जुबिली न्यूज डेस्क
आंध्रप्रदेश: आंध्रप्रदेश में मंदिरों में उपयोग होने वाले घी को लेकर विवाद तेज हो गया है। विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार ने भी विरोधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी बीच विशाखापत्तनम उत्तर से विधायक विष्णु कुमार राजू ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि घी की खरीद की जांच सिर्फ तिरुपति तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे राज्य के सभी मंदिरों में जांच कराई जाए।

319 रुपये प्रति किलो का घी
विधायक ने आरोप लगाया कि अगर मंदिरों के लिए घी मात्र 319 रुपये प्रति किलो में खरीदा जा रहा है, तो यह भारी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि इस घी की खरीद में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
आरोपों की लंबी सूची
विष्णु कुमार राजू ने कहा कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान भी घी में मिलावट की बात सामने आई थी। उन्होंने पूर्व टीटीडी चेयरमैन वाई. वी. सुब्बा रेड्डी का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
साथ ही, उन्होंने जगन मोहन रेड्डी के परिवार पर भी लापरवाही का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि जब मिलावट की बात स्वीकार की जा चुकी थी, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
नकली घी की पुष्टि
इससे पहले आंध्रप्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा था कि एसआईटी (विशेष जांच टीम) की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल किया गया घी असली नहीं था।
पवन कल्याण ने आरोप लगाया कि लड्डू बनाने में केमिकल और पाम तेल का इस्तेमाल हुआ, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची।
जांच में सामने आए तथ्य
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एसआईटी का गठन किया था। जांच में पुष्टि हुई कि टीटीडी को सप्लाई किया गया घी मिलावटी था। जांच एजेंसी के अनुसार, एआर डेयरी, वैष्णवी डेयरी और भोले बाबा डेयरी की इस घी सप्लाई में भूमिका सामने आई है।
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