फाल्टा उपचुनाव से TMC उम्मीदवार जहांगीर खान का नाम वापस, बंगाल की सियासत गरमाई

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को होने वाले उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला कर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने 2026 के विधानसभा उपचुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है।
‘विकास और जनहित’ का दिया हवाला
जहांगीर खान ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला फाल्टा के विकास और जनहित को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के विशेष विकास पैकेज के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने पोस्ट में “जय हिंद, जय फाल्टा” भी लिखा।
TMC ने कहा- यह पार्टी का फैसला नहीं
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार का नाम वापस लेना उनका व्यक्तिगत फैसला है, पार्टी का नहीं। पार्टी का कहना है कि क्षेत्र में कार्यकर्ताओं पर दबाव और हिंसा जैसी स्थितियों के बावजूद संगठन मजबूती से काम कर रहा है।
TMC के अनुसार, फाल्टा क्षेत्र में कई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, पार्टी दफ्तरों में तोड़फोड़ और कब्जे की शिकायतें मिली हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
BJP का पलटवार: “जनता का समर्थन हमारे साथ”
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने इसे विपक्ष की हार और दबाव का नतीजा बताया है। BJP का कहना है कि जहांगीर खान ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उन्हें जनता का समर्थन नहीं मिल रहा था।
कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक कमजोरी करार देते हुए कहा कि फाल्टा में जनता बदलाव चाहती है और परिणाम विपक्ष के खिलाफ जाएगा।
चुनावी विवाद और कानूनी स्थिति
जानकारी के अनुसार, धांधली के आरोपों को लेकर जहांगीर खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस FIR पर 26 मई तक अंतरिम रोक लगा दी है।
फाल्टा उपचुनाव पर बढ़ा सियासी तनाव
इस सीट पर अब मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है क्योंकि मैदान में दिग्बांशु पांडा (BJP) और शंभु कुर्मी (CPM) जैसे उम्मीदवार डटे हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल सकता है और मतदान से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
फाल्टा उपचुनाव अब केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत और दबाव की परीक्षा बन गया है। जहां एक तरफ TMC इसे विकास और प्रशासनिक दबाव से जोड़ रही है, वहीं BJP इसे जनसमर्थन का संकेत बता रही है। मतदान 21 मई को होगा और नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।



