बंगाल में ममता को हराने के लिए ये है BJP का प्लान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के बाद राज्य की सियासत में तेजी है। ओपिनियन पोल्स में टीएमसी को 184-194 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि बीजेपी 77 सीटों तक सिमट सकती है।

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी रणनीति में कई बदलाव किए हैं, जो पिछले चुनावों में मिले सबक पर आधारित हैं।

पार्टी ने राज्य को 5-6 जोन में बांटकर अन्य राज्यों के संगठन मंत्रियों और अनुभवी नेताओं को तैनात किया है। बूथ स्तर पर 75-93 हजार बूथ प्रमुखों की बहाली पूरी की गई, पुराने कैडर और हिंसा प्रभावित कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाया जा रहा है।

प्लान 100+’ औरमिशन 160′

नितिन नवीन की अगुवाई में 100+ सीटों पर फोकस, सीमावर्ती इलाकों, जमीनी आंदोलन और वोट गैप पाटने की गोपनीय रणनीति बनी जिसमे 2021 में जीत के करीब वाली सीटों पर खास जोर, महिलाओं, रोजगार, कानून-व्यवस्था और स्थानीय भ्रष्टाचार पर प्रहार करना शामिल है ।

भाजपा ने हर विधानसभा के लिए अलग ‘चार्जशीट’ जारी कर टीएमसी विधायकों और सरकार की विफलताओं को घर-घर पहुंचाने का कार्यक्रम तय किया है  । ममता के बजाय टीएमसी पर सीधा अटैक, क्षेत्र-विशेष नैरेटिव, बाहरी नेताओं की बजाय स्थानीय अपनों पर भरोसा भाजपा की रणनीति है ।

बीजेपी की ‘प्लान 100+’ रणनीति पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में 100 से अधिक सीटों पर फोकस करती है, लेकिन विशिष्ट सीटों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

यह योजना मुख्य रूप से 2021 में टीएमसी से करीबी अंतर से हारी सीटों, सीमावर्ती जिलों (जैसे मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर) और बीजेपी के मजबूत क्षेत्रों जैसे दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, बांकुरा पर केंद्रित है। पार्टी ने 77-90 सीटों वाले ओपिनियन पोल लक्ष्यों को पार करने के लिए इन्हें प्राथमिकता दी है।

क्या कर रही हैं ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने एक झटके में 291 उम्मीदवारों की सूची जारी कर उम्मीदवार चयन को साफ कर दिया, जिसमें 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे गए। उन्होंने बीजेपी के फॉर्मूले को अपनाते हुए सर्वे के आधार पर निगेटिव विधायकों को हटाया और युवाओं को मौका दिया। घोषणापत्र में महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं को नौकरियां, कृषि-बुनियादी ढांचे पर निवेश जैसे लोकलुभावन वादे किए गए।

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के कुछ घंटों बाद चुनाव आयोग ने शीर्ष नौकरशाहों के तबादले का आदेश दिया, जिसके खिलाफ टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी। ममता ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और आयोग पर बीजेपी के इशारे पर विपक्ष को कुचलने का आरोप लगाया। मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को भी अनुचित बताते हुए उन्होंने केंद्र की हस्तक्षेप की आलोचना की।

बीजेपी की चुनौती और ममता की रणनीति

बीजेपी ने जहाँ ‘मिशन 160’ शुरू कर वोट गैप पाटने के लिए बूथ स्तर पर माइक्रो-मैनेजमेंट और प्रवासी कार्यकर्ताओं पर फोकस किया है। वहीँ ममता ने बंगाली अस्मिता, संघीय ढांचे की रक्षा और ‘जय बंगला’ का नारा बुलंद कर केंद्र के खिलाफ आक्रमक रुख अपनाया हुआ है । महिलाओं और मुस्लिम वोटरों में मजबूत पकड़ के साथ वे सीएम रेस में 48.5% समर्थन के साथ  फिलहाल आगे हैं।

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