ATF कीमतों में भारी उछाल से एयरलाइंस संकट में, FIA ने सरकार से लगाई गुहार

नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों Air India, IndiGo और SpiceJet के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक अर्जेंट पत्र लिखकर तत्काल राहत की मांग की है। एयरलाइंस का कहना है कि यदि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो उड़ानें रद्द करने और विमान ग्राउंड करने की स्थिति बन सकती है।

FIA के अनुसार वेस्ट एशिया में जारी तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 118 डॉलर तक पहुंच गईं, जिसका सीधा असर ATF पर पड़ा।
ATF की कीमत 87 डॉलर से बढ़कर 260 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जो लगभग 295 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। फिलहाल यह करीब 235 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड और ATF के बीच का क्रैक स्प्रेड भी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है, जो पहले 11-18 डॉलर था, अब बढ़कर 132 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
इसके चलते एयरलाइंस का परिचालन लागत में बड़ा इजाफा हुआ है। सामान्यतः ATF कुल लागत का 30-40% होता है, लेकिन अब यह बढ़कर 55-60% तक पहुंच गया है। कमजोर रुपये ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

FIA ने चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले ही भारी नुकसान में चल रही हैं और अगर यही स्थिति रही तो कई रूट बंद करने पड़ सकते हैं।

एयरलाइंस संगठन ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—

  1. क्रैक बैंड मैकेनिज्म को बहाल किया जाए, जिसे दिसंबर 2024 में बंद कर दिया गया था।
  2. 11% एक्साइज ड्यूटी को अस्थायी रूप से हटाया या स्थगित किया जाए।
  3. राज्यों में ATF पर लगने वाला VAT कम किया जाए, जो 16% से 29% तक है।

दिल्ली में ATF पर 25%, तमिलनाडु में 29% और मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद व कोलकाता में 16% से 20% तक VAT लगाया जाता है। FIA का कहना है कि ये शहर देश के 50% से अधिक हवाई संचालन को प्रभावित करते हैं।

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