प्रतीक यादव का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन: सिविल अस्पताल की रिपोर्ट में ‘पॉइजनिंग’ का अंदेशा, KGMU पहुँचे अखिलेश यादव

सपा संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। लखनऊ के सिविल अस्पताल द्वारा जारी आधिकारिक बयान में इस मामले को ‘सस्पेक्टेड पॉइजनिंग’ (जहर का संदेह) बताया गया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। प्रतीक को अस्पताल में ‘ब्रॉट डेड’ (मृत अवस्था में) लाया गया था।

ड्राइवर पहुँचा था अस्पताल, घर पर नहीं थी हलचल

सिविल अस्पताल के प्रशासन के अनुसार, प्रतीक यादव के ड्राइवर ने अस्पताल पहुँचकर सूचना दी थी कि उनकी तबीयत खराब है। जब डॉक्टर उनके आवास पर पहुँचे, तो प्रतीक के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। अस्पताल लाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों को मामला संदिग्ध लगने के कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) रेफर कर दिया गया है।

भाई के दुख में पहुँचे अखिलेश यादव

प्रतीक के निधन की खबर मिलते ही उनके बड़े भाई और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। कुछ ही देर बाद अखिलेश यादव स्वयं KGMU अस्पताल पहुँचे, जहाँ प्रतीक का पार्थिव शरीर रखा गया है।

क्या स्वास्थ्य में था उतार-चढ़ाव?

रिपोर्ट्स के अनुसार, 30 अप्रैल को भी प्रतीक को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। तीन दिनों के इलाज के बाद वे डिस्चार्ज हुए बिना ही घर लौट आए थे। उस दौरान अखिलेश यादव ने अस्पताल जाकर उनका हाल-चाल भी लिया था।

फिटनेस प्रेमी और राजनीति से दूर

ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से शिक्षित प्रतीक यादव हमेशा राजनीति की चकाचौंध से दूर रहे। उन्होंने अपना करियर रियल एस्टेट और जिम बिजनेस में बनाया। अपनी शानदार फिजीक के लिए पहचाने जाने वाले प्रतीक का इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में जाना कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है, जिनका जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मिल सकेगा।

Related Articles

Back to top button