भारत को आर्थिक मदद क्यों? ट्रंप ने उठाए सवाल

जुबिली स्पेशल डेस्क

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने नीतिगत फैसलों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हमास और यूक्रेन पर सख्त रुख अपनाने के बाद अब उन्होंने भारत को लेकर भी कड़े बयान दिए हैं।

ट्रंप ने भारत में चुनावों के लिए कथित तौर पर अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) से दी जाने वाली आर्थिक मदद पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “भारत को इस पैसे की जरूरत नहीं है। भारत हमसे पहले ही काफी लाभ उठा रहा है, खासकर उच्च टैरिफ के जरिए।” ट्रंप ने अमेरिका की ओर से भारत को चुनावी फंडिंग के तौर पर 18 मिलियन डॉलर (करीब 150 करोड़ रुपये) देने पर सवाल उठाया।

‘भारत को हमारी जरूरत नहीं’ – ट्रंप

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (CPAC) को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा: “आखिर क्यों? हम भारत को उसके चुनावों में मदद करने के लिए 18 मिलियन डॉलर क्यों दे रहे हैं? क्यों न हम पुराने पेपर बैलेट का इस्तेमाल करें और उन्हें अपने चुनावों में खुद संभालने दें? भारत को इस पैसे की जरूरत नहीं है।”

भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या असर?

ट्रंप के इस बयान के बाद भारत-अमेरिका संबंधों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने भारत के उच्च टैरिफ नीति को लेकर भी अपनी पुरानी आलोचना दोहराई।

अब देखना होगा कि भारत इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या ट्रंप की नीतियों का असर भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ता है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी चुनावी फंडिंग विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,”मुझे लगता है कि ट्रंप प्रशासन के लोगों द्वारा कुछ जानकारी सामने रखी गई है, और जाहिर है कि यह चिंताजनक है। इससे पता चलता है कि कुछ गतिविधियां हो रही हैं, जिनका उद्देश्य किसी खास विमर्श या दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।” उन्होंने आगे कहा, “एक सरकार के रूप में, हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। ऐसे संगठनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे पूरी जानकारी दें, और मेरा मानना है कि जल्द ही सभी तथ्य सामने आएंगे।”

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