अब पुल बनेंगे निशाना! ईरान की नई ‘हिट लिस्ट’ से बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग लगातार खतरनाक मोड़ ले रही है। भारी हमलों के बावजूद ईरान ने झुकने से इनकार कर दिया है और ड्रोन व मिसाइल हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।

शुक्रवार को ईरान के बुशहर प्रांत में ड्रोन हमला हुआ, जिसमें रेड क्रिसेंट के गोदाम को निशाना बनाया गया। इस हमले में राहत सामग्री के कंटेनर, बसें और एम्बुलेंस नष्ट हो गईं, जिससे मानवीय संकट और गहरा गया है।

इजरायल ने ईरान पर मिसाइल दागे, वहीं ईरान ने भी पलटवार करते हुए रामत गन में हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत और कई घायल हुए। दोनों देशों के बीच लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को मार गिराया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे तनाव और बढ़ गया है।

जंग का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिख रहा है। कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे आग लग गई। बहरीन में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

ईरान ने खाड़ी और जॉर्डन क्षेत्र के कई अहम पुलों को संभावित जवाबी हमलों की सूची में शामिल किया है। इनमें सऊदी अरब-बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे और यूएई के प्रमुख पुल भी शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ढांचों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि नागरिक ढांचों पर हमले से ईरान झुकेगा नहीं, बल्कि यह दुश्मन की कमजोरी को दर्शाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास अभी भी बड़ी संख्या में मिसाइल और हजारों एक्टिव ड्रोन मौजूद हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह संघर्ष और व्यापक हो सकता है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता पर खतरा मंडरा रहा है।

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