सोना-चांदी पर सरकार का बड़ा फैसला, इंपोर्ट ड्यूटी 15% हुई; कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट टैरिफ को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। सरकार के इस बड़े फैसले के बाद घरेलू बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। माना जा रहा है कि सरकार ने यह कदम गोल्ड इंपोर्ट कम करने, चालू खाता घाटा (CAD) नियंत्रित करने और रुपये को मजबूती देने के लिए उठाया है।
MCX पर चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर चांदी का जुलाई कॉन्ट्रैक्ट करीब 7.25% की तेजी के साथ 2,99,283 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। वहीं सोने की कीमत 1,62,648 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई, डॉलर की मजबूती और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
देश के बड़े शहरों में सोने का ताजा भाव
| शहर | 24 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹16,804 | ₹14,331 |
| मुंबई | ₹16,789 | ₹15,390 |
| चेन्नई | ₹15,634 | ₹14,331 |
| कोलकाता | ₹16,789 | ₹15,390 |
| बेंगलुरु | ₹16,789 | ₹15,390 |
| केरल | ₹16,789 | ₹15,390 |
| वडोदरा | ₹16,794 | ₹15,395 |
| अहमदाबाद | ₹16,794 | ₹15,395 |
| पुणे | ₹16,789 | ₹15,390 |
चांदी की कीमतों में भारी उछाल
सरकार के फैसले के बाद रिटेल और वायदा बाजार दोनों में चांदी करीब 16,675 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई। चेन्नई में चांदी का भाव 3,00,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया, जबकि दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में कीमतें 2,90,100 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई हैं।
सरकार ने क्यों बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी?
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना और चांदी विदेशों से आयात करता है। इसका भुगतान डॉलर में होता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण डॉलर की मांग लगातार बढ़ रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कारोबारी साल 2025-26 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट 24% बढ़कर 71.98 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इससे देश का व्यापार घाटा बढ़कर 333.2 अरब डॉलर हो गया, जबकि चालू खाता घाटा (CAD) GDP के 1.3% तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर सरकार गैर-जरूरी आयात कम करना चाहती है ताकि रुपये पर दबाव घटे और विदेशी मुद्रा भंडार को राहत मिल सके।



