हिजाब, हलाल मीट के बाद अब कर्नाटक में इस पर छिड़ा विवाद

जुबिली न्यूज डेस्क

कर्नाटक में पिछले कुछ समय में किसी न किसी मुद्दे पर विवाद बना हुआ है। पहले हिजाब, फिर हलाल मीट और अब एक नया विवाद शुरु हो गया है।

इन सब विवादों के बीच अब लाउडस्पीकर का मामला तूल पकड़ रहा है। प्रदेश में कई संगठनों ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

अब इस मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि ये हाई कोर्ट का आदेश है और इसमें किसी को मजबूर करने की बात नहीं है।

पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा- कुछ लोगों से बात करके समझाना पड़ता है कि ये सिर्फ अजान के लिए नहीं है। ये सभी लाउडस्पीकरों के लिए हैं। इसलिए हम इस पर कोई फैसला करेंगे।

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एक दिन पहले कर्नाटक सरकार में मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा था कि राज्य के मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर चिंता का समाधान निकालना होगा।

दरअसल ये सारा मामला महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनकी पार्टी के कार्यकर्ता मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा पढ़ेंगे, अगर राज्य सरकार मस्जिदों के बाहर से लाउडस्पीकर नहीं हटाएगी।

ईश्वरप्पा ने इसी के बाद कहा था कि उन्हें मुसलमानों के नमाज पढऩे पर कोई आपत्ति नहीं है, उन्हें लाउडस्पीकरों से आपत्ति है। उन्होंने कहा कि अगर मंदिर और चर्च में भी इसी तरह प्रार्थना होने लगी, तो समुदायों के बीच संघर्ष हो सकता है।

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