SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान, जानें क्या कहा

जुबिली न्यूज डेस्क

मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सफल रही, जिसमें न तो कोई गलत नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया और न ही किसी सही मतदाता का नाम हटाया गया।

ज्ञानेश कुमार ने यह बात दिल्ली में आयोजित लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन–2026 (IICDEM 2026) में दुनिया भर से आए चुनाव प्रबंधन प्रतिनिधियों के सामने कही।

“भारत लोकतंत्र की जननी है” – CEC ज्ञानेश कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा,“भारत लोकतंत्र की जननी है। हमारा लोकतंत्र लगभग 600 ईसा पूर्व से चला आ रहा है।”उन्होंने बताया कि पिछले लोकसभा चुनाव में करीब 2 करोड़ लोगों ने चुनाव प्रक्रिया के संचालन में भाग लिया, जो लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।

उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को चुनावी लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि शुद्ध मतदाता सूची बनाने में उनकी भूमिका सबसे अहम होती है।

शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र के लिए जरूरी

CEC ने कहा कि कानून के मुताबिक चुनाव से पहले वैध और शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना अनिवार्य है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • कोई सही मतदाता सूची से बाहर न हो

  • कोई गलत नाम सूची में शामिल न हो

इसी संतुलन से लोकतंत्र मजबूत होता है और निष्पक्ष चुनाव संभव हो पाते हैं।

बिहार में SIR को बताया पूरी तरह सफल

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में हालिया चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन शुद्धिकरण किया गया।

उनके अनुसार:

  • बिहार में 75 मिलियन (7.5 करोड़) मतदाताओं की सूची का विशेष परीक्षण हुआ

  • BLO और चुनाव अधिकारियों की मदद से शुद्ध मतदाता सूची तैयार की गई

  • इस प्रक्रिया में एक भी अपील या शिकायत आयोग को नहीं मिली

  • कहीं भी री-पोल कराने की जरूरत नहीं पड़ी

CEC ने इसे भारत में SIR की सफल मॉडल प्रक्रिया बताया।

SIR पर विवाद के बीच बयान अहम

गौरतलब है कि बिहार के बाद फिलहाल पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया चल रही है।विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर विवाद है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर कई सवाल खड़े किए हैं। वहीं यूपी में भी SIR को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।ऐसे समय में मुख्य चुनाव आयुक्त का यह बयान राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

70 देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल

भारतीय चुनाव आयोग द्वारा आयोजित IICDEM 2026 में 70 देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है।

तीन दिन के इस कार्यक्रम में:

  • चुनाव प्रबंधन निकायों (EMB) के सामान्य और पूर्ण सत्र

  • EMB नेताओं की बैठकें

  • वैश्विक चुनावी मुद्दों

  • अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानक

  • चुनावी प्रक्रियाओं में नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं

पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?

CEC ज्ञानेश कुमार का यह बयान न केवल SIR को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची की शुद्धता को लोकतंत्र की बुनियाद मानता है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा।

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