जुबिली न्यूज डेस्क
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “दोषी बचे नहीं और निर्दोष फंसे नहीं।” अखिलेश ने चेताया कि इस कानून से सवर्ण समाज और सामान्य वर्ग के लोगों में असंतोष बढ़ रहा है, और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

अखिलेश ने कहा कि केंद्र सरकार को कानून बनाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी के साथ अन्याय न हो। उनका कहना था कि यूजीसी का नया नियम अब केंद्र सरकार के लिए ‘गले की फांस’ बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट में इस नियम के खिलाफ कम से कम 20 याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
सपा प्रमुख ने माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार ने परंपरा को तोड़ा, उन्हें स्नान करने से रोका गया। अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “BJP धर्म की ठेकेदार बनती है।”
इसके अलावा उन्होंने विकसित भारत जी-राम-जी पर सवाल उठाए। बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के संबोधन का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि किसान की आय दोगुनी नहीं हुई, मेट्रो योजनाएं अधूरी हैं, और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कई बड़े वादे पूरे नहीं हो पाए।
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अखिलेश का यह बयान सवर्ण समाज और छात्र संगठनों के बीच चल रहे UGC विवाद में राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
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