनकारियों में दिल्ली यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र भी शामिल हैं।

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