सिर्फ भारत ने खोए अपने नाविक’, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री का बड़ा बयान

लंदन/नई दिल्ली: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच, भारत ने वैश्विक स्तर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की पुरजोर वकालत की है। ब्रिटेन द्वारा आयोजित 60 से अधिक देशों की एक उच्च स्तरीय बहुपक्षीय बैठक में भारत का पक्ष रखते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने स्पष्ट किया कि समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा स्थिरता के लिए इस जलमार्ग का खुला रहना अनिवार्य है।

भारतीय नाविकों की शहादत पर भारत सख्त

भारत ने इस बैठक में एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा उठाया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसने इस हालिया संकट के दौरान अपने नाविकों को खोया है।

  • हताहत: अब तक हॉर्मुज क्षेत्र में विदेशी झंडों वाले जहाजों पर तैनात 3 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है।
  • घायल: एक भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल है।
  • चुनौती: क्षेत्र में कई जहाज फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और भारतीय मरीन के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।

ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा पर सीधा प्रहार

विदेश मंत्रालय (MEA) ने चिंता जताते हुए कहा कि हॉर्मुज की मौजूदा स्थिति का भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर पड़ा है। भारत अपनी तेल और गैस आपूर्ति के लिए इस मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है। विक्रम मिस्री ने जोर देकर कहा:

“समुद्री सुरक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर सकता है। सभी पक्षों को बातचीत और कूटनीति की मेज पर आना चाहिए, क्योंकि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।”

खाड़ी देशों में फंसे 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय प्रवासी रहते हैं। संघर्ष की शुरुआत से अब तक कुल 8 भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति लापता है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि:

  1. सभी भारतीय दूतावास नागरिकों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।
  2. नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष ‘इमरजेंसी प्रोटोकॉल’ लागू किए गए हैं।
  3. वर्तमान में शेष भारतीय समुदाय सुरक्षित है।

सफल रेस्क्यू ऑपरेशन: अज़रबैजान बना मददगार

भारत ने अपनी कुशल कूटनीति का परिचय देते हुए ईरान में फंसे 204 भारतीय नागरिकों को अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाल लिया है। भारत सरकार ने इस जटिल ऑपरेशन में सहयोग के लिए अज़रबैजान सरकार का आभार व्यक्त किया है। मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य नागरिकों की वापसी के लिए भी निकासी अभियान जारी रह सकते हैं।

विश्लेषण: हॉर्मुज स्ट्रेट क्यों है भारत के लिए महत्वपूर्ण?

मुख्य बिंदुविवरण
व्यापार मार्गदुनिया का लगभग 20% कच्चे तेल का व्यापार इसी संकीर्ण जलमार्ग से होता है।
भारतीय अर्थव्यवस्थाभारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रूट से आने वाले टैंकरों से पूरा होता है।
मानवीय पहलूवैश्विक मर्चेंट नेवी में भारतीयों की बड़ी हिस्सेदारी है, जिससे उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है।

भारत ने 60 देशों के सामने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह न केवल अपनी ऊर्जा सुरक्षा बल्कि अपने नागरिकों की जान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक सक्रिय रहेगा। अब दुनिया की नजरें ईरान और अन्य वैश्विक शक्तियों पर हैं कि वे भारत की इस ‘डिप्लोमेसी फर्स्ट’ अपील पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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