जुबिली न्यूज डेस्क
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को अरविंद केजरीवाल की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन के खिलाफ याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। केजरीवाल की ओर से पेश सीनियर वकील ने कोर्ट को बताया कि वे इस केस को आगे नहीं बढ़ाना चाहते, क्योंकि समन के बाद ED के समक्ष पेश नहीं होने पर ट्रायल कोर्ट ने उन्हें पहले ही बरी कर दिया था।

हालांकि, ED की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि जांच एजेंसी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी।
ट्रायल कोर्ट में बरी होने के बाद लिया फैसला
पिछले महीने, 22 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को उनके खिलाफ दर्ज 2 अलग-अलग केस में बरी कर दिया था। ये केस कथित एक्साइज पॉलिसी स्कैम की जांच में शामिल होने के लिए जारी समन के बाद ED के सामने पेश नहीं होने के कारण दर्ज किए गए थे।
केजरीवाल की याचिका में मुख्य रूप से यह दावा किया गया था कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें संवैधानिक अधिकार हैं और समन की सही सर्विस पर कानूनी चुनौती दी जा सकती है।
ED के समन का इतिहास
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केजरीवाल ने 21 मार्च, 2024 को पेश होने के लिए जारी किए गए नौवें समन के बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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कोर्ट ने ED से पिटीशन की मेंटेनेबिलिटी पर जवाब मांगा और गिरफ्तारी से सुरक्षा की अर्जी पर भी जवाब देने को कहा। उसी शाम केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया।
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इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें PMLA के तहत अंतरिम बेल दी।
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सुप्रीम कोर्ट और मनी लॉन्ड्रिंग केस
केजरीवाल अभी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम बेल पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता पर विचार करने के लिए मामला बड़ी बेंच को भेजा है।
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