‘ट्रंप के बयान’ से दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार: सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, निवेशकों के 11 लाख करोड़ स्वाहा

मुंबई/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर “जोरदार हमले” की चेतावनी ने वैश्विक बाजारों सहित भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) की नींव हिला दी है। गुरुवार की सुबह दलाल स्ट्रीट के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही, जहाँ बाजार खुलते ही ताश के पत्तों की तरह ढह गया। ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-US War) खिंचने की आशंका और कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को बुरी तरह बिगाड़ दिया है।

बाज़ार का ‘ब्लैक थर्सडे’: मुख्य आंकड़े

  • सेंसेक्स की डुबकी: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1,385.82 अंक (1.89%) गिरकर 71,748.50 पर आ गया।
  • निफ्टी का हाल: निफ्टी 50 में 426.40 अंकों (1.88%) की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 22,253.00 के स्तर पर पहुंच गया।
  • निवेशकों को चपत: बाजार खुलने के मात्र एक मिनट के भीतर निवेशकों की करीब 11 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई।
  • मार्केट कैप: बीएसई का मार्केट कैप बुधवार के 422.01 लाख करोड़ रुपये से घटकर 412 लाख करोड़ रुपये के करीब आ गया।

बाज़ार में ‘कोहराम’ की 4 बड़ी वजहें

1. ट्रंप का आक्रामक रुख और ‘अदृश्य’ रोडमैप

ट्रंप ने अपने संबोधन में युद्ध खत्म करने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं बताया, बल्कि यह कहकर तनाव और बढ़ा दिया कि अगले दो-तीन हफ्तों में अमेरिका ईरान पर “बेहद जोरदार” हमला करेगा। इस अनिश्चितता ने एशियाई बाजारों में दहशत पैदा कर दी।

2. कच्चा तेल $105 के पार

ट्रंप के भाषण में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोलने पर कोई स्पष्टता न मिलने से तेल की कीमतों में आग लग गई है।

  • ब्रेंट क्रूड: 4% की बढ़त के साथ $105 प्रति बैरल के पार।
  • WTI क्रूड: 3% उछलकर $103 के ऊपर।भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार है।

3. विदेशी निवेशकों (FPIs) की भारी बिकवाली

युद्ध की आहट और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। अकेले 1 अप्रैल को एफपीआई ने 8,331.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिसने बाजार की गिरावट को और तेज कर दिया।

4. एशियाई बाजारों में ‘पैनिक सेल’

भारतीय बाजार ने वैश्विक संकेतों का पीछा किया। जापान का निक्केई (Nikkei) और कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 4% तक टूट गए। ट्रंप के बयान कि ‘रणनीतिक उद्देश्य पूरे होने वाले हैं’ पर बाजार को भरोसा नहीं हुआ, क्योंकि जमीनी हकीकत युद्ध की ओर इशारा कर रही है।

क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का पेंच?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सारा डर इस जलमार्ग को लेकर है। दुनिया का 25% तेल इसी रास्ते से आता है। ट्रंप ने अभियान खत्म करने की बात तो की, लेकिन ईरान इस रास्ते को खोलेगा या नहीं, इस पर सस्पेंस बरकरार है। इसी वजह से ऑयल और गैस से जुड़े शेयरों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है।

एडवाइजरी: बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए रिटेल निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले न लेने और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

बाजार की स्थिति (सुबह 09:16 बजे)

इंडेक्सगिरावट (अंक)गिरावट (%)वर्तमान स्तर
BSE सेंसेक्स1,385.821.89%71,748.50
NSE निफ्टी426.401.88%22,253.00

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