भारत रत्न, पद्म विभूषण या पद्म भूषण, जानें रतन टाटा को कौन सा सम्मान मिला था?

जुबिली न्यूज डेस्क
दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का बुधवार देर रात निधन हो गया। टाटा समूह के मानद चेयरमैन की आयु 86 वर्ष थी। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एक बयान में रतन टाटा के निधन की पुष्टि की। रतन टाटा पिछले कुछ दिनों से वह दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे। रतन टाटा ने देश में अपनी सादगी से अलग ही पहचान बनाई थी। रतन टाटा को अपने जीवन में कई सम्मान मिले थे। जानते हैं कि आखिर उन्हें किन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

जानें भारत रत्न को कौन सा सम्मान मिला
बता दे कि रतन टाटा को साल 2000 में भारत सरकार की तरफ से पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। साल 2008 में उन्हें दूसरा सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से साल 2023 में उद्योग रत्न से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा रतन टाटा को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। हालांकि, अभी तक रतन टाटा को देश का सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान नहीं मिला था।
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रतन टाटा को मिले
| साल | पुरस्कार | देने वाली संस्था |
| 2000 | पद्म भूषण | भारत सरकार |
| 2004 | मेडल ऑफ द ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुगुवे | लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस |
| 2008 | पद्म विभूषण | भारत सरकार |
| 2008 | ओनररी डॉक्टर ऑफ लॉ | यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज |
| 2008 | ओनररी डॉक्टर ऑफ साइंस | आईआईटी, बॉम्बे |
| 2008 | ओनररी डॉक्टर ऑफ साइंस | आईआईटी खरगपुर |
| 2008 | ओनररी सिटिजन अवॉर्ड | सिंगापुर सरकार |
| 2016 | कमांडर ऑफ द लीजन ऑफ द ओनर | फ्रांस सरकार |
| 2023 | ओनररी ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया | किंग चार्ल्स III |
| 2023 | उद्योग रत्न | महाराष्ट्र सरकार |
टाटा समूह के रतन टाटा के नेतृत्व ने भारत के कॉर्पोरेट परिदृश्य को नया आकार दिया। टाटा की वैश्विक उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया। 1991 से 2012 तक उनके मार्गदर्शन में, टाटा समूह एक स्थानीय उद्यम से एक वैश्विक शक्ति के रूप में विकसित हुआ। इसने भारत की आर्थिक वृद्धि में योगदान दिया और लाखों लोगों को रोजगार प्रदान किया। बिजनेस से परे, परोपकार, शिक्षा और नैतिक शासन के प्रति टाटा की प्रतिबद्धता ने उन्हें भारत में एक सम्मानित व्यक्ति बना दिया है।



