बीजेपी विधायक ने नीतीश के मंत्रियों पर लगाया धन उगाही का आरोप

जुबिली न्यूज डेस्क

नीतीश कुमार के कामकाज से उनके अपने ही मंत्री-विधायक खुश नहीं है। गुरुवार को जहां समाज कल्याण मंत्री और जदयू के विधायक मदन सहनी ने मंत्री पद से इस्तीफा देने की बात कही तो वहीं भाजपा के दो नेताओं ने भी जमकर भड़ास निकाली और नेतृत्व की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया।

समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने नीतीश सरकार में ब्यूरोक्रेसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्री रहकर वे किसी की मदद नहीं कर पा रहे, तो इस पद पर रहने का कोई फायदा नहीं।

भाजपा नेताओं में नीतीश सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों में पहला नाम ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू का है। ज्ञानू ने ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए नीतीश के मंत्रियों पर पैसा खाने का आरोप लगाया।

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प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्रियों ने खूब मलाई मारी है। इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी को भी नहीं बख्शा और कहा कि भाजपा के 80 फीसदी मंत्रियों ने माल बटोरा है।

बीजेपी विधायक ने कहा कि जदयू में ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल से माल बटोरने वाले भाजपा के मुकाबले कम रहे, क्योंकि वहां सीएम नीतीश कुमार का डर है। उन्होंने कहा कि भाजपा मंत्रियों में तो किसी का डर भी नहीं है और इसलिए उन्होंने जमकर मनमानी की और अच्छी उगाही की।

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ज्ञानेंद्र सिंह ने आगे कहा कि अगर आज मंत्रियों के आवास पर छापेमारी की जाए, तो करोड़ों रुपए मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस वसूली अभियान के लिए मंत्रियों ने पुख्ता प्रबंध किए थे और मनचाही जगहों पर पोस्टिंग के लिए भारी-भरकम बोलियां लगवाई गईं।

दूसरे भाजपा विधायक ने कहा- हमारा मान-सम्मान दांव पर

दूसरी तरफ बिस्फी से बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने भी मदन सहनी की तरह ही विधायक पद की स्थिति को लेकर शिकायत की।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में विधायकों की स्थिति चपरासी से भी बद्तर हो गई है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर तक पर भ्रष्टाचार है, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती। अधिकारी तक विधायकों की बात नहीं सुनते। ‘

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 बचौल ने कहा -विधायक अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं, लोग उनके पास शिकायत लेकर आते हैं, लेकिन आखिर वे समस्याएं लेकर किसके पास जाएं। बचौल ने कहा कि हम किसी से अनुरोध तक नहीं कर सकते। विधायकों का मान-सम्मान दांव पर है।

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