यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसलिए की यहूदियों से चुप्पी तोड़ने की अपील

जुबिली स्पेशल डेस्क

रूस लगातार यूक्रेन पर अपना शिकंजा कसता जा रहा है। रूस ने अब यूक्रेन को चारों तरफ से घेर लिया है और लगातार बमबारी कर रहा है। हालांकि यूक्रेन भी रूस को तगड़ा जवाब दे रहा है।

दोनों ओर से आर-पार लड़ाई देखने को मिल रही है। दोनों देशों के बीच आज जंग का सातवां दिन है लेकिन अभी तक यूक्रेन ने घुटने नहीं टेके है और वो डटकर रूस का सामना कर रहा है।

उधर रूसी हमले के बाद राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यहूदी समुदाय से चुप्पी तोडऩे की अपील की है। ऐसे में सवाल यह है कि राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने क्यों इस तरह की अपील की है।

दरअसल बेबिन यार होलोकास्ट मेमोरियल पर यूक्रेन ने रूस पर मिसाइल हमला करने का आरोप लगाया है। यह स्मारक यहूदियों के नरसंहार की याद को ताजा कर रहा है। इसको लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति ने ट्वीट करते हुए दुनिया से कहा, 80 साल तक ऐसा दोबारा नहीं होगा कहने का क्या फायदा हुआ। अगर दुनिया बाबी यार स्मारक पर बम गिराने को लेकर चुप है? 5 लोगों की मौत हो चुकी है। इतिहास खुद को दोहरा रहा है।

बाबी यार में नाजियों क्यों हुआ जिक्र

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के कार्यालय के प्रमुख आंद्रे यरमाक ने फेसबुक पर कहा, कि उस स्थान पर शक्तिशाली मिसाइल हमला किया जा रहा है जहां (बाबी) यार स्मारक है। बाबी यार में नाजियों ने सितंबर 1941 में 48 घंटे के भीतर करीब 33,000 यहूदियों की हत्या कर दी थी। यहूदी इतिहास के मुताबिक 1941 में नाजी फोर्स ने बेबिन यार पर कब्जा जमा लिया था। इसी दौरान उसने 33 हजार यहूदियों का कत्ल कर दिया था। ये हत्याएं हिटलर के शासन वाले जर्मनी के सैनिकों ने की थीं। ऐसे में इस स्थान पर मिसाइल गिरने को जेलेंस्की मुद्दा बना रहे हैं।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक जेलेंस्की ने कहा, ‘मैं अब दुनिया भर के यहूदियों को संबोधित कर रहा हूं। क्या आप नहीं देख रहे हैं कि यहां क्या हो रहा है? चुप्पी में ही नाजीवाद पैदा हो जाता है। इसलिए नागरिकों की हत्याओं पर चिल्लाइए।’

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