काबुल से भारतीयों को लेकर उड़ा वायुसेना का विमान

जुबिली न्यूज डेस्क

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे और देश में मचे हाहाकार के बाद भारत भी अपने राजदूत और दूतावास के कर्मचारियों को भारत वापस ला रहा है। इसके लिए भारतीय गृह मंत्रालय ने वीजा प्रावधानों में बदलाव भी किया है।

 

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि अफगानिस्तान में मौजूदा हालातों को देखते हुए काबुल में मौजूद भारतीय राजदूत और दूतावास कर्मचारियों को तुरंत भारत वापस लाने का फैसला किया गया है।

वहीं गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अफगानिस्तान में बदले हालातों के मद्देनजर भारतीय गृह मंत्रालय ने वीजा प्रावधानों में तुरंत कुछ बदलाव करने का भी फैसला लिया है। बदलाव के मुताबिक भारत आने वालों को तुरंत वीजा मिल सके इसके लिए ‘ई-इमर्जेंसी एक्स वीजा’ की एक अलग कैटगरी बनाई गई है।

भारतीय वायुसेना का C-17 मंगलवार सुबह काबुल से रवाना हुआ है। भारत का ये एयरक्राफ्ट अमेरिकी सैनिकों द्वारा एयरपोर्ट पर मुहैया कराई गई सुरक्षा के बीच से निकला है।

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अमेरिकी एजेंसियों ने काबुल एयरपोर्ट को सुबह ही दोबारा खुलवाया है। इस विमान में करीब 140 लोगों को वापस लाया जा रहा है। भारतीय राजदूत आर. टंडन समेत अन्य स्टाफ को भी काबुल से वापस लाने का फैसला किया गया है। इसके अलावा वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी जल्द से जल्द भारत वापस लाया जा रहा है।

इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि भारत लगातार काबुल में मौजूद हिंदू और सिख समुदाय के नेताओं के साथ संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिकताओं में से एक है।

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एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि उन्होंने अफगानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ चर्चा की है और काबुल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही बहाल करने को लेकर भी बात की है।

उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होने वाली है जिसमें भारत अपनी चिंताएं साझा करेगा।

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