वायरल वीडियो का सच: क्या ‘व्हाइट हाउस’ को पहले से था हमले का इल्म? प्रेस सचिव के ‘Shots Fired’ वाले बयान पर मचा बवाल

वॉशिंगटन डी.सी.। हिल्टन होटल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने सनसनी मचा दी है। इस वीडियो में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट को हमले से कुछ घंटे पहले ‘गोलीबारी’ (Shots Fired) शब्द का इस्तेमाल करते सुना जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर यह बहस छिड़ गई है कि क्या प्रशासन को इस साजिश की जानकारी पहले से थी?

हमले के तुरंत बाद लेविट का एक साक्षात्कार क्लिप वायरल हुआ, जिसमें वे रात के कार्यक्रम (कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर) के बारे में चर्चा कर रही थीं।

  • क्या कहा लेविट ने: साक्षात्कार के दौरान माहौल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप शाम को और भी रोचक बना देंगे और वहाँ “Shots will be fired” (गोलीबारी होगी)।
  • सोशल मीडिया का रिएक्शन: साजिश की थ्योरी (Conspiracy Theory) पसंद करने वाले यूजर्स ने दावा किया कि प्रेस सचिव ने गलती से हमले की पूर्व सूचना लीक कर दी।

इस सनसनीखेज दावे की जब पड़ताल की गई, तो सच कुछ और ही निकला। दरअसल, अंग्रेजी में “Shots Fired” एक प्रचलित मुहावरा है, जिसका इस्तेमाल किसी तीखे कटाक्ष, धमाकेदार भाषण या जोरदार बहस के संदर्भ में किया जाता है।

  1. कटाक्ष का संदर्भ: चूंकि ट्रंप और मीडिया के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं, लेविट का इशारा इस ओर था कि ट्रंप अपने भाषण से मीडिया पर तीखे ‘शब्द बाण’ चलाएंगे।
  2. गलत व्याख्या: हमले की वास्तविक घटना के बाद, लोगों ने उनके इस मुहावरेदार बयान को शाब्दिक अर्थ में लेकर इसे ‘पूर्व-योजना’ (Pre-planned) करार दे दिया।

व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि हमले में राष्ट्रपति और सभी गणमान्य सुरक्षित हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीक्रेट सर्विस की बहादुरी की सराहना की। प्रशासन ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया है जो लेविट के बयान को हिंसा से जोड़ रहे हैं। इसे केवल एक ‘दुखद संयोग’ और मुहावरे का गलत अर्थ निकालना बताया गया है।

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