क्या केरल में कांग्रेस और CPM की राहें अलग-अलग हुई?

नई दिल्ली। दक्षिण भारत के राज्य केरल में विपक्षी गठजोड़ इंडिया को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि यहां पर कांग्रेस मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) दोनों ही अलग राह पर चलने की तैयारी में है।

सीपीएम के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए 15 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों की। उनमें राज्य की पूर्व मंत्री के.के. शैलजा और टी.एम. थॉमस आइजैक को भी टिकट दिया गया है जबकि देवस्वओम मंत्री के. राधाकृष्णन सहित 4 मौजूदा विधायकों को भी प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लडऩे के लिए तैयार किया गया है।

वहीं अभिनेता से विधायक बने मुकेश और वी. जॉय को भी लोकसभा चुनाव लडऩे के लिए चुना गया। 2 मौजूदा सांसदों – ए.एम. आरिफ (लोकसभा) और ई. करीम (राज्यसभा) – को भी उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। दूसरी तरफ सीपीएम के गठबंधन सहयोगी – भाकपा और केरल कांग्रेस (एम) – पहले ही उम्मीदवारों का ऐलान किया जा चुका है। भाकपा ने केरल की 4 लोकसभा सीटों का ऐलान सोमवार को किया था।

इसमें अहम वायनाड सीट से भी उम्मीदवार का भी ऐलान किया है। बता दें कि वायनाड सीट से अभी राहुल गांधी सांसद है। ऐसे में ये देखना होगा कि वो अपनी सीट छोड़ते हैं या नहीं।

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