महराजगंज में CM योगी का बड़ा बयान, बोले- भारत-नेपाल के रिश्ते ‘रोटी-बेटी’ जैसे मजबूत

उत्तर प्रदेश के Maharajganj में ₹208 करोड़ से अधिक की जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भारत-नेपाल संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश साझा विरासत और गहरे सांस्कृतिक रिश्तों से जुड़े हुए हैं।
“भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का संबंध”
Yogi Adityanath ने कहा कि भारत और नेपाल मित्र देशों के रूप में एक साझी विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों देशों के बीच “रोटी-बेटी” का रिश्ता है और दोनों देशों के लोग बिना किसी बाधा के एक-दूसरे के यहां आते-जाते हैं।
उन्होंने कहा कि बौद्ध तीर्थ स्थलों की वजह से पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर रहती है, इसलिए सीमावर्ती इलाकों का विकास और सुरक्षा बेहद जरूरी है।
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महराजगंज, नौतनवा और फरेंदा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को विकास के मामले में खुद को पिछड़ा महसूस नहीं होना चाहिए। साथ ही नेपाल से आने वाले लोगों को भी किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
“डबल इंजन सरकार गरीबों की सुन रही”
Yogi Adityanath ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार गरीबों की समस्याओं को सुन रही है और उनका समाधान भी कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को नकारात्मक राजनीति और भ्रम फैलाने वाले नैरेटिव से बचना चाहिए।
लिपुलेख विवाद के बीच आया बयान
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में नेपाल ने कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग को लेकर सीमा संबंधी दावे दोहराए थे। नेपाल ने लिपुलेख क्षेत्र का जिक्र किया था, जिस पर भारत ने कहा कि यह मार्ग 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इस्तेमाल होता रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीमावर्ती जिले में दिया गया यह बयान भारत-नेपाल संबंधों को लेकर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।



