…तो इस बार मुख्तार अंसारी को बसपा नहीं देगी टिकट!

  • बसपा इस बार आपराधिक छवि वालों को टिकट देने से करेगी परहेज

जुबिली न्यूज डेस्क

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने विधानसभा चुनाव में टिकट देने की स्थिति को पूरी तरह से साफ कर दी है। इस बार जहां तक हो सकेगा बसपा आपराधिक छवि वालों को टिकट देने से परहेज करेगी। इसीलिए ऐसा माना जा रहा है कि बसपा विधायक मुख्तार अंसारी का टिकट मऊ से कट सकता है।

सूत्रों के मुताबिक बसपा उनके स्थान पर प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को मैदान में उतारने की सोच रही है। फिलहाल इस पर मंथन चल रहा है।

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बसपा ने साल 2017 विस चुनाव में मुख्तार अंसारी को मऊ और उनके बेटे अब्बास अंसारी को घोसी से टिकट दिया था। मुख्तार तो मऊ से चुनाव जीत गए, लेकिन उनका बेटा घोषी में बीजेपी उम्मीदवार फागू चौहान से चुनाव हार गया। फागू चौहान को 88298 और अब्बास अंसारी को 81295 वोट मिले।

सूत्रों का कहना है कि बुधवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुख्य सेक्टर प्रभारियों और जिलाध्यक्षों की बैठक में विस चुनाव टिकट बंटवारे को लेकर चर्चा के दौरान ही कहा कि इस बार आपराधिक छवि वालों को टिकट देने से बचना है। इसीलिए नाम भेजते समय इसका जरूर ध्यान रखा जाए।

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सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान मुख्तार को मऊ से टिकट न देने की भी बात आई। उनके स्थान पर बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को टिकट देने पर विचार-विमर्श हुआ।

प्रदेश अध्यक्ष भीम, राजभर बिरादरी से आते हैं। बसपा में राजभर नेताओं में रामअचल राजभर हुआ करते थे, लेकिन पंचायत चुनाव के दौरान गड़बड़ी पर उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। इसीलिए राजभर बिरादरी का साथ पाने के लिए भीम राजभर को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मायावती ने 7 सितंबर को प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी के समापन के दौरान उन्हें अपने साथ मंच पर बैठाकर इस समाज के लोगों को संदेश देने का काम किया।

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